मेरे भाई और उनके दोस्तों ने मिलकर मुझे चोदा

हेल्लो दोस्तों, मैं सोनाली शर्मा आप सभी का स्वागत करती हूँ। मेरी उम्र 20 साल होगी, मैं कानपूर की रहने वाली हूँ। आज से 15 साल पहले मेरे माता पिता का एक दुर्घटना में मौत हो गई थी। तो मेरे चाचा ने मुझे अपने घर रख लिया, क्योकि उनके कोई बेटी नही थी। आज मैं आप को अपने जीवन की सच्ची घटना के बारे में बताने जा रही हूँ। मैं बहुत सीधी और संस्कारी लड़की थी लेकिन मेरे भाई और उनके दोस्तों मुझे चोद चोद के मुझे भी थोड़ी कमीनी और बेशर्म बना दिया। मै बहुत हॉट और सेक्सी लड़की हूँ लेकिन सलवार और सूट में मैं इतनी सेक्सी नही लगती थी, जितना मैं और दुसरे कपड़ो में लगती थी। मेरे गोल गोल, और बड़ी बड़ी आंखे, लाल गुलाबी गाल, लाल लाल पतली और रसीले होठो और मेरे मस्त मस्त गजब ,बड़े बड़े और सॉफ्ट मम्मो को देख कर हर कोई मुझे चोना चाहता था। मेरी जवानी के आशिक़ बहुत थे लेकिन मैंने किसी को अपने जिंदगी में नही आने दिया क्योकि अक्सर लोग कहते है बिना माँ की बेटी थी इसलिए गलत कदम उठा लिया होगा। मैं नही चाहती थी कि मेरे वजह से कोई चाचा चाची को कुछ भी कहे।
मैं अपने चाचा के घर में रहती थी। चाचा के घर में केवल उनका एक बेटा और चाची रहती है। मेरे चाचा के बेटे का नाम सूरज है। उसकी उम्र लगभग 19 साल है। वो दिखने में बहुत स्मार्ट है। गोरा रंग पतले पते होठ , छोटा सा मुह और भी बहुत कुछ उसके अंदर था जिससे वो बहुत ही हैंडसम लगता था।
मैंने क्या किसी ने भी नही सोचा होगा की मेरा भाई और उसके दोस्त सब मिलकर मेरी चुदाई करेगे। लेकिन शायद सूरज की नजर पहले से ही मुझ पर थी। इसीलिए उसने मुझे खुद तो चोदा ही अपने दोस्तों से भी चुदवाया। वो के खुद ही चोदता तो मैं भी शायद अच्छे से चुदवा लेती, लेकिन उसने अपने दोस्तों से मुझे चुदवा के हद ही पर कर दी।
कुछ महीने पहले की बात है, चाचा जी कुछ काम से बाहर गये हुए थे, और चाची जी मंदिर गई हुई थी। मैं घर पर अकेली थी , मैं बाहर ही सोफे पर लेटी हुई थी। सूरज से ना जाने कहाँ से केवाँच लाया और मेरे कपड़ो में चुपके से लगा दिया। कुछ देर बाद मेरे शरीर खुजलाहट होने लगी , और ये खुजलाहट धीरे धीरे बढ़ रही थी। मैंने धीरे धीरे अपने कपडे उत्तर दिए और अपनी शरीर को खुजलाने लगी। मेरी शरीर के कुछ भाग में मेरा हाथ नही पहुच रहा था। और तभी सूरज जानकर अंदर आ गया। मैंने उसको देख कर अपने शरीर को छुपा लिया। इसने मुझसे पूछा – क्या हुआ??

तो मैंने कहा – “कुछ नही पता नही क्यों शरीर खुजला रहा है”। तो उसने कहा – कहीं केवाँच तो नही लग गया है??

सुनो एक काम करो अपने शरीर में तेल लगा लो। मेरे शरीर में इतनी तेज खुजली हो रही थी की मैं तेल भी नही लगा पा रही थी, और घर में भी कोई नही था। तो मैंने सूरज से कहा – क्या तुम मेरे शरीर में तेल लगा सकते हो मुझे बिना देखे??

तो उसने कहा – हाँ लगा तो सकता हूँ लेकिन तुम खुद नही लगा पा रही हो क्या ?? तो मैंने कहा – हाँ नही लगा पा रही हूँ। मेरी ये बात सुन के सूरज के चहरे पर एक अलग ही ख़ुशी दिख रही थी।

मैं अपने पेट की तरफ लेट गई और अपने गांड को एक कपडे से ढक लिया। सुरज ने अपने हाथो में तेल लिया और मेरी पीठ में लगाना शुरू किया , जब वो मेरे पीठ में तेल लगा रहा था तो मेरी नजर उसके लंड पर पड़ी, उसका लंड तो एकदम से खड़ा था, वो मेरी पीठ को हलके हाथो से तेल लगा रहा था जिससे मुझे एक अलग ही फीलिंग आ रही थी। कुछ देर मेरी पीठ में तेल लगाने के बाद उसने मेरी पीठ के बगल में हाथ ले जाने लगा जिससे उसके हाथ मेरी चूची को छु रहें थे। मेरी मुलायम चूची के बगल में ही वो बार बार अपने हाथो ले जाता जिससे वो मेरी चूची को छू पाता। वो बहुत देर तक मेरे शरीर को मलते हुए मेरी चूची को छूने का आनन्द लेता रहा। कुछ ही देर में, मै भी जोश में आने लगी और मैंने सूरज से कहा – क्या तुम मेरे पेट में भी तेल लगाना चाहोगे?? मेरी ये बात सुन के वो तो खुश हो गया। मै पीठ की तरफ से सीधी लेट गई और मैंने अपने मम्मो को ढक लिया। सूरज ने मेरे पेट में तेल लगाना शुरू किया, उसने मेरे नाभि से तेल को लगते हुए मेरे बूब्स तक ले जाता। कुछ देर बाद उसने अपने हाथो को मेरे मम्मो पर चढ़ने लगा। मै बहुत उत्तेजित हो उठी थी। जैसे जैसे वो मेरे मम्मो में अपने हाथो को लगते हुए तेल लगाने लगा, मै बेकाबू होने लगी। मैंने सोचा की इससे चुद जाऊ, लेकिन फिर मेरे मन में एक बात आई ये मेरा भाई है???

वो धीरे धीरे मेरे मम्मो में भी तेल लगाने लगा, मै जान गई कि सूरज के इरादे ठीक नही है। कुछ देर बाद उसने मेरे चूची के ऊपर रखे कपडे को हटा दिया। और मेरे चुचियों को पकड कर उसमे तेल लगाने लगा। मैंने उससे कहा तुम ये क्या कर रहें हो?? तो उसने कहा तेल लगा रहा हूँ। वो मेरे मम्मो को खूब दबा दबा कर तेल लगते हुए मजा ले रहा था।

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