आँचल की जोरदार चुदाई

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम kamukta वीरेन है और में आज आप सभी को अपनी एक सच्ची story बताने जा रहा हूँ जो कि मेरे साथ हाल ही में घटी है. दोस्तों मेरी उम्र 23 साल है. मेरा रंग गोरा और मेरी हाईट 5.11 इंच है. मेरे लंड का साईज़ 8.5 इंच है और 5 इंच मोटा है. में एक कॉलेज में पढ़ता हूँ. उसी कॉलेज में मेरी एक इलेक्ट्रॉनिक लेब की एक मेडम है.

उनका नाम आँचल है और उनकी उम्र करीब 26 साल है और वो अभी तक कुँवारी है. में उन्हे देखकर हमेंशा पागल हो जाता हूँ क्योंकि वो बहुत ही सुंदर दिखती है. उनके फिगर का साईज करीब 36-32-34 है, लेकिन उनका रंग गेंहुआ है, मतलब गोरी से थोड़ा सा कम और सावलीं से ज़्यादा. में उनको अधिकतर समय घूरता रहता था. वो भी मुझे देखा करती थी और बस दूर से ही मुस्कुराकर रह जाती थी, लेकिन में जब भी उनको देखता तो मुझसे बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं होता था. मेरा मन करता था कि में उन्हे वहीं पर चोद दूं, लेकिन में मजबूर था.

तो एक दिन की बात है, हमारे क्लास का लेब हो रहा था और में उनको लगातार देख रहा था और जब अचानक से उन्होंने मेरी तरफ देखा तो मैंने उनकी तरफ आँख मार दी. तो वो हड़बड़ाकर इधर उधर देखने लगी कि कोई हमें देख तो नहीं रहा. लेकिन किस्मत से उस समय हमें किसी ने नहीं देखा था. फिर कुछ देर के बाद जब सभी बच्चे लेब ख़त्म होने के बाद क्लास से बाहर जाने लगे तो में जानबूझ कर सबसे पीछे निकाला और फिर मेडम ने मुझे रोक लिया और उसने मुझसे पूछा.

आँचल : तुमने मुझे आंख कैसे मारी?

वीरेन : वो तो बहुत सीधा काम है, क्या तुम्हे वो पसंद आया?

फिर मैंने उनके बूब्स को पकड़कर दबा दिया

आँचल : आऊच तुम यह क्या कर रहे हो, तुम्हे कुछ होश भी है या नहीं?

तो मैंने उनकी साड़ी के ऊपर से ही चूत पर अपना एक हाथ रखकर कहा कि में आपको बहुत प्यार करता हूँ और आपके साथ सेक्स करना चाहता हूँ.

आँचल : तुम यह क्या कर रहे हो, बंद करो यह सब, हमें कोई देख लेगा?

तो मैंने कहा कि तो फिर आप मुझे ऐसी कोई जगह बताओ जहाँ पर हमारे अलावा कोई हमें देख ना पाए?

आँचल : तो तुम मेरे घर पर आ जाओ, वहां पर कोई भी नहीं है, में तुम्हे अपने घर का पता दे देती हूँ.

तो मैंने कहा कि मुझे कोई पता नहीं चाहिए, कॉलेज की छुट्टी के बाद हम साथ चलेंगे.

आँचल : मुस्कुराकर बोली कि ठीक है .

तो मैंने उनके बूब्स को कसकर ज़ोर से दबाया और वहां से चला गया. छुट्टी होने के बाद हम साथ साथ कॉलेज से बाहर निकले और मैंने मेडम को अपनी बाईक पर बैठाया और उनके घर चल दिए. घर पहुंचते ही मैंने मेडम के दरवाजे को बंद किया और अब मैंने मेडम को पीछे से पकड़ लिया और अपना हाथ उनके हाथ पर सहलाने लगा. मेडम वहीं पर गर्म होने लगी. में उनकी गर्दन पर चूमने लगा और चूमते चूमते मेडम को आगे घुमाया और उनकी साड़ी का पल्लू हटाया और उनका ब्लाउज खोल दिया.

फिर ब्रा के ऊपर से ही उनकी छाती को चाटने लगा तो मेडम ने मुझे हटाया और मुझे स्मूच करने लगी. हम लोगों का स्मूच लगभग बीस मिनट तक चला, कभी वो मेरी जीभ को चूसती तो कभी में उनकी जीभ को चूसता और जब में उनके नीचे वाले होंठ को चूसता तो वो मेरे ऊपर वाले होंठ को चूसती तो कभी वो मेरे नीचे वाले होंठ को चूसती. अब में धीरे धीरे चूमते चूसते नीचे आ गया. फिर मैंने उनकी ब्रा को खोल दिया. वो शरमा रही थी और अपने बूब्स अपने दोनों हाथों से छुपा रही थी. तो मैंने उनको अपनी गोद में उठाया और उनके बेडरूम में ले गया और उनके बेड पर लेटा दिया. वो अपना बूब्स छुपाते हुए पलट गई, लेकिन मैंने उन्हे पलटने से रोका और बाकी की साड़ी को भी निकाल दिया और अब मेडम मेरे सामने पूरी नंगी थी. मैंने मेडम के एक बूब्स को मुहं में लेकर चूसने लगा और दूसरे को दबाने लगा.

तो मेडम की साँसे फूलने लगी और मेडम पूरी तह से कांप रही थी. उनके चेहरे पर पसीने की कुछ बूंदे दिखने लगी थी, जिससे मुझे पता चल गया था कि मेडम अभी तक कुँवारी है और में उनके दोनों बूब्स को चूसकर उनकी चूत पर आया तो वो अपने दोनों पैरों को घुमाने लगी.

मैंने अपने हाथों से मेडम का पैर पकड़कर फैलाया और अपना मुहं उनकी चूत पर ज्यो ही रखा तो वो पूरी तरह से सिहर उठी और पहली बार बोली आह्ह्ह्हह्ह ऊऊह्ह्ह्हह् वीरेन तुम यह क्या कर रहे हो? और अपने पैरों के बीच मेरे सर को दबाकर अपनी कमर को हिलाने लगी. तभी मैंने मेडम की चूत को अपने दांतो से काट लिया, थोड़ा सा तो वो चिल्लाई आह्ह्ह्ह वीरेन प्लीज आईईईईई दाँत ना लगाओ, मुझे बहुत दर्द होता है और अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था. मैंने भी अपनी शर्ट, पेंट और अंडरवियर को उतार दिया और मेडम को अपना लंड दिखाया तो वो लंड देखकर एकदम डर सी गई और बोली कि नहीं उन्हें सेक्स नहीं करना, क्योंकि मेरा लंड उनकी चूत में नहीं जा सकता, लेकिन मैंने उन्हे किसी तरह से समझाया और सेक्स करने के लिए मनाया.

फिर मैंने उनके पैरों को फैलाकर अपना लंड उनकी चूत पर सेट किया और एक जोरदार झटका दिया और मेरा पूरा का पूरा लंड मेडम की गरम जोश से भरी गीली चूत में फिसलता हुआ चला गया. मेडम पूरे ज़ोर से चिल्लाई और हांफते हुए रोने लगी. तो मैंने उनके मुहं पर अपना मुहं रख दिया और स्मूच करने लगा और धीरे धीरे धक्के लगाने लगा. उनकी चूत बहुत टाईट लग रही थी और करीब 15 मिनट के बाद में मेडम को थोड़ा अच्छा महसूस हुआ.