भाई ने बहन को चोदा

मेरी सच्ची हिंदी सेक्सी चुदाई कहानी में पढ़ें कि कैसे बड़े भाई ने छोटी बहन को चोदा. मेरा भाई दिल्ली में रहता था और मैं दो रात उसके पास रुकी थी. तब क्या और कैसे हुआ?

हैलो फ्रेंड्स, मैं सोनिया, मैं आपको मेरी सच्ची हिंदी सेक्सी चुदाई कहानी बताने जा रही हूँ. ये सेक्स स्टोरी मेरे और मेरे भाई के बीच में घटी थी. मैं हरियाणा के एक गांव से हूँ. मेरा फिगर 32-30-36 का है. जो किसी का भी लंड खड़ा कर सकता है.

मेरे घर में भाई, पापा-मम्मी और मैं बस हूँ. ग्रेजुएशन करके मैं सरकारी नौकरी की तलाश कर रही थी. उसी दौरान एक एग्जाम के लिए मुझे दिल्ली जाना था.

उस समय मेरा भाई भी दिल्ली में रह कर जॉब की तैयारी कर रहा था. वो दिल्ली में एक रूम किराए पर लेकर रहता था. मैं उसी के पास रुकने का तय करके एग्जाम देने दिल्ली गई थी.

मैं नियत समय पर दिल्ली आ गई. मुझे लेने भाई आ गया था. उसी दिन सुबह मेरा एग्जाम था, तो मैं सीधे एग्जाम देने चली गई. चार घंटे बाद मैं अपना एग्जाम देने के बाद फ्री हुई, तब मैं अपने भाई के रूम में गई.

मैंने देखा ये एक छोटा सा रूम था. इसमें एक बेड, एक चेयर और एक अलमारी रखने की जगह मात्र थी. अकेले भाई के रहने के मुताबिक़ ये कमरा ठीक था. एक अटैच बाथरूम भी था.

मैंने भाई के साथ उसके कमरे पर आकर फ्रेश हुई. भाई ने खाने का इंतजाम कर रखा था, तो खाना खाया. फिर मैं नहाने चली गई.

तो मैंने नहाने के बाद टी-शर्ट और लोवर पहन लिया था. इस चुस्त सी टी-शर्ट में मेरे बत्तीस इंच के चुचे मस्त लग रहे थे. मैं नहा कर आई और भाई के पास आकर बैठ गई.

मैंने देखा कि भाई मुझको बड़ी कामुकता से देख रहा था. मैंने उसकी निगाहों को पढ़ लिया. मगर मैंने कुछ नहीं बोला. कुछ पल बाद उसका कोई फोन आ गया … तो वो अपने फोन में लग गया.

थोड़ी देर के बाद वो बाहर चला गया.

उस समय मैं रूम में अकेली थी. मुझे कुछ थकान सी भी लग रही थी, तो मैं बेड पर लेट गई. मैं भी अपने फोन में लग गई.

थोड़ी देर में भाई आया और बोला- चल बाहर कहीं घूमने चलते हैं.
अब तक मुझे भी थकान से राहत मिल गई थी, तो मैं उठ कर तैयार हुई और उसके साथ चली गई.

घूमने के बाद हम दोनों रात को दस बजे घर आए … रात का खाना आदि भी बाहर ही खा लिया था.

कमरे में आकर मैं बेड पर लेट गई. चूंकि बिस्तर तो कोई दूसरा था ही नहीं और हम दोनों भाई बहन थे, तो मेरा भाई भी मेरे साथ में लेट गया.

भाई और मेरे बीच बहुत ज्यादा खुलापन नहीं था. इसलिए वो भी चुपचाप लेटा था और मैं भी चुप थी.

थोड़ी देर में भाई बोला- मुझे तो नींद आ रही है … मैं सो रहा हूँ.
वो ये बोलकर सो गया.

पर मुझको नींद नहीं आ रही थी.

जब भाई सो गया तो मैंने उसका फोन उठा लिया और देखने लगी. मैंने जैसे ही फोन ऑन किया, तो देखा कि उसके फोन में भाई बहन की एक सेक्स कहानी खुली हुई थी. उसे देख कर मेरा दिमाग घूम गया. चूंकि ये सेक्स कहानी अन्तर्वासना की चुदाई की कहानी थी, इसलिए मुझे पढ़ने में मजा आ रहा था. मैंने यह पूरी इन्सेस्ट स्टोरी पढ़ ली.

सेक्स कहानी पढ़ने से मेरे मन में चुदाई की मस्ती चढ़ने लगी. मैंने भाई की ओर देखा, वो सो रहा था. मेरा एक हाथ मेरी चुत पर था. मेरे दिमाग में और भी चुदास चढ़ने लगी. मैं भाई के लंड को बड़ी गौर से देख रही थी.

जब मुझसे रहा नहीं गया, तो मैंने धीरे से अपने भाई के ऊपर मेरा एक पैर रख दिया और सोने का नाटक करने लगी.

कुछ देर तक जब भाई की तरफ से कोई हरकत नहीं हुई, तो मैंने अपना एक हाथ उसके पेट पर रख दिया. मुझे बहुत अच्छा लग रहा था.

अब भी भाई गहरी नींद में सोया हुआ लग रहा था. तो मैंने धीरे से अपने एक हाथ को बढ़ाया और भाई के लंड पर रख दिया. मुझे उसके लंड पर हाथ रखते ही थोड़ा सा कुछ महसूस हुआ. अब मेरी सांसें गर्म हो रही थीं.

मैं नींद का ड्रामा करते धीरे से बोली- आआआं …
इससे भाई थोड़ा सा हिला.
उसके हिलने से मेरी तो बिना लंड लिए फट गई. हालांकि उस रात कुछ नहीं हुआ.

अगले दिन जब मैं सुबह सो रही थी, तो उस समय भाई नहाने गया था. मैंने धीरे से आंखें खोल कर देखा, तो वो बाथरूम से केवल एक अंडरवियर में बाहर आ गया था. मैं सोने का नाटक करते हुए उसे देखने लगी.

मेरे भाई मेरे साइड में अंडरवियर में ही लेट गया … और उसने मेरे माथे पर किस किया.

मैंने आंखें बंद रखी हुई थीं. भाई ने मेरा एक हाथ उठा कर अपने लंड पर रख लिया … और मुझसे करीब होकर लेट गया. मैंने महसूस किया कि भाई का लंड खड़ा हो रहा था. कुछ पल बाद भाई ने मेरा हाथ हटा कर अपना अंडरवियर भी उतार दिया. अब वो एकदम नंगा था. मैं थोड़ी सी डर गई थी.

वो मेरे पास लेटे हुए ही मुठ मारने लगा.

लंड हिलाते समय मैंने उसके लंड का विकराल रूप देखा, तो मेरी धड़कनें बढ़ गई थीं. शायद उसने यह महसूस कर लिया कि मैं जागी हुई हूँ क्योंकि मेरी सांस तेज हो गयी थी.