भाभी की गांड का उपहार

तभी भाभी भी आ गयी और सबसे पूछते हुए वो पानी लाने चली गयी कि कौन क्या क्या लेकर आया है? जल्दी जल्दी में मेरी पेंट की चेन खुली रह गयी थी जिसको कीर्ति ने देख लिया था और वो हंस भी रही थी। फिर मैंने देखा तो जल्दी से सभी से नजर बचाते हुए मैंने अपनी पेंट की चेन को लगा लिया और फिर भाभी ने मुझे रसोई में इशारा करके अपने पास बुलाया और मुझे पकड़कर मेरे होंठो पर एक चुम्मा किया और वो मुझसे बोली सन्नी तुम्हारा जवाब नहीं है, आज रात को तुम अलग से सोना, में बाद में जब सभी लोग सो जाएँगे, तब में तुम्हारे पास आकर अपनी चूत और गांड दोनों तुम्हारे लंड से चुदाई के मज़े लूंगी, क्योंकि मेरा मन अभी भरा नहीं है, पहली बार तुम्हारे लंड को लेने के बाद से अब मेरी आग पहले से भी ज्यादा भड़क गई है और तुम्हे अब इसको हमेशा ऐसे ही दमदार चुदाई करके बुझाना होगा। फिर हम पानी लेकर बाहर आ गये और बातें करते हुए सामान देखने लगे उस रात को मैंने भाभी को तीन बार बहुत जमकर चोदा और बहुत जमकर मैंने उनकी गांड भी मारी, वाह क्या मस्त मज़ा आया सच में उनकी गांड चूत को मारने में, मेरा मन उस अनुभव के बाद खुश हो गया, क्योंकि वो मेरा सबसे अच्छा सेक्स अनुभव था, जिसके बारे में आज भी सोचकर मेरा लंड खड़ा हो जाता है ।।

धन्यवाद .