चाची और उसकी बहन को चोदा

जब मुझसे रहा न गया तो मैंने उसके सिर को नीचे दबाते हुए उसको नीचे बैठने का इशारा किया. वह घुटनों के बल बैठ गई और उसके सिर को पकड़ कर मैंने लंड को उसके मुंह में दे दिया। वो बहुत मजे से मेरे लंड को चूसने लगी. लंड को पूरा का पूरा अंदर ले जाते हुए चाची की बहन मेरा लंड चूसने लगी।

कई मिनट तक लंड चुसवाने के बाद जब हम दोनों पूरे गर्म हो गये तो मैंने उसके कपड़े उतरवा दिये. साथ ही अपने कपड़े भी उतार फेंके. मैं अंडरवियर में था और वह ब्रा व पैंटी में. मैंने उसे बेड पर गिराया और उसकी ब्रा में हाथ डाला और उसके बूब्स को नाप कर देखा. वो कसमसा कर मेरे अंडरवियर के ऊपर से मेरे लंड को हाथ में लेकर सहलाने लगी.

उसको ऊपर उठाते हुए मैंने उसकी ब्रा को खोल दिया और उसके बोबों को आजाद कर दिया। कुछ देर तक उसके चूचों को मसलते हुए बारी-बारी से चूसा और फ़िर मैंने उसकी पैन्टी उतार दी. उसकी चूत पानी छोड़ रही थी. मेरे लंड का भी बुरा हाथ था. मैंने चूत के मुंह पर दो-तीन बार लंड को रगड़ा और फिर लंड उसकी चूत में डाल दिया।

वो भी पूरी खिलाड़ी थी. लंड को चूत में लेते समय उसने उफ्फ तक नहीं की. मैंने अगले ही पल उसकी चूत की ठुकाई शुरू कर दी. चूंकि चाची ने पहले से ही मुझे उसके बारे में बता दिया था इसलिए मैंने वियाग्रा की टेबलेट खा ली थी. तीस मिनट तक मैंने उसकी चूत की पलंग तोड़ चुदाई की और उसकी चूत में ही झड़ गया. वो भी मेरी चुदाई से निढाल होकर शांत सी पड़ गई.
मैं उसके ऊपर लेटा ही हुआ था कि उसने मेरे लंड को फिर से हाथ में लेकर सहलाना शुरू कर दिया. झड़ने के बाद सिकुड़े हुए लंड में गुदगुदी सी होने लगी. मगर मजा भी आ रहा था.

लंड भी थका हुआ था और मैं भी. मैं सीधा लेट गया और पूनम ने मेरे सोये हुए लंड को अपने मुंह में भर कर फिर से चूसना शुरू कर दिया. मुझे अजीब सी गुदगुदी हो रही थी उसकी जीभ लगने से मगर उसके गर्म मुंह में जाकर जैसे लंड को राहत सी मिलने लगी थी. मैं उसकी चुसाई का आनंद लेने लगा. उसके बालों को सहलाता रहा.

पांच-सात मिनट तक वो मेरे लंड को बिना रुके चूसती रही और मेरे लंड ने फिर से उसके मुंह में ही गर्दन उठानी शुरू कर दी. अब तो हर बीतते पल के साथ मेरे लंड का तनाव बढ़ने लगा और देखते ही देखते ही मेरा लंड 8 इंच का होकर उसके मुंह में फिर से भर गया.

जब उसने लंड को बाहर निकाला तो पूरा लंड उसके थूक से चिकना होकर चमकने लगा था. मैंने उसको बेड पर पटका और उसकी गांड को अपने हाथों में पकड़ कर ऊपर की तरफ उठा लिया. उसकी चूत से अभी भी रस टपक रहा था. मैंने एक बार हथेली से उसकी गीली चूत सहलाई और फिर अपने हाथ पर थूक लगा लिया.

काफी सारा थूक अपनी हथेली पर लगाकर मैंने उसकी गांड के छेद को चिकना कर दिया. फिर अपना तना हुआ लौड़ा उसके छेद पर लगाया और उसके चूतड़ों को अपनी तरफ खींचते हुए अपना लंड उसकी गांड में घुसा दिया. वो बिलबिला गई उम्म्ह… अहह… हय… याह… मेरी पकड़ से छूटने के लिए जद-ओ-जहद करने लगी. मगर मैंने उसके चूचों को अपने हाथों में लेकर दबाना शुरू कर दिया और उसकी पीठ को चूमने लगा.

दो-तीन मिनट में उसने हथियार डाल दिये और मैंने पूरा लौड़ा उसकी गांड में उतार दिया. धीरे-धीरे उसके छेद को छलनी करने लगा मेरा मूसल लंड. कुछ देर के बाद वो भी गांड को पीछे धकेलते हुए मजे लेने लगी. फिर स्पीड बढ़ाते हुए मैंने उसकी गांड की ठुकाई शुरू कर दी.

कमरे में फट-फट की आवाज गूंजने लगी. वो आनंद में चीखने चिल्लाने लगी. उसकी सीत्कारों की वजह से पंद्रह-बीस मिनट में ही मेरे लंड ने उसकी गांड में थूक दिया. मैं उसके ऊपर गिर गया और कुछ देर में लंड सिकुड़ कर खुद बाहर आ गया.
रात भर मैंने उसकी चुदाई की. हर राउंड का पोज अलग था. उसकी चूत और उसकी गांड दोनों जमकर ठोकी. पूनम भी मेरे लंड की दीवानी हो गयी.

इस तरह से मैंने चाची और उसकी बहन को खुश कर दिया. चाची तो अब घर की मुर्गी दाल बराबर हो गई है. पूनम को मौका कभी-कभी ही मिलता है लेकिन उन दोनों में से किसी एक को भी अगर मैं कभी अकेला दिखाई दे जाऊं तो वे मेरे लंड को खाने के लिए दौड़ पड़ती हैं.

दोस्तो, मेरी चाची और उसकी बहन की चूत चुदाई की कहानी आपको कैसी लगी मुझे मैसेज करके बताना. तब तक के लिए आप भी लंड हिलाते रहिये और चूतों का रस पीते रहिये.

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