बीवी, बहन और कमसिन साली मेरी चुदाई का संसार

अब मैं फिर से चोदने के लिए तैयार था. मैंने सोनल को लेटा दिया और उसके ऊपर चढ़ गया. मैं उसे उत्तेजित करने लगा. मेरे किस करने पर सोनल मेरा पूरा साथ दे रही थी. फिर जब वो हल्की मोन कर रही थी, तभी मैंने अपना लंड सैट करके, एक जोरदार धक्का लगा दिया. एकदम से लंड घुस जाने से उसके मुँह से चीख निकल गई.

मैं बिना रुके अपनी स्पीड बढ़ाते हुए धक्के लगा रहा था और सोनल मेरा साथ देते हुए सिसकार रही थी. फिर कुछ मिनट बाद उसे भी मजा आने लगा था और वो अपनी गांड उठाते हुए मेरे लंड से कुश्ती लड़ने लगी थी.

सोनल- आह भाई … और जोर से … चोदो अपनी बहन को … फाड़ डालो मेरी चुत … ओह आह . … फक मी हार्ड.
मैं और उत्तेजित होकर अपनी स्पीड बढ़ाने लगा. इस वक्त मैं किसी इंजन के पिस्टन की तरफ लंड पेल रहा था. मुझे ऐसा लगता रहा था मानो मैं जन्नत की सैर कर रहा हूं.

करीबन पंद्रह मिनट बाद मैं झड़ने की कगार पर आ गया था, इसलिए मैंने अपना लंड बाहर निकाल लिया. लंड को हाथ से मुठिया कर मैंने सोनल की चुत के ऊपर ही अपने लंड को झड़ जाने दिया. वो भी झड़ चुकी थी.

फिर मैं वहीं सोनल के बगल में लेट गया. तभी राधिका अपने मुँह में सिगरेट दबाए हुई आई और मेरे पास आकर लेट गई. हम दोनों किस करने में मशगूल हो गए. मेरे एक ओर राधिका थी, तो दूसरी ओर सोनल थी. उसके बाद दिशा लेटी थी.

मैंने राधिका के हाथ से सिगरेट ले ली और सिगरेट का मजा लेने लगा. मेरे बाद सोनल ने मेरे हाथ से सिगरेट ले ली और वो कश खींचने लगी.

इधर मैं किस करते हुए राधिका के मम्मों को भी दबाने लगा था. फिर कुछ मिनट बाद हम दोनों एक-दूसरे से चिपककर सो गए. हम चारों ही थक गए थे. इसलिए चुदाई के मजे के बाद आराम से एक-दूसरे से चिपककर सो गए.

जब सुबह को राधिका की नींद खुली, तब वो हम दोनों भाई बहन की चुदाई होते हुए देखने लगी. मैं सुबह से उठकर सोनल को चोदने लगा था और सोनल भी अपनी गांड उठा कर मेरा साथ दे रही थी.

राधिका- इतनी सुबह तुम भाई-बहन ने चुदाई शुरू कर दी?
सोनल- ये सब भाई का काम है, मुझको उठाकर चोदने लगे.
मैं- अब तुम तीनों को नग्न अवस्था में देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया, इसलिए मैं सोनल को उठाकर चोदने लगा.
राधिका- मेरे प्यारे पतिदेव अब मेरी नंदरानी को छोड़ दो.

मैं सोनल को छोड़कर बेड पर लेट गया और वो दोनों फ्रेश होने के लिए चली गईं. मैं खड़े लंड के साथ दिशा से चिपककर लेट गया. दिशा अभी सो रही थी.

कुछ समय बाद राधिका रूम से बाहर निकल कर कपड़े पहनकर नाश्ता बनाने चली गई.

तभी दिशा की नींद खुल गई और वो उठ गई. उसी के साथ मैं भी उठ गया. उठते ही हम दोनों किस करने लगे.
मैं- चलो साली साहिबा साथ में नहाते हैं.
दिशा- इसके लिए आपको मुझे उठाकर बाथरूम ले जाना पड़ेगा.

मैं दिशा को गोद में उठाकर बाथरूम ले गया और हम दोनों रोमांस के साथ नहाने लगे. बाथरूम में ही मैंने दिशा के मम्मों को दबाते हुए उसे घुमाकर उसकी गांड में लंड डाल दिया … और उसकी गांड मारने लगा. दिशा भी मजे के साथ मोन करते हुए गांड मरा रही थी. मैं दिशा को धकापेल चोद रहा था, तभी बाथरूम के बाहर से सोनल की आवाज सुनाई दी.

सोनल- भाई अगर आप दोनों की चुदाई का खेल हो गया हो, तो नाश्ता तैयार है.
मैं- बस अभी आए.

मैंने पांच मिनट बाद अपना रस दिशा के चूतड़ों के ऊपर निकाला और खुद को साफ़ करके बाहर आ गया. फिर नहाकर दिशा भी अपने रूम में चली गई. मैं अपने कपड़े पहनकर रूम से बाहर आ गया, जहां डाइनिंग टेबल पर नाश्ता तैयार था. राधिका और सोनल वहां थीं. वो दोनों नाश्ता कर रही थीं. मैं राधिका के पास जाकर नाश्ता करने लगा. तभी दिशा भी आ गई और मेरे सामने देखकर मुस्कुराने लगी.

अब आपसे जल्द ही मिलूँगा एक नई कहानी के साथ. आपके मेल का इन्तजार रहेगा.

Pages: 1 2 3

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *