भाभी को चुदाई के लिए तड़पाया

दोस्तो, अब मैं समझ गया था कि भाभी मुझसे चुदवाना चाहती थीं, पर मैं अपनी तरफ से पहल ना करके उन्हें तड़पाना चाहता था. जब मैंने देखा कि अभी भी भाभी का ध्यान मेरे लंड पर था.. तो मैंने भी अपने लंड को अपने हाथ से सहला दिया.
भाभी ने नजर नहीं हटाई.

फिर हम कमरे में चले गए और मैंने देखा कि भाभी ने अपनी बेटी को बेड के साथ लगे हुए एक अलग बेड पर लिटा रखा था.

मैं बेड पर बैठ गया और भाभी नहाने चली गईं. इस वक्त मुझे डर भी लग रहा था कि अगर मैंने पहल न की तो कहीं मैं भाभी को चोदने का मौका ही न गंवा बैठूँ.

पर जब भाभी बाहर आई तो मैं उन्हें देखता ही रह गया. उन्होंने लाल रंग की बेबी डॉल वाली मैक्सी पहनी हुई थी, जो घुटनों तक ही आती थी. भाभी की ये नाइटी इतनी सिल्की थी कि उसमें साफ़ महसूस हो रहा था कि उन्होंने अन्दर कुछ भी नहीं पहना है. वो सच में ही कहर ढा रही थीं.

वो मेरे पास आकर कुछ ऐसे बैठ गईं कि उनकी एक जांघ बिल्कुल नंगी सी हो गई. अब वो मुझसे मेरे स्कूल के बारे में पूछने लगीं. ऐसे ही स्कूल के बारे में बातें करते करते उन्होंने मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में पूछा तो मैंने कहा कि हां मेरी गर्लफ्रेंड है.
फिर उन्होंने मुझसे पूछा कि तुमने उसके साथ कुछ किया है?
तो मैं अनजान बनने की एक्टिंग करते हुए बोला- क्या मतलब?

इस बात पर भाभी ने अपनी जांघ खुजाने का बहाना करते हुए अपनी बेबी डॉल को और ऊपर तक चढ़ा लिया. मेरी निगाहें उनकी चिकनी जाँघों का मुआयना करने लगीं.
भाभी- मतलब ये कि क्या तुमने अपनी गर्लफ्रेंड के साथ सेक्स किया है?
मैंने कहा- बस उसको चुम्मी ली है भाभी.
भाभी- क्यों और आगे क्यों कुछ नहीं किया? क्या वो मना करती है?
मैंने कहा- हां भाभी, वो राजी नहीं होती है.
भाभी बोलीं- किस चीज के लिए राजी नहीं होती?
मैंने कहा- सेक्स के लिए.
भाभी ने अपनी नाइटी को चूत तक उठाया और एकदम से ढक लिया, फिर बोलीं- सेक्स के लिए या चूत देने के लिए?

मैंने नजरें झुका लीं.

ये देख कर भाभी के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने मुझे बहुत जोर स्मूच किया.
जब मैंने उनसे खुद को छुड़ा कर पूछा कि आप ये क्या कर रही हैं?
अब भाभी ने मुझे गुस्से में कहा- ओये भोसड़ी के.. मैं तुझे इतनी देर से अपनी चुदाई का खुला आमंत्रण दे रही हूँ और तू मुझे तड़पा रहा है. अब तुझे क्या हो गया? पहले तो मेरे बूब्स छूने का कोई मौका नहीं छोड़ता था, अब जब चुदाई का मौका है तो मुझे चोद ना..!

भाभी के मुँह से ये बात सुन कर पहले तो मैं बहुत हैरान हुआ और फिर मुझे मेरी गलती का एहसास हुआ. मैंने भाभी को सॉरी बोला और उन्हें बहुत जोर से स्मूच करने लगा. वो भी मेरे मुँह में अपनी जीभ डाल कर बहुत जोश में किस कर रही थीं. हमारा वो स्मूच 15 मिनट से भी लंबा चला. फिर मैंने जोश में उनकी मैक्सी फाड़ दी और उन्होंने भी मेरे सारे कपड़े उतार दिए. मैंने उनके सारे शरीर पर किस किया और उनके बूब्स भी बहुत चूसे.

इसके बाद मैंने उनको चित लिटाया और अपना मूसल उनकी चूत में एक झटके में ही अन्दर तक पेल दिया. भाभी की उम्म्ह… अहह… हय… याह… निकल गई. उन्होंने कुछ ही झटकों के बाद मुझे पूरा मजा देना शुरू कर दिया. भाभी अपनी गांड उठा उठा कर खूब मस्ती से चुद रही थीं.

मैंने बीस मिनट तक धकापेल चोदा और उनकी चुत में ही झड़ गया.

पूरी रात मैंने उन्हें 4 बार चोदा, अगले 2 दिन जब तक उनके पति और बाकी घर वाले नहीं आए, मैंने उन्हें जी भर के चोदा.

अब भी जब भी हमें मौका मिलता है, तो हम चुदाई कर लेते हैं और चूमा चाटी वगैरह तो हम हर दिन ही चुपके चुपके कर लेते हैं.

तो दोस्तो, यह थी मेरी पहली सेक्स कहानी… आशा करता हूँ कि आपको पसंद आई होगी. मुझे मेल जरूर करें.

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