भाभी जी की जम कर चुत चुदाई की स्टोरी

Chut Chudai Ki Story Bhabhi ji दोस्तो, मेरी भाभी देखने में एकदम माल है. उनका क्या नशीला फाडू फिगर है हाय.. उनकी गांड के लिए तो क्या बोलूँ.. कलेजा मुँह में निकल कर आ जाता है. उनका फिगर 32-30-38 का रहा होगा, वो देखने में दूध की तरह गोरी हैं और उनके होंठ एकदम पिंक हैं.

यह कोई एक साल पुरानी बात है, जब मेरी फैमिली गांव जा रही थी. सभी लोग कार में थे, बड़े भाई आगे बैठे थे और मॉम डैड बीच में थे. मैं और भाभी पीछे बैठे थे, हमारी इनोवा कार थी. रात का टाइम था, मुझे नींद आ रही थी.. तो मैं भाभी की गोद में सो गया था. जब जागा तो देखा भाभी जी नीचे को झुक कर सो गई थीं. उनके चूचे मेरे मुँह के पास थे.

हाय.. क्या मस्त फीलिंग थी.
मैंने हिम्मत करके उनके मम्मों पर अपना मुँह लड़ाया, जब उनकी कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो मैंने अपने होंठों से निप्पल को दबा कर महसूस किया.. और ऊपर से ही धीरे धीरे चूसने लगा.

अचानक भाभी जी की आँख खुल गई और मैं डर के मारे सोने की एक्टिंग करने लगा. भाभी ने कुछ नहीं कहा लेकिन उन्होंने अब अपना सीना ऊपर कर लिया था, मैं वैसे ही उनकी गोद में लेटा रहा.

हम सुबह गांव पहुँच गए थे.

अब मेरे दिमाग़ में बार बार रात के सीन आ रहे थे. मैंने भाभी जी के नुकीले मम्मों को याद करके तीन चार बार मुठ मार ली.

शाम को भाई और पापा कहीं बाहर जा रहे थे. वो 2 दिन बाद आने वाले थे, कोई जमीन थी, वो दोनों उसे देखने के लिए जा रहे थे.

कुछ देर बाद रात हो गई, मैं सोने की तैयारी कर रहा था. मॉम नीचे वाली मंजिल में सो गईं और भाभी को सेकंड फ्लोर पर भेज दिया. भाभी जी मेरे कमरे में सोने आ गईं. उनको अपने कमरे में सोने के लिए आता देखकर मैं तो खुश हो गया. मुझे नींद ही नहीं आ रही थी. बार बार भाभी के बार में सोच कर मेरा लंड खड़ा हो जा रहा था.

कुछ देर बाद रात गहराई तो भाभी मेरे बाजू में सो गईं. मैंने हिम्मत करके उनके मम्मों को दबाना चालू किया और फिर धीरे धीरे पूरे शरीर पर हाथ फेरने लगा. उनकी कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो मैंने उनकी गांड को दबाना चालू किया.

आह क्या बोलूँ.. क्या मस्त मुलायम गांड थी.. एकदम मक्खन जैसी सॉफ्ट गांड थी.
मैं धीरे धीरे भाभी जी की साड़ी के अन्दर हाथ डालने लगा. गांड भी फट रही थी और मजा भी आ रहा था. क्या अजीब सी फीलिंग थी.

अचानक भाभी जी जाग गईं और उन्होंने मुझे देख लिया. उस वक्त मेरे हाथ भाभी जी की गांड सहला रहा था. मैं डर गया और हाथ बाहर निकाल दिया. उनको सॉरी सॉरी बोलने लगा.
भाभी ने बोला- ये क्या कर रहे थे? मैं तेरी भाभी हूँ, तेरी गर्लफ्रेंड नहीं.. रुक मैं अभी सबको बोलती हूँ.. तेरे बारे में सबको बता दूंगी.
मैं डर गया था और उनको सॉरी सॉरी बोलता रहा.
मैंने बोला- भाभी आज के बाद कभी भी नहीं करूँगा, प्लीज़ आप किसी को मत बोलो.. भाभी आई एम रियली सॉरी.

फिर थोड़ी देर में भाभी जी नॉर्मल हुईं और बोलने लगीं कि तू मेरे साथ ये सब क्यों कर रहा था?
मैंने बोला- भाभी आप मुझे बहुत पसंद हो.. मैं आपसे प्यार करता हूँ, आपका फिगर सबसे अलग है.. और कल गाड़ी में जब मैं आपके बूब्स को ऊपर से चूस रहा था, जो आपने नोटिस भी कर लिया था, तब भी आपने कुछ नहीं बोला तो आज मुझमें थोड़ी हिम्मत आ गई थी.
भाभी हंस कर बोलीं- अच्छा तुम मुझे इतना अधिक पसंद करते हो?
मैंने बोला- हां.

फिर उन्होंने अपना हाथ मेरे लंड पर रखा और स्माइल दे दी. मैं समझ गया कि अब ग्रीन सिग्नल हो गया है. मैंने सीधा भाभी को लेटा दिया और किस करना चालू किया. यार क्या होंठ थे.. लंड कड़क होने लगा था.

फिर मैंने अपनी जीभ उनके मुँह में डाल दी और जीभ का लड़ना शुरू होने लगा. मैं उनके पूरे मुँह को चाटने लगा, फिर नीचे आने लगा. धीरे धीरे मैं अब उनके गले को चूमने चाटने लगा.

भाभी के मुँह से भी धीमी धीमी आवाज़ आने लगी, उनकी सांसें एकदम तेज होने लगीं. अब मैं ब्लाउज के ऊपर से ही उनके मम्मों को चूसने लगा. मैंने उनकी साड़ी निकाल दी, वो मेरे सामने पेटीकोट और ब्लाउज में रह गई थीं.

मैं उनका पेट चाटने लगा, वो हिलने लगीं और करवटें लेने लगीं.

फिर मैंने भाभी जी का ब्लाउज और पेटीकोट भी खोल दिया, अब वो मेरी सामने ब्रा और पेंटी में थीं.
वो कहने लगीं- तुम भी अपने कपड़े निकाल दो.
मैंने कहा- आप ही निकाल दीजिए.

उन्होंने मुझे धक्का दिया और मुझे लेटा दिया. उन्होंने पहले मुझे किस किया और फिर मेरे कपड़े उतारने लगीं. भाभी ने मुझे पूरा नंगा कर दिया था.

वो मेरा लंड देख कर एकदम खुश हो गईं और बोलीं- अक्की तेरा लंड.. इतना बड़ा और मोटा.. एक तेरे भाई का तो छोटा और पतला सा है और उनमें स्टॅमिना भी नहीं है.
मैंने बोला- भाभी जी, आज आपकी पूरी प्यास बुझा दूँगा.. और आपको एकदम खुश कर दूँगा.

जैसे ही मैंने ये बोला, उन्होंने पागलों की तरह मुझे किस करना चालू कर दिया. साथ ही एक हाथ से भाभी मेरे लंड के साथ खेलने लगीं.

भाभी जी कहने लगीं- सच मैं बहुत प्यासी हूँ, तेरे भैया से मेरी आग नहीं बुझती है और वे मुझे ज्यादा समय भी नहीं देते हैं.

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