मेरी बुआ की चुदाई के किस्से

थोड़ी देर में वो झड़ गया. दोनों बार झड़ने से पहले उसने लंड बाहर निकाल लिया था और ज़मीन पर माल छोड़ दिया था.
इसके बाद हम दोनों बाहर आ गए. थोड़ी देर में बारिश बंद हुई और छुट्टी हो गयी, सब अपने घर चले गए.

अगले दिन सामान्य तरीके से सब अपना काम कर रहे थे कि फिर से बारिश शुरू हो गयी. थोड़ी देर में एक आदमी बारिश से बचकर भागता हुआ स्कूल की तरफ आया और बाहर छज्जे के नीचे खड़ा हो गया. थोड़ी देर बाद मैंने देखा तो वो मुझे घूर रहा था.

मुझे बड़ा गुस्सा आया इसकी इतनी हिम्मत? मैंने थोड़ी देर उसे नज़रअंदाज किया, पर वो नहीं माना.
मैंने उसे बुलाया और पूछा- कैसे खड़े हो?

तो वो मेरी टेबल के पास आ गया और उसने अपना नाम बताया. उसका नाम लल्लन था. मैंने उसे गाँव में आते जाते एक दो बार देखा था. उसका बेटा मेरे ही स्कूल में पढ़ता था. मुझे लगा वो शायद अपने बेटे से मिलने आया होगा इसलिए मैंने उसे बैठने को बोल दिया, पर वो मेरे पास आया और बोला- मुझे आपसे कुछ बात करनी है.
मैंने कहा- बोलो?

मुझे लगा कि वो अपने बच्चे के बारे में कोई बात करना चाहता होगा.
उसने कहा- यहां नहीं.. अन्दर चलो.
मैंने कहा- क्या बात है.. यहीं बोलो?
तो उसने धीरे से कहा- आपके बारे में बात करनी है.

मैं उसके साथ उठकर अन्दर गयी और कहा- बोलो?
उसने कहा- कल आप यहाँ कुछ अलग सी ड्यूटी कर रही थीं.
मैं हैरान रह गयी कि इसे कैसे पता? फिर भी मैंने बोला- क्या बोल रहे हो साफ साफ बोलो?
वो साफ ही बोल दिया- अरे कल चुद गयी आप मास्टर से.. मुझे पता चल गया.
मैं हक्की बक्की रह गयी.

उसने आगे बोला- अरे क्या सोच रही हैं मैडम जी कल मेरे ही बालक ने आपकी चुदाई के लिए पट्टी बिछाई थी. मैंने कल उसको अपने दोस्त से बात करते सुना कि मैडम जी के चूतड़ बहुत गोरे हैं और मोटे हैं.. एकदम भरे हुए. उन दोनों की बातों से पता चला कि मास्टर ने पट्टियाँ लगवाई थीं और मैडम जी को अन्दर ले गए थे. तभी उन्होंने खिड़की से आपकी चुदाई देखी.
मैं घबरा गयी.

उसने कहा- डरो मत मैं किसी से नहीं कहूँगा, पर थोड़ी देर में पीछे वाले कमरे में पेशाब के बहाने से आ जाना और ये पट्टी ले आना.

मैंने सोचा वो कमरा तो मेरी चुदाई का अड्डा बन गया है. कल कोई और चोद रहा था और आज चोदने के लिए कोई और बुला रहा है.

खैर वो चला गया, मैं थोड़ी देर बाद उठी और एक फोल्ड की हुई पट्टी चुपचाप उठा कर धीरे से पीछे कमरे में चली गयी. वहाँ वो खड़ा था. मुझे देखते ही मेरे पास आया और बोला- पता है ये पट्टी मैंने क्यों मंगाई है?
मुझे पता था, फिर भी बोला- हाँ बैठने के लिए.
वो हंसा बोला- नहीं… मैं तुम्हें चोदूँगा, अपने चुदाई के लिए खुद इंतज़ाम लाई हो.. वाह.. माल मिले तो ऐसा.

फिर उसने पट्टी बिछा दी और मुझे लेटने का इशारा किया. मैं लेट गयी, अब उसने लुंगी हटाई. मेरी नज़र उसके लिंग पर पड़ी, मैं एकदम से उठकर बैठ गयी. उसका लंड काफ़ी बड़ा था.
वो हंसा और बोला- झेल जाओगी इतना बड़ा. बारिश में यहाँ इतने अच्छे से चोदूँगा कि हमेशा याद रखोगी.

यह कहकर उसने मुझे वापस लिटा दिया और साड़ी उठाकर मेरी पैंटी निकाल दी. फिर साड़ी को पूरा ऊपर कर दिया, अब मेरी कमर से नीचे पूरी नुमाइश हो रही थी. मैं नीचे पूरी नंगी लेटी थी.
अचानक उसने चूत पर हाथ फेरा, मैं हिली तो वो हंसा और बोला- बहुत खेली खाई हो.. आज मज़ा आएगा.

फिर उसने मेरी चूत पर जीभ लगा दी. मैं उछल पड़ी. उसने मुझे पकड़ा और चूत चाटना शुरू कर दिया. मैं पागल हो रही थी, मेरी कमर उठने लगी.
फिर जब वो मेरे ऊपर आया तो मैं बोली- मैं बिना कंडोम नहीं करवाती.
वो हंस दिया, बोला- तो पर्स में रखती हो? टांगें तो कहीं भी फैला देती हो.

मैं यह सुनकर शर्म से गड़ रही थी, पर पूरी तरह से मज़े ले रही थी क्योंकि उसने मेरी चूत चाट कर मुझे पागल कर दिया था.

वो बोला- घबरा मत, आज तो अगर तू दूसरा लंड भी माँग ले तो दे दूँगा.
यह कहकर जेब से कंडोम निकाल कर खोलने लगा. मैं उसके दूसरे लंड वाली बात पर चौंकी.
उसने कंडोम चढ़ाते हुए बोला- क्या देख रही हो चाहिए क्या? दोनों एक साथ ले लेना.
मैं यह सुनकर हंस दी, उसने इसे मेरी हां समझा और आवाज़ दी- भूरे आ जा.

एक और आदमी अन्दर आ गया, लल्लन ने उसे देख कर कहा- आजा तेरी क़िस्मत खुल गयी. अब अन्दर झाँक के मुट्ठी नहीं मारनी पड़ेगी.. इसकी लेने को मिलेगी. ये आज हम दोनों से चुदेगी.

मैं बहुत गरम हो चुकी थी. वो दोनों आगे बढ़े और मुझे नंगी करने लगे. मैंने मना किया, पर फिर भी ब्लाउज उतर गया और ब्रा का हुक खुल गया.
अब साड़ी भी ऊपर हो गयी. मैं कमर से ऊपर और नीचे पूरी नंगी थी.. सिर्फ़ कमर पर साड़ी थी.

वे दोनों मेरे पास आए और अपने लिंग निकाल कर मेरे हाथों में पकड़ा दिए. मैं हल्के हल्के से उनके लंड सहलाने लगी. लंड बड़े होने लगे. फिर दोनों के लंड एकदम सख़्त रॉड जैसे हो गए.
उन्होंने मुझे लिटा दिया.. अब चुदाई की बारी थी. मैं डर रही थी कि एक तो इनके लिंग इतने बड़े.. ऊपर से दो.

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