एक अनजान औरत के साथ सम्भोग

हैल्लो दोस्तों, मेरा antarvasna नाम अरुण है और आज मैं एक मस्त सेक्स स्टोरी लेकर आप सबको सुनाने आया हूँ ये कहानी एकदम सच्ची और बहुत मस्त है एक अनजान औरत इतनी सेक्स की भूखी होगी मैंने सोचा भी ना था, तो दोस्तों अब आप अपना लंड और लड़कियां अपनी चूत संभाल के रखिए क्यूंकि जल्दी ही आपके लंड और चूत से पानी छुटने वाला है। फ्रेंड्स ये बात ज़्यादा पुरानी नहीं है कहानी बताने से पहले मैं आपको अपने बारे में बता दूँ मेरा नाम अरुण है और मेरी उम्र अब 26 साल है मेरी उम्र अब शादी की हो गई है इसलिए मेरे घर वाले अब मेरे लिए लड़की देख रहे है मैं दिखने में हैंडसम हूँ और एक जवान लड़का हूँ, मेरा लंड भगवान की दया से काफ़ी बड़ा और मोटा है जिस वजह मैंने आज तक जिसे भी अपना लंड दिया है वो आज तक मेरा लंड मांगती है खैर आज की कहानी भी कुछ ऐसी ही है।

दोस्तों मैं दिल्ली में किसी काम से आया हुआ था मुझे वहां अपनी कंपनी के काम से पूरे एक महीने के लिए रुकना था इसलिए मैं वहां एक होटल में रुका हुआ था शाम को मेरे फोन पर एक अनजान नंबर से फोन आया मैंने फोन उठाया तो मेरे कानो में एक बहुत ही मधुर आवाज़ आई, मैंने पूछा आपको किस से बात करनी है? तो वो बोली आप अरुण जी बात कर रहे हो ना, तो मैंने कहा हाँ जी मैं अरुण बात कर रहा हूँ तो वो बोली अच्छा ठीक है मैं आप से सीधे ही बात करती हूँ मुझे आपसे दोस्ती करनी है अगर आप बुरा ना माने तो, मैं बोला देखो मेडम मैंने आपको देखा तक नहीं, तो मैं आपसे दोस्ती कैसे कर सकता हूँ पर आपकी आवाज़ सुनकर मुझे लगता है की आप बहुत ही खूबसूरत हो इसलिए मैं आपके इस दोस्ती वाले प्रपोज को एक्सेप्ट करता हूँ वो बोली धन्यवाद अरुण जी अब मैं आपसे रात को बात करती हूँ।

ये कहकर उसने मेरा फोन काट दिया और मैं उसकी आवाज़ से उसकी खूबसूरती का अंदाज़ा लगाने लग गया मैं बहुत बेसब्री से उसके फोन का इंतज़ार कर रहा था मेरा मन कर रहा था की क्यों ना मैं खुद ही उससे बात कर लूँ पर मैंने ये करना ठीक नहीं समझा और उसका इंतज़ार करने लग गया उसके बाद रात के 10 बज चुके थे तभी उसका फोन आ गया और मैंने जल्दी से उसका फोन उठा लिया और उससे बातें करनी शुरू कर दी उसने मुझे बताया की वो दिल्ली के पास ही रहती है और उसने मुझे साफ शब्दों में घर आने को कह दिया मैंने उसे कहा ठीक है मैं आ जाऊंगा पर आपको मुझे लेने आना पड़ेगा क्यूंकि मुझे दिल्ली के रास्तों का बिल्कुल भी पता नहीं है तो वो बोली मेरे राजा आप बिल्कुल भी फिकर मत करो मैं आपको लेने आ जाऊँगी फिर मैंने उसे काफ़ी देर तक बातें करी और उसे फिर गुड नाइट कहकर मैं सो गया और अगले दिन मैं अच्छे से तैयार हो गया और उसे फोन करके होटल से निकल लिया उसके बाद मैं ऑटो में बैठ गया और उसके बताए हुई जगह पर पहुँच गया फिर मैंने उसे फोन किया और उसने मुझे बताया की वो लाल बिल्डिंग के पास नीचे खड़ी है और उसने नीले रंग की साड़ी पहनी है मैंने दूर से ही उसे देख लिया था और मैंने दूर से ही उसके फिगर का अंदाज़ा लगा लिया उसका फिगर 34-30-40 होगा, उसका रंग गोरा था धूप में वो एक हीरे की तरह चमक रही थी जब मैं उसके पास गया तो वो मुझे देखते ही बोली वेलकम अरुण आओ मेरे साथ आगे चलो मैंने कहा मेडम आपको कैसे पता की मैं ही अरुण हूँ।

तो वो बोली तुम जैसे इंसान को तो मैं दूर से ही पहचान लेती हूँ फिर हम दोनों एक होटल में गये और बड़े आराम से हम दोनों ने कॉफी पी और वही से उसने टैक्सी बुक कर ली अपने घर तक और फिर हम दोनों उसके घर की तरफ चल पड़े। रास्ते में ही मैंने उसके बूब्स का बहुत अच्छे से अंदाज़ा लगा लिया था अब मेरा मन उसको चोदने का बन चुका था करीब 25 मिनट बाद हम उसके घर पहुँच गये और उसके बाद उसने अपने फलेट की चाबी निकाली और मुझे घर के अंदर ले लिया अंदर से घर काफ़ी अच्छा लग रहा था फिर उसने मुझे सोफे पर बैठने को कहा और मैं सोफे पर बैठ गया और फिर वो किचन में चली गई और मेरे लिए वो पानी लेकर आई तब उसने मुझे बताया की उसका पति का एक खुद का कारोबार है इसलिए वो ज़्यादातर घर से बाहर रहते है और इसलिए वो उससे बहुत कम सेक्स करता है ये बात सुनते ही मैं समझ गया की वो मुझसे जबरदस्त सेक्स की उम्मीद कर रही है और मैं भी इसकी जवानी को चोद चोदकर निकालना चाहता था वो मुझे पानी देकर अंदर चली गई थी मैं टीवी देख रहा था और उसको आज कैसे चोदना है उसके बारे में सोच रहा था वो 20 मिनट बाद एक कमरे से बाहर आई अब वो पूरी तरह से तैयार होकर मेरे सामने आई थी।

उसको देखते ही मेरे लंड की नसे फूलने लग गई थी मेरा मन कर रहा था की साली को अभी नंगी करके चोद दूँ क्यूंकि उसने बहुत ही पतली सी गाउन डाली हुई थी जो की उसके घुटनो से ऊपर थी जिसमें वो एक सेक्स की देवी लग रही थी उसके हाथ में चाय थी और उसने चाय को टेबल पर रखा और मुझसे एकदम चिपककर बैठ गई वो मुझसे इधर उधर की बातें करने लग गई थी पर वो जो मुझसे चाहती थी वो मुझे अच्छे से पता था इसलिए मैंने उसकी कमर में एक हाथ डाला और उसे अपनी और खींच लिया जैसे ही उसने मेरी तरफ अपना मुहँ किया तभी मैंने उसके होंठो को अपने होंठो में ले लिया और ज़ोर ज़ोर से उसके होंठो को चूसने लग गया मैंने उसके होठों को 10 मिनट तक अच्छे से चूसा फिर मैंने उसके गले को अपनी जीभ से चाटना शुरू कर दिया और फिर उसको काफ़ी देर चूमने चाटने के बाद मैंने उसके बूब्स को दबाना शुरू कर दिया अब मैंने झट से उसकी दोनों टाँगे उठाई और उसकी पेंटी को साइड करके मैं उसकी चूत को चाटने लग गया जैसे ही मेरे होंठ उसकी चूत पर लगे तभी वो मचलने लग गई मैं ऐसे ही उसकी चूत को चाटता रहा और उसे तड़पाता रहा आख़िर उसने मुझे पीछे किया और मुझे कहा चलो अरुण अब अंदर चलते है मुझसे और बर्दास्त नहीं हो रहा है। फिर वो मुझे अपने साथ अपने बेडरूम में ले गई और ये तो कहना ही होगा की उसका बेडरूम बहुत ही खूबसूरत था बेडरूम खूबसूरत होने के साथ साथ वो भी इतनी ज़्यादा खूबसूरत थी की मैं आपको क्या बताऊ वो अब अपने इतने चिकने बदन को मुझे दिखाई जा रही थी और अपनी गांड हिला हिलाकर मुझे अपना दीवाना बना रही थी ये सब देखकर मेरा लंड फनफना रहा था और मैं ये देखकर खुद को कंट्रोल क्या बस आउट ऑफ कंट्रोल हुई जा रहा था। दोस्तों यह सेक्स स्टोरी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

Pages: 1 2

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *