अन्तर्वासना ने प्यासी चूत को लंड दिलाया

अन्तर्वासना के सभी पाठकों को आशिक राहुल की तरफ से एक बार फिर से अभिवादन! नमस्कार दोस्तो, मैं आशिक राहुल हरियाणा से एक बार फिर से आप सभी के सामने प्रस्तुत हूँ अपनी एक और नई सच्ची कहानी के साथ।

अन्तर्वासना पर कहानी लिखना मैंने कई साल पहले शुरू किया था। मेरी हर कहानी को आप सभी दोस्तों का बहुत ज्यादा प्यार मिला है। आज जो कहानी मैं आप सबके साथ शेयर करने जा रहा हूँ वो अन्तर्वासना पर मिली मेरी एक प्रशंसिका और मेरे बीच हुए मनोरम सेक्स की दास्ताँ है।

तो हुआ कुछ यूँ दोस्तो कि एक दिन मेरी एक कहानी
कहानी विश्वास प्यार और सेक्स की
अन्तर्वासना पर प्रकाशित हुई जिसे पढ़ने के बाद काफी सारी मेल मुझे प्राप्त हुई। जिनमें से एक मेल मुझे अंजू रानी के नाम से मिली जिसमें उसने मेरी कहानी की तारीफ करते हुए लिखा कि उन्हें कहानी बहुत पसंद आई और मेरे चुदाई करने के पीछे की प्यारी फीलिंग्स उनके दिल को छू गयी। जिस तरह मैंने अपनी प्रेमिका के साथ हमारे अलग होने पर भी हमारे विश्वास को बनाये रखा वो उन्हें सबसे अधिक पसंद आया।

उस रात उनसे बातें करते करते कब दो बज गये, पता ही नहीं चला।

अगले दिन सुबह फिर उनकी मेल मिली जिसमें गुड मोर्निंग चुम्बन के साथ उन्होंने सुबह का स्वागत किया। फिर जब मैंने उन्हें अपने बारे में बताया कि मैं वास्तव में हरियाणा से ही हूँ और अध्यापन क्षेत्र से जुड़ा हुआ हूँ तो उन्हें और भी अच्छा लगा।
मैंने हमेशा कोशिश की है कि जिससे भी मैं दोस्ती करता हूँ उससे कभी कुछ भी छुपाता या झूठ नहीं बोलता हूँ। उन्हें मेरी यह बात बहुत अच्छी लगी।
और फिर उसने अपने बारे में सच बताना शुरू किया कि वो भी हरियाणा से ही थी। वो हिसार से है और उस वक़्त बी.ए. फाइनल इयर में थी। उसकी उम्र 21 वर्ष थी।

उसने अपने बारे में जो बताया वो इस प्रकार है. उसका नाम अंजू रानी है और वो हिसार हरियाणा की रहने वाली है। कक्षा बारहवीं में उसे एक लड़के से प्यार हुआ और फिर दोनों की रिलेशन सेक्स तक पहुँच गयी। करीब एक साल वो दोनों रिलेशन में रहे और फिर उस लड़के ने उसे धोखा दिया उसकी एक और गर्लफ्रेंड पहले से ही थी।

उससे रिश्ता टूटने के बाद अन्तर्वासना पर कहानी पढ़ना शुरू किया। फिर उसने देखा और समझा कि सेक्स कोई ऐसा सम्बन्ध नहीं है जो सिर्फ एक ही इन्सान से हो सकता है। यहाँ आने के बाद उसकी सोच और समझ काफी विकसित हुई।

एक जवान होती लड़की जिसने सेक्स का स्वाद चख लिया हो उसके लिए अब बहुत ज्यादा दिन सेक्स से दूर रहना आसान नहीं था। ऊपर से अन्तर्वासना पर कहानियाँ पढ़ने के बाद उसकी प्यासी चूत और ज्यादा तड़पने लगी थी पर किसी तरह वो अपनी चूत पर नियंत्रण करे हुए थी। फेसबुक पर फेक आई डी बनाकर कई बार लड़कों के साथ सेक्स चैट का आनन्द वो ले चुकी थी। ऐसे ही बिना लंड के दो साल बीत गये।

पूरा दिन एक दूजे को अपने बारे में बताते हुए निकल गया। फिर रात में करीब 9 बजे हम दोनों फिर मिले। अब तक हम दोनों फेसबुक मैसेंजर पर एक दूजे के संपर्क में आ चुके थे। उसने मुझसे पूछा कि क्या सच में मेरा लंड 8 इंच का है?
तो मैंने उसे अपने लंडराज की फोटो भेजी जिसे देखकर उसने कहा कि वो मेरे इस लंड को अपनी चूत में लेना चाहती है। दो साल की तड़प को वो मेरे साथ बुझाने को बेकरार हो रही है।

उस दिन सेक्स चैट करते करते कब रात पूरी हुई पता ही नहीं चला।

अगले दिन अंजू ने मुझसे बोला कि वो सच में मेरे साथ सेक्स करना चाहती है पर वो सिर्फ सेक्स और दोस्ती की ही रिलेशन अपना सकती है क्यूंकि अब उसे न तो प्यार में यकीं है, न वो प्यार करना चाहती है।
मैंने भी उसे विश्वास दिलाया कि जैसा वो चाहती है वैसा ही होगा और वो मुझपर पूरा विश्वास कर सकती है।

हिसार में मेरे कई दोस्त पढ़ रहे थे जिनमें से कई दोस्तों ने वहां फ्लैट किराये पर ले रखे थे। तो वहां मिलने रुकने प्यार करने के लिए जगह की किसी तरह से कोई कमी नहीं थी। पर मेरे लिए किसी भी लड़की की प्राइवेसी और उसकी सिक्यूरिटी हमेशा सबसे अहम् होती है इसलिए मैंने अपने सबसे ख़ास दोस्त को कहा कि मुझे उसका रूम एक दिन के लिए चाहिए तो उसने मुझे एक दिन पहले ही अपने पास बुला लिया और रूम अच्छे से दिखाया और हमारे खाने पीने का सारा प्रबंध उसने कर दिया।

उसका रूम एक अच्छे इलाके में था जहाँ ज्यादातर सभी पढ़ने वाले बच्चे ही रहते थे। मैंने अंजू को बताया तो उसने अगले दिन आने को हाँ कर दी और सुबह 11 बजे हमारे मिलने का प्रोग्राम तय हुआ।

उस दिन अंजू को पहली बार मैंने मेरे सामने देखा। वो करीब 5 फुट 6 इंच लम्बी, नीली जीन्स और लाल टॉप में एकदम हुस्न परी सी लग रही थी। कुछ पल उसे यूँही निहारता रहा मैं तो अन्जू बोली- पहले अन्दर आ जाऊँ मैं कमरे में… फिर तबीयत से मेरे हुस्न का दीदार कर लेना जनाब!
मैंने उसे अन्दर लिया रूम में और दरवाजा बंद किया।

अन्दर आते ही उसे अपनी बांहों में कस के भर लिया, उसकी आँखों में आंखें डालकर देखा तो कब हमारे लब एक दूजे के लबों में समा गये, पता ही नहीं चला। दस मिनट तक हम एक दूजे के होंठों का यूँही रसपान करते रहे।