दादा पोता ने पंजाबन की चूत चोद दी

कुछ ही देर में विकास का लंड पहले की तरह लोहे की रॉड बन चुका था. मैं भी गर्म हो गई. उसने फिर से मुझे घोड़ी बना लिया और खुद मेरे पीछे आकर मेरी चूत में अपना लंड डाल दिया और ज़ोर ज़ोर से मुझे चोदने लगा. मैं फिर से चिल्ला चिल्ला कर विकास से चुदाई करवाने लगी.

तभी दादा जी भी मेरे मुँह के सामने आकर बैठ गए. उनका लंड फिर से खड़ा हो चुका था. उन्होंने अपनी दोनों टांगें फैला कर अपना लंड मेरे मुँह के सामने कर दिया और मेरे सिर को पकड़ कर अपने लंड पर दबा दिया. मैंने भी अपना मुँह खोला और दादा जी का लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी.

अब मेरी दोनों तरफ से चुदाई हो रही थी … मुँह से भी और चूत से भी … इसी तरह दादा पोता ने मिलकर मेरी चूत को करीब 4 घंटे तक चोदा.
फिर मैं शाम को दादा जी और विकास से फिर मिलने का वादा करके घर लौट आई.

दोस्तो, पंजाब दी मुटियार की कहानी आपको कैसी लगी, मुझे मेल करके ज़रूर बताना और हो सके तो अपने सुझाव भी मुझे देना.

मेरी ईमेल आइडी है.

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