बॉयफ्रेंड से मिलने को किया बहाना

मैंने जब परमजीत को इसके बारे में बताया तो वह कहने लगा कोई बात नहीं, हम लोग तुम्हारे घरवालों को मना लेंगे, तुम उसकी बिल्कुल चिंता मत करो। अब हम दोनों चुपके से मिलते थे, उसके कुछ दिनों बाद परमजीत जयपुर चला गया। मुझे भी परमजीत की बहुत याद आ रही थी, मैंने उसे फोन करके कहा कि मुझे तुम्हारी बहुत याद आ रही है और तुमसे मिलने का भी बहुत मन हो रहा है। वह कहने लगा कि तुम जयपुर आ जाओ, तुम्हारे भैया भी तो यही जयपुर में रहते हैं, मैंने उससे कहा कि मैं अपने घर में इस बारे में बात करती हूं और उसके बाद ही मैं जयपुर आ पाऊंगी, परमजीत ने कहा ठीक है तुम अपने घर में इस बारे में बात कर लेना यदि तुम्हारे घरवाले मान जाते हैं तो तुम मेरे पास जयपुर आ जाना। मैंने जब अपने घर पर बात की तो मेरे घर वालों ने कहा कि ठीक है तुम कुछ दिनों के लिए जयपुर चले जाओ। जब मैं जयपुर गई तो मैं परमजीत में मिली, मैं परमजीत से मिलके बहुत खुश हुई, मैंने उसे अपने गले लगा लिया, वह भी मुझसे मिलकर बहुत खुश हुआ। मैंने परमजीत के होठों पर किस कर लिया और उसके होठो को मैं चूमने लगी। मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं गया वह कहने लगा कि तुम यहा किस कर रही हो हम लोग घर चलते हैं। वह मुझे अपने साथ ले गया जब हम दोनों साथ में बैठे हुए थे तो वह मेरे होठों को किस कर रहा था और मुझे भी बहुत अच्छा महसूस होने लगा। वह मेरे होठों को बड़े अच्छे से किस करने लगा और काफी देर तक उसने मेरे होठों का रसपान किया जब उसने मुझे नंगा किया तो मुझे बड़ा अच्छा महसूस हुआ और जैसे ही उसने अपने हाथों को मेरी योनि पर टच किया तो मैं मचलने लगी। मैंने उससे कहा कि मैंने आज तक कभी भी सेक्स नहीं किया है मुझे बहुत डर लग रहा है। उसने अपने लंड को बाहर निकाला और कहने लगा तुम इसे अपने मुंह में लेकर देखो तुम्हें बहुत अच्छा महसूस होगा। मैंने जब उसके मोटे लंड को अपने मुंह में लिया तो मुझे वाकई में अच्छा महसूस होने लगा और मैं उसके लंड को अपने गले तक लेने लगी। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था जब मैं उसके लंड को अपने गले तक ले रही थी। काफी देर तक मैंने ऐसा ही किया उसके बाद उसने मुझे बिस्तर पर लेटा दिया।

जब उसने मेरे दोनों पैरों को खोलो तो मेरी योनि पर अपनी जीभ को लगाया तो मुझे बहुत अच्छा लगा उसने अपनी उंगली से मेरी चूत को सहलाना शुरू कर दिया और मुझे बड़ा अच्छा महसूस होने लगा। परमजीत ने मेरी चूत पर अपने लंड को टच किया तो मुझे बहुत घबराहट महसूस होने लगी। मैंने उसे कहा कि तुम धीरे से अपने लंड को मेरी योनि के अंदर डालना। वह मुझे कहने लगा कि तुम्हें सिर्फ शुरू में दर्द होगा उसके बाद तुम्हें बिल्कुल भी दर्द नहीं होगा उसने जैसे ही मेरी योनि पर अपने लंड को डाला तो मुझे बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था और मेरी योनि से खून निकलने लगा। मैंने उसे कहा कि मुझे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं हो रहा है। वह कहने लगा कि मैं तुम्हें ऐसे ही धक्के मारता रहूगा तो तुम्हें बहुत मजा आएगा। उसने मेरे दोनों पैरों को चौड़ा कर लिया और अपने लंड को मेरी योनि की गहराई के अंदर तक डालने लगा। मुझे बहुत अच्छा लगने लगा जब वह मुझे झटके मार रहा था। वह कहने लगा कि मुझे बहुत अच्छा लग रहा है जब मैं तुम्हें चोद रहा हूं। कुछ देर बाद उसने मेरे दोनों पैरों को मिला लिया वह मेरी चूत के अंदर तक झटके देने लगा जब उसका लंड मेरी चूतडो से टकराता तो मुझे बहुत अच्छा लगता और काफी देर तक उसने मुझे ऐसे ही चोदा लेकिन जब हम दोनों के शरीर से गर्मी निकलने लगी तो हम दोनों ही एक दूसरे को झेल नहीं पाए और परमजीत ने अपने लंड को बाहर निकालते हुए मेरे स्तनों के ऊपर अपना माल गिरा दिया। मैंने भी उसके लंड को अपने मुंह में कुछ देर तक ले कर रखा हम दोनों ने उस दिन रात भर बहुत चोदम पट्टी की मुझे बहुत अच्छा लगा जिस प्रकार से परमजीत ने मुझे चोदा।