बीवी गैर मर्द की बांहों में चुदी मेरे सामने

विवेक के गिफ्ट किए गए फ्लैट में शिफ्ट होने के बाद विवेक का आना कम हो गया. अब वो हफ्ते में एक दो बार आता और कामिनी और वो घर पे ही आराम से ड्रिंक करते, डिनर करते, फिर उनकी रास लीला चालू हो जाती. विवेक मेरे सामने ही कामिनी से लिपटने चिपटने लगता. जिस फ्लैट में हम शिफ्ट हुए थे, वो बहुत बड़ा था. मास्टर बेडरूम में ज्यादातर मैं और कामिनी ही सोते थे. जब विवेक आता तो विवेक और कामिनी उसी कमरे में गन्दी गंदी रास लीला करते.

एक दिन मैंने सोचा कि इनकी रास लीला की वीडियो बना लेता हूँ, फिर कामिनी को सबक सिखाता हूँ. पर सच कहूँ तो उनकी गंदी चुदाई देखने की मुझको भी आदत पड़ गई थी और मजा भी आने लगा था. मैंने एक हिडन कैमरा फ्लावर पॉट में रख दिया.

उस रात कामिनी और विवेक ने डिनर किया और कामिनी उसी मास्टर बैडरूम में चली गई. वो बहुत ही सुन्दर पिंक कलर की डोरी वाली ब्रा पेंटी और उसपर झीना सा ट्रांसपेरेंट गाउन पहन कर डाइनिंग रूम में आई. विवेक उसको देख के मंत्र मुग्ध हो गया. उसने कामिनी को गोद में ले लिया और सीधे उसी बेडरूम में ले गया.

थोड़ी देर में कामिनी और वो एकदम नंगे होकर सेक्स का मजा ले रहे थे. मैंने ये सोचा कि आज अच्छे से रिकॉर्डिंग हो जाएगी, चुदाई की मजा भी आएगा. इसके बाद कामिनी को लाइन पे लाने में भी मजा आएगा. पर किस्मत को कुछ और मंजूर था, पता नहीं कैसे विवेक को ड्रिंक्स लेने का मन हुआ.

कामिनी ने जोर से आवाज लगाई- राहुल विवेक और मेरे लिए दो गिलास लेते आओ, साथ में कुछ नमकीन वेफर्स और नमकीन लेते आना.

मैं ले कर पहुंच गया और साइड टेबल पर रख दिया. मैंने देखा तो वो दोनों एक ही कम्बल में लेटे थे.

मैंने ड्रिंक्स रख कर कहा- मैं जाता हूँ.
कामिनी बोली- हां चले जाना… हमें भी यहाँ तुम्हारा अचार नहीं डालना, पहले सब सर्व कर दो.

मैंने गिलास में ड्रिंक डाल दी, सोडा पानी बराबर बराबर डाल कर दोनों को गिलास दे दिए. वो दोनों पैग का मजा लेने लगे.

कामिनी बोली- राहुल, विवेक डार्लिंग को सलाद दो.
दो पैग ड्रिंक करने के बाद कामिनी विवेक से बोली- मैं तुम्हारे लिए कुछ लाई हूँ.

वो एक झटके में अपनी पारदर्शी नाईटी को सम्भालती हुई सामने टेबल की तरफ गई, जिस पर फ्लावर पॉट रखा था.

उसने जोर से खींचा, हिडन कैमरा उसके झटके से खींचने के कारण गिर पड़ा. पहले तो उसने ध्यान नहीं दिया और विवेक के लिए एक गिफ्ट पैक निकाला.

फिर वो मदमस्त झूमती हुई विवेक के पास चली गई.

विवेक ने उसको खोला, उसमें परफ्यूम था. उसने कामिनी को किस किया.

इधर मेरी गांड फट रही थी कि उसको हिडन कैमरे के बारे में न मालूम चल जाए, पर किस्मत को क्या करता.

विवेक बोला- यार कुछ गिरा है.
कामिनी मुझसे बोली- देखना क्या गिरा है?
मैंने कैमरे को अपनी आड़ में लेकर उठाते हुए कहा- कुछ नहीं.
कामिनी बोली- दिखाओ क्या गिरा है?
मैंने कहा- कुछ नहीं. मैंने कैमरा ड्रावर में डाल दिया.
वो शक भरी निगाहों से चिल्ला कर बोली- दिखाओ न.

मज़बूरी में मुझको उसको कैमरा दिखाना पड़ा. उन दोनों के कैमरा देखते ही पारा गरम हो गया.

विवेक बोला- भोसड़ी के मादरचोद तू हमारी फिल्म बनाता है.
मैंने कहा- नहीं.
वो बोला- तो यहाँ कैमरा कहां से आया?
मैंने कहा- मालूम नहीं.

उसने कामिनी से कहा कि देखा तुमने इसको?
कामिनी बोली- यार ये तो बहुत बड़ा कमीना है, आज इस हरामजादे की गांड मारो.
विवेक- साला इतनी हिम्मत?
मैंने उनको ठंडा करने के लिए कहा- वो मैं अपने देखने के लिए बना रहा था, विवेक सर बहुत जबरदस्त चुदाई करते हैं उसी के वीडियो बना कर देखता हूँ.

कामिनी बोली- हां साले, तू तो छक्का है भोसड़ी के… तेरे तो लंड हुआ न हुआ बराबर है. आज तुझको बताती हूँ… चल साले अपने सब कपड़े खोल.
मैंने कहा- मैं?
वो बोली- हां, तू दीवार से नहीं कह रही हूँ… जल्दी खोल मादरचोद.
मैंने अपनी टीशर्ट और लोअर उतार दिया. अब मैं अपनी अंडरवियर में था.

वो बोली- इसको भी उतार जल्दी.
मैंने कहा- सॉरी… मैंने तो ऐसे ही लगाया था.
वो बोली- मैं जो बोल रही हूँ… वो कर, जल्दी अपनी अंडरवियर उतार.

मैंने अंडरवियर उतार दी और नंगा हो गया. मुझे उनके सामने नंगे होने में बहुत शर्म आ रही थी. मेरा लंड सिकुड़ कर केवल डेढ़ इंच का हो गया था. उसने एकदम से कम्बल हटा दिया और विवेक नंगा दिखने लगा.
कामिनी बोली- चल चूस.
मैंने कहा- मैं ये सब नहीं करूँगा.
वो बोली- साले चूसता है कि नंगा ही फ्लैट के बाहर निकलवाऊं…
और वो विवेक से बोली- कहां है तुम्हारा फ़ोन…?
विवक का फोन उठा कर उसने रिकॉर्डिंग चालू कर दी. मुझे दिखाते हुए बोली- जल्दी चूसना चालू कर.

मैं वहीं खड़ा रहा.

वो बोली- विवेक इसको ऐसे ही फ्लैट के बाहर छोड़ आओ.

मरता क्या न करता.

विवेक बोला- यार तुम भी न.
बोली- नहीं आज साला यही लंड खड़ा करेगा, तब ही तुम मुझे चोदना.
फिर कामिनी ने मुझसे बोला- चूसेगा साले… कि नंगे ही बाहर जाएगा?

मैंने मन मार के विवेक के लंड मुँह में लिया.

कामिनी बोली- बहन का टका चोदने के लायक तो है नहीं… लंड तो चूसना सीख ले… पहले गोलियों पर जीभ मार हरामी!
मैंने गोलियों पर जीभ मारनी शुरू की.
वो बोली- जीभ पूरी बाहर निकाल कर चूसता रह.

फिर दो मिनट ऐसे ही चूसने के बाद विवेक के लंड ने टाइट होना शुरू कर दिया.
कामिनी बोली- हां अब नीचे से ऊपर की तरफ चूस ठीक से…

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