भाई के दोस्त ने चड्डी खुलवाई

Sex Kahani मेरा नाम संजना kamukta है और मेरी उम्र 21 साल की है.. मेरा फिगर 34-28-36 है और में चुदाई की बहुत शौकीन हूँ.. जब में पहली बार चुदी तब से अब तक चुदाई ही मेरी ज़िंदगी है. में अभी तक 22 लोगों से चुदवा चुकी हूँ..

दोस्तोंयह एक साल पहले की बात है.. मेरे छोटे भाई के 2 दिन के बाद परीक्षा शुरू होने वाली थी और उसका पहला पेपर गणित का था.. लेकिन उसके चश्मे का नंबर बढ़ गया था.. इसलिए मेरी माँ उसे डॉक्टर के पास ले गयी थी. मेरा भाई और उसका दोस्त विपिन मिलकर पढ़ाई करने वाले थे. विपिन की कोचिंग में दूसरे ही दिन गणित का टेस्ट था और वो स्कूल के एग्जाम के पहले था और मेरा भाई गणित में बहुत अच्छा था. विपिन एक टपोरी लड़का था.. वो बहुत शरारती, मस्तीखोर, बत्तमीज और पढ़ाई में बहुत खराब था और वो हम लोगों के इलाके में एक छोटी सी खोली में रहता था. उसे मेरा भाई हमारे घर पर आज गणित सिखाने वाला था.. इसलिए वो हमारे घर आया.. लेकिन मेरे भाई ने विपिन को नहीं बताया था कि वो आज डॉक्टर के पास जाने वाला है. तो विपिन दोपहर को ही हमारे घर पर आ गया और में उस समय घर पर बिल्कुल अकेली थी. तो मैंने उसे बताया कि मेरा भाई डॉक्टर के पास गया है और क्या तुम्हे उसने पहले नहीं बताया था कि वो आज घर पर नहीं मिलेगा? तो वो कहने लगा कि नहीं उसने मुझे कुछ भी नहीं बताया और फिर उसने कहा कि क्या वो मेरे भाई की गणित की किताब लेकर जा सकता है? तो मैंने उससे कहा कि तुम इधर ही रुक कर पढ़ाई कर लो और शायद हो सकता है कि मेरा भाई भी एक घंटे में आ जाए.

तो वो अंदर आ गया और सोफे पर बैठ गया और उसने मुझसे पीने को पानी माँगा और मैंने उसे किचन से पानी लाकर दिया और में उसे अपने भाई की गणित की किताब लाने के लिए अंदर चली गयी. फिर जब में बाहर आई तो वो मेरी किताब ( जो में उसके आने के पहले पढ़ रही थी और वो सोफे पर ही रखी थी ) पढ़ रहा था. उस किताब में प्यार पर आर्टिकल था और फोटो भी थे. तभी मैंने उससे किताब छीन ली और बहुत डाटा.. लेकिन वो बेशार्मो की तरह हंस रहा था और फिर उसने मुझसे सॉरी कहा और किताब लेकर बैठ गया और हमेशा उसके मुहं पर पूरे टाईम बेशार्मो वाली स्माईल रहती थी. फिर वो मुझे बार बार देखकर हंस रहा था जैसे उसे मेरा सीक्रेट पता चल गया है. तो में वहाँ से उठकर अपने रूम में चली गयी और फिर से अपनी किताब पढ़ने लगी. तभी कुछ देर बाद मुझे ऐसा लगा कि अगर उसने बैठक रूम में से कुछ सामान उठा लिया तो? और इसलिए में फिर से बाहर गयी.. तो वो सोफे पर लेटकर पढ़ रहा था और में उसे देखकर चौंक गयी कि यह लड़का इतना बत्तमीज कैसे हो सकता है? फिर मैंने उसे उठने को नहीं कहा और सीधा सोफे पर उसके पास बैठने चली गयी.. यह सोचकर कि शायद वो मुझे देखकर उठेगा.. लेकिन उसने बस अपना पैर हटाया और मुझे बैठने दिया और उसका पूरा ध्यान अपनी किताब में ही था. तो में भी अपने मोबाईल में व्यस्त हो गयी और ऐसे ही मैसेज टाईप करते करते मैंने उसकी तरफ देखा तो वो मुझे घूर रहा था और वो भी बहुत देर से और उसकी नज़र मेरे चेहरे पर नहीं थी. फिर मैंने उसे ध्यान से देखा तो वो मेरे बूब्स की गली की तरफ देख रहा था और मुझे याद आया कि विपिन के आने से पहले मैंने अपनी ब्रा को निकाल दिया था और में आर्टिकल पढ़ते पढ़ते अपनी निप्पल को सहला रही थी और में विपिन के अचानक से आने पर अपनी ब्रा को पहनना भूल ही गयी. एक तो में टी-शर्ट भी बहुत टाईट पहनी हुई थी और अब मेरे निप्पल भी बहुत साफ साफ टी-शर्ट में से दिख रहे थे और फिर मैंने किताब से अपनी निप्पल वाला भाग ढक लिया.

फिर मैंने विपिन से कुछ भी नहीं कहा.. क्योंकि में उससे कुछ बोल ही नहीं पाई. मेरे भाई का दोस्त अब मेरे बूब्स देख रहा था यह सोचकर मुझे बहुत अजीब लगा.. मेरे लिए मेरा भाई बच्चो जैसा है और मुझे उसके दोस्त भी बच्चे ही लगते थे भले ही वो ज्यादा उम्र का हो. हम दोनों में 4 साल का अंतर है और मैंने कभी भी मुझसे कम उम्र वालों की तरफ उस नज़र से नहीं देखा था. फिर में बहुत शांत हो गयी और मैंने पढ़ते पढ़ते फिर से विपिन की तरफ देखा.. वो भी मेरी तरफ देखने लगा और हम दोनों एक दूसरे की आँखो में बिना कुछ कहे घूर रहे थे. वो भी बिना किसी के डर के मेरी आँखों में बिना नज़र हटाए देख रहा था और मेरी धड़कने बहुत तेज़ हो गयी और मुझे यह अहसास जाना पहचाना सा लग रहा था. तो मैंने अपनी नज़रे उसकी तरफ से हटाई और में किताब में देखने लगी. तभी मैंने विपिन की तरफ फिर से देखा तो वो मेरे शरीर को पूरी तरह से देख रहा था और उसने अपनी नशीली आँखों से मेरी तरफ देखा. तभी मुझे उसकी पेंट में उसके खड़े लंड का आकार दिखाई दिया और मेरी गरम चूत से खुद ब खुद पानी निकलने लगा और अब मुझे पता चल गया कि मुझे क्या अहसास हो रहा था?