बेवकूफ बुआ की गन्दी झांट बना के रात भर चोदा

Bewkoof bua ki chudai kahani मेरा नाम सनी हे, ये मेरा पहला और सच्चा अनुभव हे जिसे मैंने स्टोरी के रूप में आप के सामने रखा हे. पहले अपने बारे में बता दूँ. मैं 20 साल का जवान लोंडा हूँ और मुंबई में रहता हूँ. लंड करीब 7 इंच का हे मेरा. बाकी सब तो वही हे जो आप के पास हे! अब अपनी बुआ के बारे में बताऊँ. वो मिड 30 में हे और उसका फिगर बड़ा ही लुभावना हे. उसकी शादी अभी तक नहीं हुई हे. वो कहती हे की मुझे शादी वगेरह में कोई इंटरेस्ट नहीं हे. उसका रंग साफ़ हे. वो अच्छी दिखती हे और बहुत सब लोग उसे लाइन मारते हे क्यूंकि वो अच्छी पोस्ट पर जॉब करती हे गवर्नमेंट सेक्टर में.

मैंने अपने घर में सब का लाडला हूँ और सब लोग बहुत पसंद करते हे. बुआ खुद भी मुझे बड़ा प्यार करती हे. मैं छोटा था तब अक्सर वो मुझे साथ में ले के घुमने जाती थी. और बड़ा हो गया फीर वो मेरी बाइक के पीछे बैठ के ही अपनी शोपिंग वगेरह करती हे. पहले मैं मासूम था लेकिन अब मेरा दिमाग शैतानी हो गया हे. मेरे मन में लेडिज के साथ सेक्स के खवाब और ख्याल आने लगे थे. मैं 18 साल का था तब तक मैं अपनी बुआ के साथ एक ही बिस्तर में सो जाता था. धीरे धीरे मेरी हिम्मत खुलने लगी थी. और मुझे बुआ के बदन की महक पसंद आने लगी थी. वो मुझे लिपट के सो जाती थी. मुझे तब लगता था की शायद बुआ मेरे अंदर एक मर्द को खोजती थी जो उसकी सुनता हो और उसकी हाँ में हाँ कहता हो! उसका पति भी तो नहीं था जो उसे चोद के उसकी चूत गीली करता!

और एक दिन मैंने सोचा की आज तो आगे बढ़ ही जाऊँगा बुआ के साथ! हम दोनों ने डिनर कर लिया और सोने के लिए जाने लगे. मैंने बुआ से कहा मैं आज आप के साथ सोऊंगा. बुआ हंस के बोली आजा कोई बात नहीं. मैं बुआ के साथ उसके कमरे में चला गया. वो थोडा डिस्टेंट सा बना रही थी क्यूंकि मैं 18 साल का जो हो गया था. लेकिन मैंने उसे अपनी बाहों में जकड़ लिया. पहले बुआ को थोडा ओड लगा लेकिन उसने कुछ भी कहा नहीं. मेरी नाक के पास बुआ की बगल थी जहाँ से उसके पसीने की महक आ रही थी. ये महक ही मुझे मदहोश कर देती हे दोसतो!

रात के करीब 2 बजे थे. मैं जानता था की बुआ इस वक्त गहरी नींद में ही होनी चाहिये मैं जो कर रहा था वो बड़ा ही रिस्की था और जाहिर हे इसी वजह से मेरे बदन के ऊपर पसीना छुट गया था. मैंने बुआ को सीधे लिटा दिया और फिर उसके पेट को देखने लगा. मैंने पेट को थोडा हिलाया और चेक किया की वो सच में नींद में ही थी. वो हिली नहीं और मैंने अपना काम चालू कर दिया. मैंने अपने हाथो को धीरे से बुआ के बूब्स पर रख के धीरे से सहला दिया. मुझे आश्चर्य हुआ की वो अभी भी सो रही थी. लेकिन मेरा दिल जोर जोर से धडक रहा था इसलिए मैंने उस रात को कुछ नहीं किया आगे. चद्दर के अंदर अपनी पेंट में हाथ डाल के मुठ मारी और मैं सो गया! फिर तो मैं रोज ही रात को बुआ के साथ सोने के लिए चला जाता था. टच करने की बात अब उसके बूब्स और जांघो तक जा चुकी थी. मैं रोज रात को बुआ के सेक्सी बदन को टच कर के मुठ मार लेता था और फिर सो जाता था.

फिर एक दिन मेरे दिल के अन्दर के मर्द को झंझोड़ दिया की बुआ अब तक नहीं जागी फिर आगे बढ़ना चाहिए. मैंने हिम्मत कर के अपने लंड को बहार कर दिया. बुआ एक पासे पर सोयी हुई थी और उसकी कमर मेरी तरफ थी. वो गाउन में सोती हे. मैंने गाउन को जितना ऊपर कर सकता था कर दिया था. बुआ की गांड का हिस्सा मुझे दिख रहा था. मैंने अपने लंड को बुआ की जांघो के बिच में घिसना चालू कर दिया. और लंड को मैंने उसकी गांड पर भी टच करवा रहा था. बुआ अब तक जागी नहीं थी इसलिए तसल्ली से सब कर रहा था मैं. साला उस वक्त पता नहीं मुझे क्या हुआ! मैं अब अपने लंड को वहां पर रख के हौले हौले से अपनी कमर को आगे पीछे कर के चोदते हे वैसे झटके मारने लगा. बुआ की सेक्सी जांघो के बिच में लंड को फिल कर के मुझे आज अलग ही सनक सी चढ़ी हुई थी. वैसे तो आजतक बुआ की नींद में कभी खलल नहीं हुई मेरी एन्जॉयमेंट से लेकिन आज कुछ ज्यादा ही हो गया था मेरे से.

मेरे धक्को की वजह से बुआ जाग गई, उसने मुझे देखा और मेरे लंड को देख के बोली, ये सब क्या हो रहा हे? क्या हमने तुम्हे यही सिखाया हे!!!

मैं हिम्मत जुटा पाता कुछ कहने की उस से पहले तो उसने मुझे कस के चांटा लगा दिया.

पता नहीं मुझे क्या हुआ मैंने भी एक चांटा मारा बुआ को और उसके हाथ पकड़ के उसे सोफे के ऊपर खिंच लिया. वो बोली, क्या कर रहे हो!

मैंने कहा वही जिसकी आप को जरूरत हे!

मैंने बुआ के गाउन को पकड़ के ऊपर किया और बूब्स में हाथ डाल के दबाने लगा. बुआ ने मुझे धक्का दिया पर मैं नहीं हटा. वो बोली, छोडो मुझे सनी, प्लीज़ ये ठीक नहीं हे.

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