भाभी ने रांड बनकर गांड चुदवाई

हैल्लो दोस्तों, यह कहानी मेरी और मेरे चचेरे भाई की पत्नी मेरी हॉट सेक्सी भाभी की है, मेरी भाभी का नाम सोनिया है। दोस्तों वो दिखने में थोड़ी हिरोइन जैसी लगती है और जब मैंने पहली बार मेरी भाभी को देखा तब में उनको देखता ही रह गया और तभी उसी दिन से मैंने मन ही मन में सोच लिया था कि मुझे इनकी एक बार चुदाई जरुर करनी है। दोस्तों वैसे में बहुत ही शर्मीले स्वभाव का हूँ इसलिए में किसी भी नये इंसान से बहुत जल्दी खुलकर बात नहीं कर सकता, लेकिन फिर समय निकलने के साथ ही मेरी और उनकी अच्छी दोस्ती हो गई। फिर मैंने कई बार मौका देखकर उनकी ब्रा पेंटी को सूंघकर मज़े लिए और उनके बारे में सोचकर मुठ भी मारी और अब मुझे मन ही मन लगता था कि उनका भी मेरी तरफ आकर्षण बढ़ने लगा है। एक दिन भगवान ने मेरे मन की बात को सुन लिया और मुझे वो मौका मिल ही गया जिसका मुझे बहुत समय से इंतजार था। दोस्तों यह घटना तब की है जब में 19 साल का था और मुझे अभी भी अच्छी तरह से याद है कि उस दिन घर पर सिर्फ़ में और मेरी भाभी थी। फिर उस दिन मेरे बड़े भैया अचानक से आए बड़े ही तेज तूफान की वजह से उनके ऑफिस में ही फंस गये थे और उसी दिन मेरी चाची भी अपने किसी रिश्तेदार के घर गई थी और वो भी वहीं पर फंस गई थी।

अब सिर्फ़ में और मेरी भाभी घर पर अकेले ही रह गये थे और दोपहर को आई बड़ी तेज तूफानी बारिश की वजह से घर की बिजली भी चली गई। फिर हम दोनों साथ में बैठे बातें करने लगे थे। बाहर का मौसम बहुत खराब था और बातें करते हुए ही हमे शाम हो गई। अँधेरा होने की वजह से भाभी मोमबत्ती लेकर आई और फिर हम दोनों हंसकर खुलकर बातें करने लगे थे। फिर अचानक से बातों ही बातों में मेरे मुहं से निकल गया कि भाभी आज आप बहुत सेक्सी लग रही हो। फिर मेरे मुहं से यह बात सुनकर भाभी के मुहं पर तो जैसे बारह बज गए और में भी सहम गया और सोचने लगा कि मेरे मुहं से यह ऐसी बात कैसे निकल गई। अब मैंने भाभी से कहा कि भाभी आप मुझे माफ़ करना मुझसे गलती से यह शब्द निकल गए प्लीज मुझे ऐसा आपसे नहीं कहना चाहिए था। फिर भाभी ने मुझसे कहा कि तुम यह क्या कह रहे हो? और फिर उन्होंने मुझे थोड़ा डांटा और फिर बड़े प्यार से समझाया और कहा कि देखो तुम मेरे देवर हो और तुम अभी छोटे हो, तुम्हे ऐसी बातें नहीं करनी चाहिए। दोस्तों जब वो मुझे समझा रही थी तब मैंने उनकी आँखों में एक अजीब सी तड़प देखी, जो किसी असंतुष्ट औरत की आँखों में होती है और फिर वो उठकर खाना बनाने चली गई।

फिर कुछ देर बाद हम दोनों ने साथ में बैठकर खाना खाया और खाना खाते समय मुझे अपनी भाभी का व्यहवार बड़ा अजीब लगा, उनका ध्यान खाना खाने में बिल्कुल भी नहीं था, पता नहीं क्या वो कुछ बात सोच रही थी? अब मैंने उनको पूछा कि भाभी आप ठीक तो हो? भाभी ने कहा कि हाँ में ठीक हूँ और फिर हम वापस खाना खाने लगे। फिर खाना खाने के कुछ देर बाद भाभी मोमबत्ती अपने साथ लेकर टॉयलेट में गई और उन्होंने मुझसे कहा कि में टॉयलेट में जा रही हूँ, लेकिन में दरवाज़े की कुण्डी अंदर से बंद नहीं करूंगी, क्योंकि मुझे डर लगता है। अब मैंने उनको कहा कि हाँ ठीक है और फिर में हॉल में बैठ गया। में बैठा हुआ था कि तभी अचानक से मुझे एक चीख की आवाज सुनाई दी और वो मेरी भाभी को चीख थी। अब में तुरंत दौड़कर टॉयलेट के पास चला गया और मैंने पूछा कि क्या हुआ भाभी? भाभी ने कहा कि टॉयलेट में एक बड़ा कॉकरोच है। अब मुझे वो बात सुनकर मन ही मन बड़ी हंसी आने लगी और तभी भाभी ने मुझसे कहा कि हर्ष तुम अंदर आ जाओ। फिर मैंने दरवाजा खोला और अंदर जो द्रश्य मैंने देखा उसको देखकर मेरा 6.5 इंच का लंड तुरंत तनकर खड़ा हो गया। दोस्तों मैंने देखा कि भाभी नीचे से पूरी नंगी बैठी थी और में तो उनको चकित होकर देखता ही रह गया।

फिर भाभी दोबारा से चिल्लाई कॉकरोच और मैंने तुरंत ही उस कॉकरोच को एक कपड़े में लेकर बाहर फेंक दिया, भाभी कुछ भी नहीं बोली और सिर्फ़ अपना सर नीचे कर लिया। दोस्तों मेरा तो मन कर रहा था कि में वहां से बाहर ही ना निकलूं, लेकिन फिर मैंने अपने मन को शांत किया और में बाहर निकल गया और जब में टॉयलेट से बाहर निकल रहा था, उस समय मैंने देखा कि भाभी की आँखों में देखकर मुझे लगा कि जैसे भाभी मुझसे कह रही हो तुम यहीं रुक जाओ और उनकी आँखों में शरारत भी थी, शायद उन्होंने मेरी पेंट से खड़े लंड को देख लिया होगा। फिर मैंने टॉयलेट का दरवाज़ा वापस बंद कर लिया और बाहर चला गया, थोड़ी देर बाद के भाभी भी बाहर निकल गई, लेकिन ना तो उन्होंने मुझसे कुछ कहा और ना ही में उनको कुछ बोल सका। फिर वो रसोई में अपना काम खत्म करने के लिए चली गयी और आधे घंटे के बाद वो रसोई से बाहर आई और मेरे पास आकर बैठ गई। अब मैंने देखा कि पसीने की वजह से उनके पूरे कपड़े गीले हो गए थे, जिसकी वजह से में उनकी ब्रा की डोरी को साफ साफ देख सकता था। दोस्तों यह सब देखकर मेरा तो बड़ा बुरा हाल हो रहा था और अब मेरा लंड पेंट के बाहर आने के लिए तड़प रहा था।

Pages: 1 2 3 4 5

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *