प्यासी आंटी और उसकी बेटी की चुदाई

आंटी :- मेरे राजा तू गांड छोड़ तुझे मैं वो पूरी की पूरी दे दूँगी बस तू मुझे खुश कर दे मेरी चूत की आग को बुझा दे बस।

मैं :- अरे आपकी चूत क्या आपकी गांड की प्यास भी आज मैं बुझा दूँगा।

बस ये कहते ही मैं खड़ा हुआ और आंटी की दोनों टांगो के बीच आकर बैठ गया आंटी ने खुद ही अपनी दोनों टाँगे खोलकर अपनी चूत को खोलकर मेरे सामने कर दिया फिर उन्होंने मेरा लंड पकड़कर अपनी चूत पर रखा और मैंने एक ज़ोरदार धक्का मारा जिससे मेरा लंड पूरा का पूरा एक ही बार में आंटी की चूत में घुस गया लंड अंदर जाते ही आंटी की एक जोरदार चींख निकली फिर मैंने ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने शुरू कर दिए आंटी बोली, अरे आराम से मारो मेरी जान निकालोगे क्या तुम आज?

मैं :- क्यों अब क्या हुआ साली रंडी अब दर्द हो रहा है मैं तो ऐसे ही तेरी चूत और गांड दोनों फाड़ुँगा आज अब दर्द सहने की आदत डाल लो, क्यूंकि आज कल के नये जवान लौड़े के लंड मोटे और तगड़े होते क्यूंकि वह उनकी रोज़ एक्सरसाइज करते है, ये दर्द तो ऐसे ही होगा जो तुझे सहना ही पड़ेगा।

आंटी को मैंने उस रात 4 बार बहुत जबरदस्त तरीके से चोदा मेरे लंड की एक एक बूंद आंटी की चूत और गांड में समा गई और दो बार आंटी ने उसे अपने मुहँ में लेकर पिया। फिर हम दोनों एक दूसरे की बाहों में ऐसे ही नंगे सो गये सुबह जब मेरी आँख खुली तो उसकी बेटी और बेटा घर आ चुके थे। मैं उठा और आंटी के कान में कह दिया साली तुझे अपना वादा तो याद है ना, आंटी बोली हाँ मेरे राजा याद है बस तू थोड़ी देर रुक जा। करीब 30 मिनट बाद आंटी ने अपने बेटे को कही बाहर भेज दिया फिर आंटी ने मुझे अपने कमरे में बुलाया और खुद वो पूरी नंगी होकर मेरा लंड चूसने लग गई तभी उसने अपनी बेटी मैना को आवाज़ दी, मैना अंदर आई और उसने जब देखा की उसकी माँ पूरी नंगी नीचे बैठकर मेरा लंड चूस रही है तो वो पूरी तरह से हैरान रह गई।

आंटी बोली मैना बेटा अंदर आ जाओ दरवाज़ा बंद करके और ये देखो कितना मस्त लंड है एक बार तुम भी इसको चूसकर देखो अगर मज़ा ना आए तो वापिस चली जाना। मैना तो जब से आई थी तभी से वो मेरे लंड को देख रही थी जैसे ही आंटी ने उसे लंड चूसने का ऑफर दिया तभी वो मेरे लंड को चूसने लग गई करीब 10 मिनट बाद लंड चूसने के बाद आंटी ने उसे खड़ा किया और उसे पूरा नंगा करके उसको मेरे आगे घोड़ी बना दिया। फिर आंटी ने उसकी गांड में ऑयल लगा दिया और मुझसे बोली की अब इसकी गांड में अपना लंड डालो धीरे धीरे से, आंटी ने उसकी गांड अपने दोनों हाथों से खोली हुई थी मैंने अपना लंड जैसे ही डाला तो उसकी गांड फट गई और वो ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लग गई तभी आंटी ने आगे जाकर उसके मुहँ में अपना बूब्स डाला और कहा बेटी एक बार तो दर्द होता ही है फिर बाद में मज़ा ही मज़ा है। दोस्तों यह सेक्स स्टोरी आप कामलीला डॉट कॉम पर पढ़ रहे है।

मैं मेरी जान मैना की गांड को तबियत से चोदने में लगा हुआ था मैंने ज़ोर ज़ोर से उसकी गांड मारना जारी रखा हुआ था गांड को चोदने के बाद मैंने अपने लंड का पानी मैना की गांड में ही छोड़ दिया और फिर उस दिन के बाद मैं उन दोनों को जमकर चोदने लग गया। अब तो हम सेक्स की गोलियां खाकर चुदाई करते है जिससे हमें भरपूर सेक्स का मज़ा मिलता है और ज्यादा देर तक टिके भी रहते है।

धन्यवाद कामलीला डॉट कॉम के प्यारे पाठकों !!