अनजान लड़की को मुझसे प्यार हुआ

मैं अपने घर पर ही था और उसके कुछ दिन बाद रुही का फोन आया, मैंने जब उसका फोन उठाया तो पहले मैंने उसे पहचाना नहीं क्योंकि उसका नंबर मेरे पास सेव नहीं था, जब उसने कहा कि मैं रुही बोल रही हूं, तब उसने मुझे कहा कि मैं तुमसे मिलना चाहती हूं क्योंकि मैं कुछ दिनों बाद मुंबई लौट रही हूं। मैंने उसे फोन पर पूछा कि क्या तुम्हारे रिश्तेदार की शादी हो चुकी है, वह कहने लगी कि हां शादी तो हो चुकी है इसलिए मैंने सोचा कि मैं तुम्हें फोन कर दूं, क्योंकि कुछ दिनों बाद हो सकता है मैं दिल्ली चली जाऊ और दिल्ली से ही मैं मुंबई निकल जाऊ। मैंने उसे कहा ठीक है हम लोग मिल लेते हैं। मैं जब रुही से मिलने गया तो हम लोग एक रेस्टोरेंट में ही बैठे हुए थे। वहां पर हम लोग काफी बात कर रहे थे। बात बात में मैंने उससे अपनी बहन का भी जिक्र कर दिया और वह कहने लगी कि यह तो बहुत ही गलत हुआ। मैंने उसे कहा कि मेरे पिताजी इस बात से बहुत दुखी हैं और वह किसी से भी ज्यादा बात नहीं कर रहे। रुही मुझे समझाने लगी, वह कहने लगी कि अब यह सब तो हो चुका है इसलिए इस बारे में सोच कर ज्यादा फायदा नहीं है, तुम अपने जीवन को आगे बढ़ाओ और अपने काम पर ध्यान दो। मुझे जब रुही ने इस प्रकार से समझाया तो मुझे काफी अच्छा लगा क्योंकि मैं भी काफी ज्यादा तनाव में था। मेरे दोस्त भी मुझसे मेरी बहन के बारे में पूछते रहते थे और मेरे पास कुछ भी जवाब नहीं होता था इसी वजह से मैंने स्कूल जाना भी छोड़ दिया था। मैंने रूही से पूछा कि क्या तुम दिल्ली से ही मुम्बई चली जाओगी। वह कहने लगी हां मैं वहीं से निकल जाऊंगी, मैं दिल्ली से मुंबई फ्लाइट से जाऊंगी। मुझे कहीं ना कहीं रूही के जाने का भी दुख हो रहा था। मैंने उस दिन उसका हाथ पकड़ लिया और उसे कहा कि मुझे जब तुम पहली बार दिखी तो मुझे तुमसे मिलकर बहुत खुशी हुई। वह भी मुझे कहने लगी कि मुझे भी तुमसे मिलकर खुशी हुई थी इसीलिए मैंने तुम्हें फोन किया। जब मैंने उसका हाथ पकड़ा तो उसका हाथ बहुत गर्म हो चुका था। वह पूरे मूड में थी वह मुझे कहने लगी कि हम दोनों किसी होटल में चलते हैं आज वहीं रुकेंगे और उसके बाद वहां से मैं कल दिल्ली चली जाऊंगी। हम दोनों उसके रिश्तेदार के घर से सामान ले आया और उसके बाद हम दोनों होटल में चले गए।

जब हम लोगों ने होटल में रुम लिया तो मैंने रूही को पूरा नंगा कर दिया। उसने भी मेरे लंड को अपने मुंह में समा लिया और बहुत अच्छे से मेरे लंड को चूसने लगी। मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था जब वह मेरे लंड को अपने गले तक उतार रही थी। उसने मेरे लंड को इतने अच्छे से चुसा कि मेरा पूरा पानी निकल गया और वह उसने वह सब अपने अंदर समा लिया। मैंने उससे बिस्तर पर लेटाया तो उसका शरीर पूरा गरम था और जब मैंने उसके स्तनों को चूसा तो मुझे एक अलग प्रकार की फीलिंग आने लगी। जैसे ही मैं उसके निप्पल को अपने मुंह में लेता तो उसकी उत्तेजना पूरी चरम सीमा पर पहुंच जाती। मैंने उसकी चूत पर उंगली लगा दी और मैं उसकी योनि को भी सहलाने लगा उसकी योनि से पानी निकल रहा था। मैंने उसकी चूत को अपने मुंह से चटाना शुरू कर दिया। मैंने जैसे ही उसकी चूत पर अपने होठों को लगाया तो वह मचलने लगी और उसे बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं हो रहा था। उसने मुझे कहा कि मुझसे बिल्कुल भी सब्र नहीं हो रहा तुम मेरी योनि में अपने लंड को डाल दो। मैंने जैसे ही उसकी नरम और मुलायम योनि पर अपने लंड को रखा तो मुझे बहुत अच्छा महसूस हुआ। मैंने धीरे-धीरे उसकी योनि के अंदर अपना लंड प्रवेश करवा दिया जैसे ही मेरा लंड उसकी योनि में घुसा तो उसे बहुत अच्छा महसूस होने लगा और उसकी योनि से खून भी बाहर आने लगा। मेरा लंड उसकी चूत की पूरी गहराइयों में जा चुका था और वह मुझे बहुत अच्छे तरीके से फील कर रही थी। मैंने भी उसके दोनों पैरों को चौड़ा कर लिया और उसकी योनि के अंदर तक मैं धक्के दे रहा था। उसे बहुत अच्छा लग रहा था वह अपने मुंह से सिसकियां ले रही थी और मुझे कह रही थी तुम मुझे बहुत ही अच्छे से चोद रहे हो मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। लेकिन मैं उसकी योनि की गर्मी को ज्यादा समय तक नहीं झेल पाया और मेरा वीर्य उसकी योनि में गिर गया और वह अगले दिन दिल्ली निकल गई। लेकिन उसके बाद में उससे मिलने मुंबई भी गया और मैंने वहां उसे बहुत अच्छे से चोदा।