भाभी की गांड का उपहार

हैल्लो दोस्तों, में भी आप सभी की तरह कामुकता डॉट कॉम का पिछले कुछ सालों से पाठक हूँ और में इन सेक्सी कहानियों को पढ़कर बहुत मज़े लेता आ रहा हूँ। दोस्तों जो लोग मुझे नहीं जानते में आप सभी को बता देता हूँ, मेरा नाम सन्नी है और में जम्मू का रहने वाला हूँ और में जम्मू के ही एक कॉलेज से बी.ए की पढ़ाई पूरी कर रहा हूँ। दोस्तों मेरी उम्र 24 साल, मेरी लम्बाई 5.9 और मेरा बदन हर दिन कसरत करने से बहुत गठीला गोरा बड़ा आकर्षक लगता है और मेरे लंड का आकार सात इंच लंबा और दो इंच मोटा है। अब में आप सभी को अपनी आज की उस घटना के बारे में बताता हूँ जिसके लिए में आज यहाँ आया हूँ। दोस्तों हम सभी लोग बहुत ही खुले विचारों के परिवार का एक हिस्सा है और हमारे दूर दूर के रिश्तेदार सर्दियों की छुट्टियों में कुछ दिनों के लिए हमारे साथ हो जाते थे। दोस्तों में अपने चचेरे भाई के साथ रह रहा था और वहीं मेरी एक दूर की भाभी थी, मतलब कि वो मेरे चचेरे भाई की पत्नी थी और उनके घर में सभी लोग उन्हे प्यार से शिवि कहते थे, लेकिन में उनको सिर्फ़ भाभी ही कहता था और मेरी भाभी की उम्र 37 साल थी, लेकिन वो अभी भी बड़ा सितम ढाती थी। वो दिखने में बहुत ही हॉट सेक्सी लगती थी और उनके बूब्स का आकार 36-30-42 है।

दोस्तों उनकी एक बेटी भी है, जिसका नाम कृति है और वो मुझे बहुत अच्छी लगती थी और उसके गोरे बदन पर जवानी का असर अब धीरे धीरे दिखना शुरू हो रहा था। दोस्तों में अक्सर मज़ाक में उसके शरीर के कुछ हिस्सों को छूकर मज़ा लेता था और कभी खेल खेल में उसको अपने गले से लगाकर में उसके उभरते हुए बूब्स को कसकर अपनी मुठ्ठी में जकड़ लेता था। दोस्तों वो भी मुझे मन ही मन बहुत चाहती थी और कई बार अकेले में मैंने अंधेरे में उसके साथ चूमना बूब्स को दबाकर मज़े लेने जैसे काम किए और उसकी चूत भी सहलाई और वो भी मेरे लंड को अपने नरम हाथों से सहलाती थी, लेकिन उसकी चुदाई करने का मुझे कभी कोई मौका नहीं मिला। एक बार गर्मियों के दिनों में हम लोग मेरे चचेरे भाई के घर (हिमाचल) से शिवि भाभी के घर (अमृतसर) चले गये। भाभी के पति (मतलब कि मेरे चचेरे भाई) उन दिनों अपने काम की वजह से कहीं दूसरे शहर में गए थे। दोस्तों हमारे साथ में कीर्ति, उसका छोटा भाई रमेश और मेरी उम्र का उसका एक चचेरे भाई विनय भी था। फिर बस से जाते समय कीर्ति, विनय और रमेश एक साथ बैठे हुए थे और में मेरी भाभी एक सीट पर बैठे थे। फिर रात को सोते सोते भाभी का सर गलती से गहरी नींद में मेरे कंधों पर बार बार आ रहा था।

फिर मुझे यह बहुत अच्छा लगा और मेरा लंड तनकर खड़ा हो गया था, लेकिन शिवि भाभी उस समय गहरी नींद में थी, इसलिए उनको कुछ भी पता नहीं था। फिर मैंने कुछ देर बाद चुपके से उनका एक हाथ उठाकर अपने लंड के ऊपर पेंट पर रख दिया और उनको नींद में होने की वजह से पता भी नहीं चला। फिर थोड़ी देर के बाद वो नींद में ही मेरा लंड दबाने लगी। फिर एकदम जब उनको महसूस हुआ कि वो क्या कर रही थी? तभी वो सकपकाकर ठीक से बैठ गयी और मेरी तरफ हल्का सा मुस्कुराकर देखने लगी। दोस्तों मुझे उनकी इस अदा पर बहुत प्यार आ रहा था और पहली बार मैंने देखा कि मेरी 37 साल की भाभी कितनी सुंदर है। अब मुझे लगा कि में उनको अभी चूम लूँ, लेकिन में अपने मन को मारकर रह गया। फिर दूसरे दिन सवेरे ही हम लोग अमृतसर पंहुच गए और मैंने अपनी भाभी को बिल्कुल भी महसूस नहीं होने दिया कि रात की लंड वाली बात के बारे में मुझे पता था। फिर घर पंहुचकर नहा धोकर हम सभी ने खाना खाया और उसके बाद हम केरम बोर्ड खेलने लगे थे। अब मैंने गौर किया कि जब भी हम दोनों अकेले होते, भाभी मेरे शरीर से अपना शरीर किसी भी बहाने से रगड़ देती थी और एक बार तो भाभी ने उनकी चूत वाला हिस्सा जानबूझ कर मेरे हाथ से रगड़ दिया और वो मुस्कुरा उठी।

फिर रात को हम लोग घर के आँगन में नीचे जमीन पर बिस्तर लगाकर सोने लगे और भाभी ने ऐसे सबके सोने का जुगाड़ किया कि सबसे पहले कृति, फिर उसके बाद विनय, फिर में, फिर रमेश और फिर भाभी सो गई। फिर हम सभी कुछ देर इधर उधर की बातें करते हुए सो गये। फिर देर रात को आधी नींद में मैंने ध्यान दिया कि भाभी उठकर मेरे और रमेश के बीच आकर लेट गयी, मेरा लंड पहले से ही ऐसे मौके देखता रहता है इसलिए वो अब तनकर खड़ा होने लगा था, लेकिन में सोने का बहाना करके लेटा ही रहा। फिर थोड़ी देर के बाद भाभी ने मेरा हाथ अपने हाथ में ले लिया और वो उसको धीरे धीरे मसकने लगी थी, मेरा लंड अब और भी ज्यादा तन गया था। अब मैंने भी उनका हाथ मसला और वो तुरंत समझ गयी कि में जाग गया हूँ, लेकिन बाकी सभी लोग उस समय गहरी नींद में सो रहे थे। फिर भाभी ने मेरा हाथ अपनी छाती पर रख दिया। दोस्तों अब मुझे छूकर महसूस हुआ कि कृति के बूब्स तो थोड़े से उभरे हुए थे, लेकिन भाभी के बूब्स तो उससे भी अच्छे थे। अब में उनके बूब्स को ब्रा और ब्लाउज के ऊपर से ही सहलाने लगा था और मैंने भाभी की तरफ करवट कर ली और भाभी भी मेरी तरफ करवट करके मुझसे कहने लगी ओह्ह्ह मेरे सन्नी ऊह्ह्ह और वो मेरे होंठो को चूसने लगी थी।

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