भाई का लंड देख के नियत बिगड़ी

मेरा नाम आंचल है मैं 24 वर्षीय मुंबई की रहने वाली हूं। मेरे ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी हो चुकी है और अब मैं एक कॉल सेंटर में काम करती हूं। मैं सुबह के वक्त ही घर से निकल जाती हूं और शाम को ही घर लौटती हूं लेकिन कभी-कभार मेरी नाइट शिफ्ट भी होती है इसीलिए मुझे कभी नाइट में भी अपने कॉल सेंटर जाना पड़ता है और सुबह के वक्त ही मैं घर लौटती हूं। मेरे घर पर मेरे माता-पिता और मेरा छोटा भाई है। मेरा छोटा भाई बारहवीं में पढ़ता है और वह बहुत ही शरारती है, उसका नाम गौरव है। वह हमेशा ही कुछ ना कुछ शरारत करता रहता है जिस वजह से मेरे माता-पिता को भी शर्मिंदा होना पड़ता है। कई बार मेरे माता-पिता उसकी वजह से हमारी कॉलोनी में बहुत शर्मिंदा होना पड़ता लेकिन उसके बावजूद भी वह बिल्कुल भी सुधरने को तैयार नहीं है।

उसके स्कूल से भी हमेशा ही शिकायतें आती है और उसके प्रिंसिपल हमेशा ही हमारे घर पर नोटिस भेज देते हैं वह कहते हैं कि गौरव बिल्कुल भी पढ़ाई नहीं करता और स्कूल में बच्चों के साथ झगड़ा करता रहता है, जिस वजह से मेरे पिताजी भी बहुत परेशान हो चुके हैं और मेरी मां भी बहुत परेशान है। हम सब लोगों ने उसे बहुत बार समझाया परंतु उसके बावजूद भी वह बिल्कुल भी समझने को तैयार नहीं है। मुझे कभी भी कोई आवश्यकता होती तो मैं गौरव को कह देती, वह मेरा काम जरुर करता है। उसके बदले में मैं उसे उसके जेब खर्चे के लिए पैसे भी दे दिया करती हूं। मेरे पिताजी एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं और मेरी मां भी घर में छोटा मोटा काम कर के कुछ पैसे कमा लेती है। मैं भी अब काम करने लगी हूं तो इसलिए थोड़े बहुत पैसे मैं भी घर पर दे दिया करती हूं। कभी मैं अपने ऑफिस से आते वक्त कुछ ना कुछ सामान कर ले आती हूं। मेरी सहेलियां भी कई बार हमारे घर पर आते हैं और जिस दिन मेरी छुट्टी होती है उस दिन मेरे कॉलेज की सहेलियां मेरे घर पर आ जाती हैं क्योंकि वह लोग भी अब जॉब करने लगे हैं इस वजह से हमारी मुलाकात कम हो पाती है लेकिन हम लोगो का फोन पर हमेशा ही संपर्क रहता हैं। मैं अपने कॉलेज के समय से ही बहुत ज्यादा एक्टिव हूं इसीलिए मैं अपने काम में कभी भी बिल्कुल भी ढिलाई नहीं करती।

मेरे पिताजी और मेरी मां मेरी बहुत तारीफ करते हैं और जब वह मेरी तारीफ करते हैं तो उस वक्त मेरा भाई मुझसे बहुत झगड़ता है और कहता है कि तुम लोग आंचल दीदी की कुछ ज्यादा ही तारीफ करते हो मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता जब आप उसकी इतनी तारीफ करते हो। मेरे पिताजी मेरे छोटे भाई पर हमेशा ही गुस्सा रहते हैं और वह कहते हैं कि तुम तो बिल्कुल भी तारीफ के काबिल नहीं हो, तुमने हर जगह हमारी नाक कटवा रखी है और हर जगह तुम हमें शर्मिंदा करवाते हो। गौरव कहने लगा कि मैं हमेशा ही कोशिश करता हूं कि आप तक मेरी शिकायतें ना पहुंचे और ना ही मैं इस प्रकार का कुछ काम करू कि आप मेरे काम से गुस्सा हो, उसके बावजूद भी ना चाहते हुए कुछ ना कुछ ऐसे काम हो ही जाते हैं जिससे कि आप मुझ पर गुस्सा हो जाते हो और आपको वह बात पता चल जाती है तो मुझे भी बहुत बुरा लगता है। मेरे पिताजी कहने लगे कि तुम अब बड़े हो रहे हो और तुम्हें भी अब अपनी जिम्मेदारियों को समझ लेना चाहिए क्योंकि इसके बाद तुम भी कॉलेज में चले जाओगे, कॉलेज में तुम्हें नए नए बच्चे मिलेंगे और उनके साथ तुम यदि इस प्रकार का व्यवहार रखोगे तो तुमसे कोई भी बात नहीं करेगा और ना ही तुम उनके बीच में रहोंगे। गौरव कहने लगा कि आप सही बात कह रहे हैं, मैंने भी कई बार कोशिश की लेकिन उसके बावजूद भी हमेशा ही कुछ ना कुछ गलत हो जाता है जिस वजह से आप लोगों को मेरी वजह से शर्मिंदा होना पड़ता है। मेरे ऑफिस में ही है एक लड़का है जो मुझे बहुत पसंद है लेकिन वह हमसे सीनियर है, उसका नाम अमित है। मैं हमेशा ही अमित को ध्यान से देखा करती हूं और जब भी हमारी ट्रेनिंग होती है तो वह हमें बहुत अच्छे से समझाता है लेकिन अमित मेरी तरफ कभी भी नहीं देखता, मुझे लगता है कि शायद उसकी कोई गर्लफ्रेंड है इसीलिए वह मेरी तरफ नहीं देखता।

मैंने एक दिन अमित से इस बारे में बात की तो वह कहने लगा कि मेरी कोई भी गर्लफ्रेंड नहीं है और मैं सिंगल हूं, मैं गर्लफ्रेंड बनाने में बिल्कुल भी बिलीव नहीं करता और मैं अपनी जिंदगी में सिंगल ही रहना ही पसंद करता हूं। अमित बहुत ही खुले विचारों का लड़का है और अपने काम के बलबूते पर ही उसका प्रमोशन हुआ है। वह अपने काम से बहुत खुश रहता है जो भी काम उसे दिया जाता है वह बखूबी उसे निभाता है और ऑफिस में जितने भी हमारे सीनियर है वह सब अमित की बहुत तारीफ करते हैं। वह लोग कहते हैं कि अमित जिस प्रकार से काम करता है उस प्रकार से हमारे पूरे ऑफिस में कोई काम नहीं करता क्योंकि अमित को जो भी टारगेट दे दिया जाता है वह उसे आसानी से पूरा कर लेता है। मैं जब भी अमित को देखती हूं तो मुझे बहुत खुशी होती है लेकिन मेरी अमित के साथ ज्यादा बातचीत भी नहीं है। मेरी कुछ दिनों के लिए ऑफिस में नाइट शिफ्ट लग गई और मैं रात के वक्त ऑफिस आती थी और सुबह मैं घर जाती थी। हमारे कॉल सेंटर से हमें गाड़ियां लेने को आती थी और सुबह भी हमें हमारे घर पर छोड़ देती थी इसलिए मुझे कोई भी समस्या नहीं होती थी लेकिन जब मैं सुबह घर पहुंचती तो मुझे बहुत ज्यादा नींद आती, मैं सुबह घर जाते ही सो जाती थी। रात को मैं घर से निकलती तो मेरे घर वाले हमेशा ही मुझे कहते कि तुम अपना ध्यान रखना क्योंकि रात का वक्त सही नहीं है।

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