अम्मी ने अपनी सहेली की चुदाई करवाई

सुनीता यह बात सुनकर काफी गर्म हो गई और शकील से चिपक गई.

शकील ने उसके चूतड़ मसल दिए और सुनीता की सलवार का नाड़ा खोल दिया. वहीं अम्मी ने भी अपनी सलवार रजाई में उतार दी.

शकील ने सारे कपड़े उतारे और नंगा होकर दोनों के बीच में लेट गया.
उसने कहा- तुम दोनों नंगी हो जाओ. जिस पर अम्मी उठी और अपना कमीज उतार दिया.

सुनीता की हिम्मत नहीं हो रही थी. अम्मी उठी और सुनीता को उठाकर उसका कमीज निकाल दिया. सुनीता एकदम नई दुल्हन की तरह लग रही थी कसी चूचियां गोल चूतड़!
शकील ने अम्मी की गर्दन को पकड़ा और अपना लंड उनके मुंह में डाल दिया और सुनीता को होठों पर किस करने लगा.

5 मिनट तक दोनों ने एक दूसरे को अच्छी तरह से चूसा.

उसके बाद सुनीता उठी और अपनी पेंटी निकाल दी और शकील के मुंह पर बैठ गई.
अम्मी यह देख कर हैरान हो गई क्योंकि कभी शकील ने उनकी चूत को नहीं चाटा था.

कुछ देर चूत चाटने के बाद अम्मी ने शकील का लंड मुंह से निकाला और सुनीता को नीचे लेटा दिया. सुनीता ने अपनी दोनों टांगें फैला दी.
शकील उसके ऊपर आ गया और उसकी चूत में अपना लंड रगड़ने लगा.

Ammi Ki Saheli Ki Chudai
Ammi Ki Saheli Ki Chudai
सुनीता आंख बंद करके सिसकारियां भर रही थी. सुनीता की चूत काफी छोटी थी क्योंकि उसके पति का लंड कितना बड़ा नहीं था और ना ही अच्छे से चोदता था.
अम्मी ने यह बात मानी थी, उन्होंने अलमारी से तेल की बोतल निकाली और सुनीता की चूत पर लगा दी.

शकील का लंड पहले ही अम्मी ने चूस चूस कर गीला कर रखा था. शकील ने एक झटके से पूरा लंड सुनीता की चूत में उतार दिया.
सुनीता चिल्लाने लगी. अम्मी ने उसका मुंह बंद कर दिया.

थोड़ी देर बाद उसकी चीखें सिसकारियों में बदल गई.
शकील ने सुनीता की चूत 20 मिनट तक मारी.

उसके बाद अम्मी का नंबर था.

अम्मी ने खूब सा तेल गांड पर लगाया और शकील के सामने घोड़ी बन गई. शकील ने अपना थूक अपने लंड पर लगाया.

इतने में सुनीता उठी और वह अम्मी को देखने लगी और चौंक कर बोली- अगर कोई मेरी गांड मार ले मैं तो मर जाऊंगी.

शकील ने हंसते हुए कहा- मेरी मामी बहुत बड़ी खिलाड़ी है. इसको अपनी गांड मरवाने में ज्यादा मजा आता है. सुनीता तुम बस देखती जाओ कि यह कैसे मुझसे अपनी गांड का बाजा बजवाती है.
एक झटके में शकील ने पूरा लंड अम्मी की गांड में उतार दिया. अम्मी दर्द के मारे चीखने लगी.

थोड़ी देर बाद दर्द कम हो जाने की वजह से अम्मी गांड उठा उठा कर शकील से अपनी गांड चुदवा रही थी. यह खेल ऐसे ही रात भर चलता रहा.
पूरी रात में सुनीता की तीन बार चुदाई हुई और अम्मी की गांड और चूत सिर्फ एक एक बार मारी.

सुबह की 2:30 बज चुके थे. सुनीता आंटी अपने बेड पर जाकर सो गई थी लेकिन अम्मी और शकील दोनों अभी जाग रहे थे.
शकील ने अम्मी से कहा- तुम्हारी बहन तो थक कर सो चुकी है.
इस पर अम्मी हंसती हुई बोली- उसे क्या पता तुम्हारी चुदाई का जलवा … तुम घोड़े जैसे चोदते हो! वो अभी नई-नई है, धीरे-धीरे उसे भी आदत पड़ जाएगी तुम्हारी चुदाई की! पर शकील तुम बहुत बहन के लोड़े हो. तूने मेरी गांड के साथ साथ सुनीता की चूत को भी उधेड़ कर रख दिया.

शकील जोश में आ गया और अम्मी की चूतड़ों पर एक जोरदार तमाचा मारा. अम्मी कभी गाली नहीं देती थी. यह शायद पहली बार था जब अम्मी के मुंह से गंदी गंदी गालियां निकल रही थी हवस में.
जोश में आकर शकील ने कहा- जब तेरी जैसी रंडी यार हो तो फिर चूतों की कमी थोड़ी होती है.
इस पर अम्मी जोश में आ गई और शकील की लंड पर हाथ फेर कर बोली- चल तो इस रंडी को एक बार और चोद दे.

शकील ने अपना लंड बाहर निकाल कर अम्मी की गले में उतार दिया जिसकी वजह से इनकी सांस तक रुक गई.

लंड पर ढेर सारा थूक लगा था. शकील अपना लंड अम्मी की गांड में रगड़ना शुरु किया और आराम आराम से गांड की गहराई में उतार दिया. अम्मी ने एक गहरी सिसकारी ली और अपने कूल्हों को शकील को सौंप दिया.

इस चुदाई के बाद अम्मी और शकील दोनों सो गये.

सुबह जब शकील जाने को हुआ तो अम्मी ने शकील से कहा- सुनीता, तुम्हें एक बार बात करने के लिए अंदर बुला रही है.

शकील अंदर आया और सुनीता ने उसे कहा- मुझे बच्चा चाहिए. तो तुम जल्दी जल्दी आया करो.
तो शकील ने वादा किया- मैं तुमको जरूर प्रेग्नेंट करूंगा और अपनी मामी की भी जमकर चुदाई करूंगा.

इतना कहकर शकील चला गया.

अम्मी ने सुनीता को गले लगाया और और गाल पर एक जोरदार चुंबन किया व कहा- मुबारक हो, यह तुम्हारी सुहागरात थी.
सुनीता ने अम्मी की गांड पर हाथ फेरते हुए कहा- तुम्हारी गांड की वजह से मुझे चुदाई का मौका मिला है, धन्यवाद.

कहानी पढ़ने के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया. आपके बहुत सारे मेल्स मुझे मिले जिसके लिए आपका तहे दिल से शुक्रिया.
आपकी मेल्स ने मेरा हौसला बढ़ाया. और आशा करता हूं कि आगे भी ऐसे ही मेरा हौसला बढ़ाते रहो.
धन्यवाद.