अन्तर्वासना वश मैं गैर मर्दों से चुदी

सहेली की शादी में उसके पापा ने मुझे चोद दिया था. उसके बाद भी मैं वहां सहेली के चचेरे भाई से कैसे चुदी. उसके अलावा मुझे और किस किस ने चोदा? मेरी अन्तर्वासना का मजा लें.

मेरी सहेली के पापा के साथ सेक्स की मेरी पिछली कहानी
सहेली की शादी में अंकल सेक्स का मजा
में पढ़ा था कि मैंने अपनी सहेली की शादी में सहेली के पापा ने यानि संजय अंकल ने मुझे चोद दिया था. अंकल मुझे कार में बिठा कर स्टेशन के अन्दर बुआ को लेने चले गए थे.

फिर उसके बाद क्या हुआ? मजा लें यह सेक्स स्टोरी पढ़ कर!

कुछ ही देर बाद अंकल बुआ को लेकर आ गए. फिर हम सब घर आ गए. देर ज़्यादा हो गयी थी, तो मैं सीधे अपने रूम में जाकर सो गयी.

अब अगले दिन सुबह मैं तैयार होकर उसी तरह का हॉट सा सूट पहन कर नीचे आ गई. मैंने देखा कि अब तक और भी ज़्यादा मेहमान आ गए थे.

उसमें से एक सपना के दूर के चाचा थे, जिन्होंने मुझे ताड़ना शुरू कर दिया.

उधर सपना की बुआ का लड़का तनिष्क भी आया हुआ था. वो तकरीबन बीस साल का मस्त जवान छोकरा था. तनिष्क दिखने में एकदम गोरा सा था.

उसने भी मुझे वासना भरी निगाहों से देखा. मैं उसे देख कर मुस्कुराई, तो वो भी मुझसे आकर ही हैलो करने लगा. उससे मेरी बातें होने लगीं. कुछ देर बाद वो किसी काम से चला गया.

ये सब दिन भर यूं ही चलता रहा, लेकिन मैंने गौर किया कि तनिष्क बार बार मेरे पास से गुजरने की कोशिश करता. वो मेरे करीब से आता जाता, तो कभी मेरी गांड को टच करते हुए जाता, तो कभी मेरे मम्मों को अपनी कुहनी से रगड़ कर निकल जाता.

सारे दिन ऐसा चलता रहा. खाना पीना हुआ तो उस दौरान मेरे कपड़ों पर दाल गिर गई थी. मैं काफी देर से सूट बदलने की सोच रही थी.

कुछ देर बाद सपना ने मुझसे कहा- यार मेरी एक फ्रेंड स्टेशन पर आ रही है.
मैंने पूछा- कौन?
तो सपना ने कल्पना के आने का बताया. कल्पना मेरी भी पहचान की थी.

फिर सपना ने मुझसे बोला कि तुम ड्राइवर के साथ जाकर उसको ले आओ, पापा आज हैं नहीं … वरना वो ही चले जाते.
मैं मान गयी.

वहीं पास में तनिष्क भी खड़ा था. उसने ये सुना तो बोला- मैं भी आपके साथ चलूं?
मेरे बोलने से पहले ही सपना ने कह दिया- हाँ तुम साथ चले जाओ.

मुझे अपने कपड़े बदलने थे. मैं ‘एक मिनट में आई..’ कह कर अपने कमरे में चली गई. मैंने अपने कमरे में जाकर एक स्कर्ट पहन लिया था और अभी शीशे में खुद को देख ही रही थी कि नीचे से सपना की आवाज आई- देर मत करो माधुरी, जल्दी से आ जाओ.

मैंने बिना ब्रा के टॉप डाला और नीचे पैंटी भी नहीं पहनी. बस जल्दी से नीचे आ गई.

बिना ब्रा के मेरे टॉप से मेरे मम्मे मस्त हिल रहे थे. तनिष्क ने मुझे नजर भरके देखा और गहरी सांस भरने लगा. मैं मन ही मन मुस्कुरा दी.

फिर कार में ड्राईवर को लेकर मैं और तनिष्क चल दिए. स्टेशन जाते समय मैं पीछे बैठ गयी और तनिष्क आगे बैठा.

कुछ देर बाद जब हम स्टेशन पहुंचे, तभी सपना का कॉल आया कि पापा के कोई फ्रेंड अपनी वाइफ के साथ आ रहे हैं, तुम उनको भी ले आना.
मैंने बोला- ओके ठीक है.

ट्रेन आई तो संजय अंकल के दोस्त आगे बैठ गए और पीछे की सीट पर पहले तनिष्क, फिर मैं और मेरी फ्रेंड, उसके बगल में आंटी बैठ गईं.

हम सब वहां से निकल पड़े.

अब चूंकि स्टेशन आने की जल्दी में मैंने स्कर्ट टॉप के नीचे ब्रा पेंटी भी नहीं पहन पाई थी … जिससे तनिष्क गर्मा गया था. इसी वजह से तनिष्क पहले अपनी कोहनी से मेरे मम्मों को टच कर रहा था.

जब मैंने उसका कोई विरोध नहीं किया, तो वो मुझे देखने लगा. मैंने उसे आंख मार दी, तो वो समझ गया. अब वो अपने हाथों से मेरे मम्मों को दबाते हुए सहलाने लगा.

कुछ देर तक मेरे मम्मों को दबाने के बाद उसने अपना हाथ मेरी जांघ पर रख दिया. ये सब काम सिर्फ़ हम दोनों को पता था, जो हो रहा था … क्योंकि गाड़ी में अंधेरा था.

वो धीरे धीरे मेरी जांघ को सहलाने लगा और धीरे धीरे वो अपना हाथ मेरी चूत के पास लाता जा रहा था. जैसे ही उसने अपना हाथ मेरी चूत पर रखा, मैंने अपने दोनों पैरों को सटा लिया.

अब उसका हाथ मेरी टांगों में फंसा हुआ था. वो मेरी चुत को कुरेदने लगा था. मैंने थोड़ा सा टांगों को ढीला कर दिया … तो वो धीरे धीरे मेरी चूत में उंगली करने लगा.

मुझे मजा आने लगा, मैंने टांगें और खोल दीं.

जब घर नजदीक आने को था, तो उसने अपनी उंगली निकाल कर अपने मुँह में दबा ली और मेरी तरफ वासना से देखने लगा.

मेरे दिल दिमाग में भी एकदम से कामुकता जागने लगी, लेकिन इस समय कुछ किया नहीं जा सकता था. इसलिए कुछ देर बाद मैंने भी पैर ठीक करके अपनी स्कर्ट सही कर ली.

अब हम घर आ गए और मैंने तनिष्क की इस हरकत का ज़िक्र किसी से नहीं किया. जब शाम को मैं रसोई में अकेली थी, तो तनिष्क ने पीछे से आकर मुझे पकड़ लिया. वो मेरे मम्मों को दबाने लगा और मुझे किस करने लगा.

मैंने कहा- छोड़ो … पागल हो क्या … ये क्या कर रहे हो … मैं अभी घर में सब को बता दूंगी.
तनिष्क हंस कर बोला- मेरी जान अगर तुमको बताना होता, तो तुमने अब तक बोल ही चुका होता. लेकिन तुम्हारे अन्दर जो आग लगी है, उसका क्या करोगी. वो तो लंड से बुझेगी.