भाई का लंड देख के नियत बिगड़ी

मैं उन्हें कहती कि हमारे ऑफिस से हमें गाड़ियां लेने आती हैं इसलिए आपको चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है लेकिन उसके बावजूद भी मेरे माता-पिता मेरी बहुत चिंता करते हैं। वह कहते कि तुम अपना ध्यान रखना और जब ऑफिस पहुंच जाओ तो हमें फोन कर देना, इसीलिए मैं जब भी ऑफिस पहुंचती हूं तो सबसे पहले मैं अपने मम्मी पापा को फोन कर देती हूं, उसके बाद ही मैं कुछ काम शुरू करती हूं। एक दिन मैं सुबह काम से लौटी तो मैं घर आकर सो गई। मुझे कुछ ज्यादा ही गहरी नींद आ गई, मुझे पता भी नहीं चला कि कब दोपहर हो गई और जब मैं दोपहर को उठी तो मेरी मम्मी मुझे कहने लगी कि तुम आज बहुत देर में उठ रही हो, मैंने उन्हें कहा कि हां आज मुझे कुछ ज्यादा ही नींद आ गई थी इसलिए मेरी आंख नहीं खुल पाई। मैंने दोपहर का अलार्म भी लगाया था लेकिन मुझे वह सुनाई नहीं दिया। मैं कुछ देर अपनी मम्मी के साथ ही बैठी रही, उसके बाद उन्होंने मेरे लिए चाय बनाई और कहा कि क्या तुम लंच करने वाली हो, मैंने कहा हां मैं लंच करूंगी लेकिन मैं पहले फ्रेश हो लेती हूं। मैं फ्रेश होने के लिए गई तो गौरव अपने कमरे में बैठा हुआ था और मैंने उसे देखा। जब मैं गौरव के कमरे में गई तो मैंने देखा कि वह हस्तमैथुन कर रहा है उसने अपने लैपटॉप पर पॉर्न मूवी लगाई हुई है। मैंने उसे देखा तो मैंने कहा कि तुम यह क्या कर रहे हो वह कहने लगा कुछ भी तो नहीं कर रहा जैसे ही उसका वीर्य गिरा तो वह शांत हो गया। मैं उसके पास जाकर बैठ गई उसका पूरा लंड मुरझा चुका था। मैंने गौरव को समझाया और कहने लगी यह अच्छी बात नहीं है यदि तुम इस प्रकार से अपने वीर्य को गिराते रहोगे तो तुम्हारे अंदर कमजोरी आ जाएगी तुम अपने माल का सही इस्तेमाल करो। वह मुझे कहने लगा कि मैं इस माल का सही इस्तेमाल कहां करूं। मैंने उसके लंड को अपने हाथ में लिया तो मुझे बहुत अच्छा लगने लगा जब उसका लंड पूरा खड़ा हो गया तो उसका लंड बहुत ही बड़ा हो गया था। मैंने उसे तुरंत अपने मुंह के अंदर ले लिया और अच्छे से चूसने लगी। मैंने उसके लंड को चूस कर उसका पानी निकाल दिया वह कहने लगा मुझे तुम्हारे मुंह मे लंड डलकर मजा आ रहा है।

गौरव ने कहा आप भी अपने कपड़े खोलो और मुझे अपनी चूत दिखाओ। मैंने अपनी चूत को उसे दिखाया तो वह कहने लगा कि आपकी चूत तो बिल्कुल ही ब्लू फिल्म की हीरोइन जैसी है आपकी चत मे तो एक भी बाल नहीं है। मैं पूरे मूड में थी और उसने जैसे ही मेरी चूत पर उंगली लगाई तो मुझे बहुत अच्छा लगने लगा उसने मुझे बिस्तर पर लेटा दिया और मेरी योनि को चाटने लगा। मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था जब वह मेरी योनि का रसपान करने लगा उसने काफी देर तक मेरी चूत चाटी। उसके बाद जब उसने अपने लंड को मेरी योनि के अंदर डाला तो मुझे बहुत दर्द महसूस होगा और मेरी योनि से खून भी निकलने लगा। वह मुझे बड़ी तेजी से झटके देने पर लगा हुआ था मुझे भी बहुत अच्छा महसूस होने लगा। मैंने अपने दोनों पैरों को चौड़ा कर लिया और उसका लंड मैं अपनी योनि के अंदर तक लेने लगी। उसे भी बहुत अच्छा महसूस होने लगा मुझे बड़ी तेज झटके मार रहा था। उसके बाद उसने मुझे घोड़ी बना दिया जैसे ही उसका लंड मेरी योनि में गया तो मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था उसने मेरी बड़ी-बड़ी चूतडो को कसकर पकड़ लिया। उसका लंड जब मेरी चूत के अंदर जा रहा था तो मैं चिल्लाने लगी और वह मुझे बड़ी तेज गति से धक्के देने लगा। मुझे भी अच्छा लगने लगा मेरी चूत पूरी गीली हो चुकी थी इसलिए मैं भी अपनी चूतडो को गौरव से मिलाने लगी लेकिन हम दोनों ही एक दूसरे की गर्मी को ज्यादा देर तक नहीं झेल पाया जैसे ही गौरव का माल मेरी योनि के अंदर गया तो मैं समझ गई कि अब उसका वीर्य मेरी योनि में गिर चुका है। मैंने अपनी योनि से उसके लंड को बाहर निकाला तो वह मुझे कहने लगा कि आपने तो आज मेरा सपना ही पूरा कर दिया आपकी कमसिन चूत के मैंने मजे लिए मुझे बहुत ही खुशी हुई।