अन्तर्वासना वश मैं गैर मर्दों से चुदी

मैं उसकी बात सुनकर शांत हो गयी. वो वही सब फिर करने लगा.
तो मैंने कहा- अभी छोड़ो … ये कोई जगह है. … अभी यहां कोई आ जाएगा, तो क्या होगा … जानते भी हो?

वो मेरी बात को अनसुना करते हुए नीचे बैठ गया और मेरी स्कर्ट में अपना मुँह डाल कर मेरी चूत चाटने लगा. मैं उसे रोकना तो चाहती थी, लेकिन कुछ कह नहीं सकी. दरअसल मुझे खुद भी मज़ा आने लगा था.

फिर जैसे ही किसी के आने की आहट हुई, तो तनिष्क एकदम से खड़ा हो गया और इधर उधर देखने लगा. उसने उसी समय मेरा हाथ लेकर अपने लंड पर रख कर दबा दिया और बोला- आज रात को सबके सोने के बाद मैं तुम्हारे कमरे में आऊंगा, अपना दरवाज़ा खुला रखना.

इतना बोल कर वो वहां से चला गया. रसोई में बुआ आ गईं, तो मैं एकाध मिनट रुक कर बाहर आ गई.

शाम को सब लोग खाना खा कर बैठ गए. कुछ देर हंसी मज़ाक हुआ. ड्रिंक का दौर भी चला. मुझे आज अन्दर से आग लगी हुई थी तो मैंने सबकी नजर बचा कर एक पूरा गिलास नीट दारू से भरा और ‘कमरे में जाकर लूंगी..’ कह कर निकल गई. अभी ग्यारह बज गए थे.

कमरे में जाकर मुझे बड़ी चुदास चढ़ रही थी, तो मैंने एक काम वासना बढ़ाने वाली गोली खा कर दारू अन्दर की और मजा लेने लगी.

फिर बारह बजे के करीब, सब अपने अपने रूम में सोने चले गए.

मैं नाइटी पहन कर शीशे में अपने मम्मों को दबाते हुए देखने लगी. इस समय लंड का इन्तजार से मेरी चूत में कुलबुलाहट होने लगी थी.

मैं सोच रही थी कि आज संजय अंकल तो है नहीं … तो क्या हुआ … मैं तनिष्क को भी मौका दे देती हूँ. चुत की खुजली के लंड की जरूरत ही तो होती है. फिर लंड किसी का भी क्यों न हो.

मैं दरवाजे को भिड़ा कर लाइट बंद करके लेट गयी और तनिष्क के आने का इंतज़ार करने लगी. कोई बीस मिनट बाद किसी के आने की आहट आई और दरवाज़ा खुल गया. एक पल बाद दरवाजा बंद हुआ और सिटकनी लगने की आवाज आई.

ये तनिष्क ही था. वो सीधे मेरे बेड पर आ गया और मुझे चूमने चाटने लगा.
मैंने बोला- कौन है … लाइट तो ऑन करो.
तनिष्क बोला- मैं हूँ डार्लिंग … क्या किसी और को भी आने का टाइम दिया था.

मैं कुछ नहीं बोली. मैंने बेड के साइड में लगा स्विच ऑन किया, तो कमरे में हल्की रोशनी जल उठी.

मुझे देखना था कि तनिष्क अन्दर से कैसा लगता है. मैंने देखा तो तनिष्क पूरा नंगा था. उसका 7.5 इंच का लंड एकदम कड़क खड़ा था.

उसने एक बार लंड हिला कर मुझे दिखाया और बोला- पसंद आया?
मैंने हंस कर दिखा दिया.

वो झट से लाइट बंद करके मेरे ऊपर चढ़ गया. वो मुझे पूरे जोश के साथ चूमने चाटने लगा. मेरे होंठों से लेकर मेरे मम्मों को चूसने लगा. फिर उसने मेरी नाभि को चूमा और मुझे भी पूरा नंगी कर दिया.

अब उसने मेरी टांगें खोलीं और चूत चाटना शुरू कर दिया. कुछ देर चुत चाटने के बाद मैंने उसको लेटाया और उसका गर्म सरिया जैसा लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी. वो मुझे मेरे सिर से पकड़ कर अन्दर तक अपना लंड करके चुसवाने लगा. मैंने लंड चूसने के बाद उसकी एक गोली मुँह में भर ली और चूसनी शुरू कर दी. इससे वो एकदम मदहोश हो गया.

एक मिनट बाद उसने मुझे सीधा करके चित लेटाया और मेरी एक टांग अपने कंधे पर रख ली. फिर मेरी चूत में अपना लंड सैट किया और एक झटके में अन्दर पेल दिया.

Antarvasna Sex Story
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मेरी एक कराह निकल गई. उधर वो फुल स्पीड में मुझे चोदने लगा. उसकी चुदाई की स्पीड इतनी तेज थी कि मेरी कामुक सिसकारियां पूरे कमरे में गूँजने लगीं.

मैं- उफफ्फ़ अहह … तनिष्क चोद दो मुझे … आंह … और तेज़ और तेज़ उफ्फ़ … उम्म्ह… अहह… हय… याह… फक तनिष्क … चोद दे अपनी रानी को … बड़ा मजा आ रहा है.

कुछ देर यूं ही चुत चोदने के बाद उसने मुझे गोद में उठा लिया. वो मुझे लेकर पलंग से उतरा और अपनी गोद में ले दीवार से सटा कर मुझे चोदने लगा. इस समय मेरी पीठ दीवार से टिकी थी और मेरी दोनों टांगें उसकी मजबूत भुजाओं में फंसी थीं. वो मुझे धकापेल चोद रहा था. उसकी इस स्टाइल से चुदाई की मैं कायल हो गई … आज पहली बार मैं इस तरह से मोटे लंड से चुद रही थी.

कुछ देर बाद हम दोनों वापस बेड पर आ गए. अभी हम 69 की पोज़िशन में थे. मैंने उसके चुतरस से सने लंड को चूस कर अपनी चुत के रस का स्वाद लिया उसने भी मेरी चुत को चूस कर मस्त कर दिया.

कुछ देर बाद तनिष्क ने मुझे घोड़ी बना कर मेरी गांड में अपना लंड डाल कर चोदना शुरू कर दिया.

मेरी गांड में उसका मोटा लंड घुसा, तो मैं बस तड़फ गई … मगर दो तीन शॉट के बाद ही मेरे मुँह से मस्त आवाजें निकलने लगीं- बसस्स … अहह उफफ्फ़!

करीब आधे घंटे तक उसने अलग अलग पोज़ में मेरी चुत और गांड मारी. फिर आखिर में वो मेरी गांड में ही झड़ गया. झड़ने के बाद वो मेरे ऊपर ही आकर लेट गया.

तनिष्क- क्यों माधुरी जी … चुदाई में मज़ा आया?
मैं- हाँ यार … बहुत मज़ा आया … बहुत मस्त एक्सपीरियेन्स है तुमको.
तनिष्क- हाँ वो तो है … मैंने बहुत सी लड़कियों को चोदा, लेकिन जितना मज़ा आपको चोदने में आया … और किसी को नहीं आया.