बुआ की प्यासी चिकनी चूत

हेलो दोस्तो! मेरा नाम आर्यन ठाकुर है.

मै लखनऊ का रहने वाला हूँ और दिल्ली में रहकर स्टडी कर रहा हूँ. यहीं हॉस्टल में रहता हूँ. जैसा की मेरे नाम से ही आपको पता चल गया होगा कि ठाकुर हूँ तो खून भी गर्म ही होगा और इसमे दिल्ली का तड़का लगा जाए तो फिर हमें कौन रोकने वाला है.

मेरी जिंदगी इसी तरह मौज मस्ती से चल रही थी और हम जिंदगी के खूब मज़े कर रहे थे. अब मै आपको अपने बारे मे बताता हूँ. मै 22 साल का हूँ. मेरी हाइट 5’11” है और मै जिम जाता हूँ इसलिए मेरे बॉडी बहुत सुडौल और स्पोर्टी है. जब बदन इतना परफेक्ट है तो मेरा लौड़ा भी कम नही है. 7 इंच लंबा और 3 इंच का मोटा है जिसने-जिसने इसका स्वाद चखा है आज तक इससे भूल नही पाया है.

वैसे मैने बहुत सी आंटियों को खुश किया है लेकिन ये कहानी मेरी एक रिश्तेदार की है जो कि दूर के रिश्ते में मेरी बुआ है और वो भी दिल्ली में रहती है. उनकी उम्र 35 साल होगी लेकिन वो लगती 25 की हैं. उनका फिगर 36-32-34 का था. क्या बदन है उनका? जो देखे उसके मुँह में पानी आ जाए और लौड़ा रस छोड़ दे.

आप समझ सकते है की जब मै उनसे मिला होऊंगा तो मेरी क्या हालत हुई होगी. उन्हे देख के लगा कि खुदा ने उन्हें बड़ी फ़ुर्सत से बनाया होगा. उनसे मै एक फेमिली शादी में मिला. क्या मस्त माल लग रही थी वो? सारे लौंडे और अंकल बस उन्हे ही देखे जा रहे थे. शादी के फंक्शन में ही मेरे उनकी जान पहचान हुई. मै और वो चूंकि दिल्ली में ही रहते हैं तो उन्होने मुझे कहा कि तुम वहाँ रहते हो तो हमारे यहाँ भी आ जाया करो. और इस तरह हमने अपना नंबर एक्सचेंज किया. मै तो पहले से उनपे फिदा था बस मौके का इन्तजार था और उन्होने भी ग्रीन सिग्नल दे दिया.

जब मै दिल्ली वापस आया तो 15 दिन बाद उन्हे कॉल किया. उन्होने कहा कि मै तो घर में अकेली हूँ तो तुम भी आ जाओ घर पर. कुछ टाइम पास हो जाएगा. जब उन्होने ये कहा तो मेरा मन बस उन्हे चोदने का करने लगा. फिर क्या? मै पहुँच गया उनके घर.

क्या मस्त माल लग रही थी वो? उन्होंने सलवार-सूट पहन रखा था और दुपटा भी नही रखा था तो उनकी बड़ी iचूची बहुत अच्छे से दिखाई दे रही थी और ऐसी लग रही थी मानो अभी ब्रा से निकल बाहर आ जाएगी.

फिर हम उनके ड्रॉइंग रूम में बैठे और उनसे बात होने लगी. उनके पति मतलब मेरे फूफा जी, एक बड़ी कम्पनी में जॉब करते थे. इसलिए उनको कंपनी के काम से बहुत सारे टूर पर जाना रहता था सो वो घर पर नही थे. उनका सिर्फ़ एक बेटा था जो की 6 साल का था और स्कूल गया हुआ था.

मौका तो मस्त था और मेरा मन भी उनको सिर्फ़ चोदने का कर रहा था. मै बस उनकी बॉडी ही निहार रहा था. जब वो उठें तो उनकी 36” की चूची थोड़ा और निकल आती और उनका चूतड़ तो भाई कहर ढा रहा था.

दोपहर का समय था सो हम ने साथ ही लंच किया और उनका बेटा भी स्कूल से आ गया. मै उनके बेटे के साथ खेल रहा था तभी फूफा जी का फोन आया कि उन्हे ऑफिस का काम से एक दिन के लिए बाहर जाना पड़ेगा सो वो आज घर नहीं आयेंगे. मै भी जाने को तैयार था तभी बुआ जी ने कहा की आज यहीं रुक जाओ और उनके बेटे ने भी बहुत जिद की तो मै वही रुक गया.

मै समझ गया की आज तो भगवान मेहरबान है और आज तो बुआ को मै चोद के रहूँगा.

मैं बातो- बातो में उनसे फ्लर्ट करने लगा तो उन्होने पूछा – तेरी कोई गर्लफ्रेंड है?

तो मैने कह दिया- हाँ है!

इसी तरह हममें खुल कर बातें होने लगी.

मैने पूछा- बुआ! आप इतने सुंदर हो. फूफा जी की तो किस्मत चमक गयी. आप को वो बहुत प्यार करते होगे?

तो उनका मन थोड़ा उदास हो गया. मै समझ गया की कुछ तो गड़बड़ है. तो उन्होने बताया की –

तेरे फूफा अधिकतर बाहर रहते हैं और मुझे ज्यादा टाइम नही देते.

मै समझ गया कि बुआ के अंदर भी आग लगी होगी. बस मुझे तो उसे बुझाना है. और फिर मैने थोड़ा हिम्मत दिखा कर बुआ जी का हाथ पकड़ लिया और बोला – आप परेशान मत हो! मै हूँ ना. बुआ ने एक अलग नज़र से मुझे देखा तो मै समझ गया की तीर एक दम निशाने पे लगा है. बातों-बातों मे मैं उनको कई जगह छू लेता तो भी बुआ कुछ नही बोलती.

फिर मैने बुआ जी से कहा – आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो!.

और “आई लव यू” बोल के उन्हे किस ले लिया. इसपे वो थोड़ा नाराज़ हुयीं कि ये तुमने क्या किया?

मैने सोचा कि बात कहीं बिगड़ ना जाए तो मैने संभल के बोला बुआ जी मै आपको इतना दुखी नही देख सकता. और थोड़ा इमोशनल हुआ तो उनका गुस्सा कम हो गया. तब तक रात हो गयी थी और हम सब डिनर करने लगे तो बुआ जी मुझे बार-बार देख रही थी.

मै समझ गया की उनके मन में भी कुछ बात है. फिर डिनर के बाद उनका बेटा सो गया.

बुआ जी ने मुझे एक अलग रूम सोने को दे दिया. वो एक फ्लैट में रहती थी जो 3बीएचके था. मुझे देर रात सोने की आदत थी तो मै जगा हुआ था तभी बुआ मेरे रूम में आई और सीधे मुझे गले लगा लिया.

फिर क्या था मैने बुआ के होठों पे किस ले लिया. वो कुछ नही बोली तो मेरे हिम्मत बढ़ गयी.फिर तो मैने उनका चेहरा चूम-चूम के लाल कर दिया. और हाथों से उनकी ३६” की चूची दबाने लगा.इससे वो भी जोश में आ गयी. फिर मैने उनकी मैक्सी उतारी. क्या गज़ब माल लग रही थी वो, ब्लैक कलर की ब्रा और पैंटी में? जैसे कोई परी उतर आई हो आसमान से. उनके गोर शरीर पे ब्लैक ब्रा और पैंटी कहर ढा रही थी. मैने ब्रा के उपर से ही उनकी चूची मसलना शुरू कर दिया और वो भी जोश मे आकर आहें भरने लगी – आ..उहह…ह.. आह उहह.

मै भी जोश में था. ब्रा उतार कर मै उनकी दूध भरी चूची पर टूट पड़ा. क्या मस्त चूची थी? एक दम टाइट और भरे हुए. मन कर रहा था कि उनकी चूची खा जाऊं. मेरा एक हाथ उनकी पैंटी मे चल रहा था. अब वो भी पूरी तरह से गर्म हो गयी थी. पूरे कमरे मे बस उनके आ..उहह…ह.. आह उहह आअहह की आवाज थी.

बुआ गरम हो गयी थी तो बोली- अब मुझे और मत तड़पाओ मैं 1 महीने से प्यासी हूँ. जल्दी से मेरी चूत में अपना लौड़ा डालो! मेरी जान!. फाड़ दो मेरी चूत को. डालो जल्दी.

मैने कहा – अभी थोड़ा रूको मेरी रानी! अभी तुझे और मज़ा दिलाता हूँ.

और उनकी पैंटी उतार कर मै उनके फुद्दी पर टूट पड़ा और चाटने लगा और एक उंगली उनकी गांड मे पेलने लगा. वो तो एक दम मदहोश हो गयी.

बोली – अब मत तड़पाओ जानू! नही तो मैं मर जाऊँगी.

मैने भी सोचा कि बहुत हुआ और अपना लंड बुआ के मुँह में दे दिया. वो उसे ऐसे चूसने लगी जैसे किसी भूखे को बहुत दिनो बाद खाना मिल रहा हो. क्या मज़ा आ रहा था? मै उनके मुँह में ही पेलने लगा. मै भी कंट्रोल से बाहर हो गया और मेरा 7 इंच का लंड भी बुआ की फुद्दी में घुसने के लिए बेताब था.

मैने बुआ को बिस्तर पर लिटाया और उनकी गांड के नीचे तकिया रख के उनकी चूत को उपर उठाया और अपना 7” का लंड उनकी चूत में पेल दिया. वो तो एक दम पागल हो गयी और चल पड़ी मेरी रेल गाड़ी. मै लगा उन्हे चोदने.

वो भी जोश मे उहह अहह अहह उहह..की आवाजें निकालने लगीं. “मैं तो मर जाउंगी” चिल्लाने लगी. बुआ इतनी खूबसूरत थी कि उनके मूह से आवाज़ सुन कर मै तो जोश में पागल हुआ जा रहा था. और उन्हें और तेज़ी से पेलना शुरू कर दिया.

बुआ तो ऐसी प्यासी लग रही थी कि जैसे फूफा जी उसे पेलते ही ना हों. पूरे कमरे मे बस बुआ की ही आवाज़ गूँज रही थी.

उहह अहह….

अहह अहह ईईई….

मर गयी

और पेल और तेजी से

फाड़ दे मेरी चूत को

अहह उहह अहह.

मै भी बहुत जोश मै था तो लगातार पेले जा रहा था बुआ को. क्योंकि इतनी मस्त माल को मै भी पहली बार चोद रहा था.

फिर मैने बुआ को उल्टा लिटाया और उनकी चूत को पीछे से पेलने लगा. पीछे से पेलने में तो और मज़ा आ रहा था. इस तरह मैने उन्हें करीब 25 मिनट तक अलग-अलग स्टाइल मे पेला.

उतने में बुआ 2-3 बार झड़ चुकी थी और मेरा लंड भी बार-बार जकड़ जा रहा था. मैंने लगातार पेला जो था उन्हे. फिर मै भी झड़ने वाला था तो बुआ से बोला- कहाँ निकालूं?

तो बुआ बोली- चूत मे ही निकाल दे अपना माल. बहुत दिनों से प्यासी है मेरी चूत. तेरा फूफा तो अब छूता भी नही है.

फिर मै भी 2-3 मिनट बाद झड़ गया और उनकी चूत की प्यास बुझा दी.

लेकिन मेरा लंड अभी भी टाइट था क्यूकी इतनी चिकनी और प्यासी चूत जो उसे पहली बार मिली थी. इसलिए फिर बिस्तर में लेटे लेटे बुआ के शरीर को चूम रहा था.

उस रात मैने बुआ को 3 बार चोदा और एक बार तो सिर्फ़ उनकी गांड मारी पूरे टाइम और उनकी गांड 3” तक फाड़ दिया. बुआ भी चुद कर कराह रही थी. लेकिन बुआ रानी को चुदने में इतना मज़ा पहली बार आया था. उनके चेहरे पे मुझे उनकी संतुष्टी की ख़ुशी दिख रही थी.

फिर हम ऐसे ही नंगे सो गये.

अगली सुबह जब उनका बेटा स्कूल गया तो फिर मैने बुआ को 2 बार चोदा. लेकिन अब फूफा जी भी आने वाले थे और मुझे भी हॉस्टल जाना था. तो मै जाने लगा. बुआ बोली- जिसकी पत्नी को चोदा है उससे तो मिल के जाओ.

तो मैने कहा- अगली बार मिलता हूँ.

और उनको फ्रेंच किस ले कर मै चला गया.

इस तरह बुआ जी को चोदने का आनंद मिला और जब भी मौका मिलता है तो मै बुआ को खूब चोदता हूँ. उन्होने मुझे अपनी सहेलियों से भी मिलवाया और उनकी 2-3 सहेलियों को भी मैने चोदा.

अगली कहानी में मैं आपको बताऊंगा कि बुआ की सहेली और उसकी ननद को एक साथ मैने कैसे चोदा.

आपको मेरी कहानी कैसे लगी? आप अपनी राय मुझे जरूर मेल करें.

आपका अपना ठाकुर.

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