दीदी ने नौकर से चुदवाई अपनी चूत

मैं शुरू में बस यह सोच रहा था कि दीदी केवल हल्की-फुल्की मस्ती कर रही है, दीदी शायद बस मुखमैथुन ही किया करती होगी मगर अब तो मुझे लग गया कि दीदी जावेद के साथ सेक्स करने के लिए तैयार है।

मुझे दीदी की चिंता होने लगी कि कैसे वो इतना मोटा लिंग झेल पाएगी क्योंकि मेरे दोस्तों ने बताया था कि मोटा लिंग लड़की को शुरू में बेहिसाब दर्द देता है। जावेद ने दीदी की योनि को सहलाया, फिर उस पर पास में पड़ी तेल की बोतल से तेल निकाल कर तेल लगाया। दीदी की योनि एक छोटी सी दरार जैसी दिख रही थी। जावेद अपनी ऊँगली को योनि के अन्दर डालकर चलाता तो दीदी मस्ती से सिसियाने लगती थी।

दीदी की योनि को अच्छी तरह से तेल से मालिश कराने के बाद जावेद फिर से दीदी की टांगों के बीच बैठ गया। जावेद ने दीदी की योनि के मुँह पर अपना लिंग-मुंड टिकाया तो दीदी की योनि के भगहोष्ट ऐसे खुल गए जैसे लिंग अन्दर लेने को तैयार बैठे हो। जावेद ने दीदी की कमर को अपने मजबूत हाथों से पकड़ लिया। दीदी ने भी उसकी कमर के चारों ओर अपनी टाँगें लपेट के घेरा बना कर जकड़ लिया। जावेद ने अपनी कमर को दीदी की तरफ ठेल दिया।

जावेद का लिंगमुंड दीदी की योनि के होठों को फैलाता हुआ अन्दर चला गया। मुझे बड़ा आश्चर्य हुआ कि कैसे इतना मोटा लिंग-मुंड दीदी की संकरी सी योनि में अपनी जगह बना लिया। जावेद ने दुबारा कोशिश करके थोड़ा सा लिंग और अन्दर प्रवेश करा दिया। दीदी हल्के हल्के सिसकारियाँ ले रही थी। फिर जावेद ने एक जोरदार झटका मारकर लिंग को काफी अन्दर तक योनि की गहराई तक अन्दर पंहुचा दिया कि दीदी की चीख निकल आई।

मैंने दीदी के चेहरे को देखा तो मैं समझ गया कि दीदी को दर्द हो रहा है। जावेद ने दुबारा वैसा ही झटका मारा, तो दीदी इस बार दर्द से दोहरी हो गई। दीदी ने जावेद की गर्दन में अपने हाथ लपेट कर उसके मुँह को अपने सीने से चिपका लिया।

जावेद ने दीदी के चुचूक को मुँह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगा और एक हाथ से उनके एक स्तन को जोर-जोर से भींचने लगा।

दीदी एक मिनट में ही सामान्य नज़र आने लगी क्योंकि उनके मुँह से हल्की हल्की उत्तेजक सिसकारियाँ निकल रही थी और जावेद पर उन्होंने अपनी पकड़ ढीली कर दी थी। जावेद ने फिर से एक जबरदस्त शोट मारा दीदी इस बार दहाड़ मार के चीख पड़ी।

दीदी बोल पड़ी- दो मिनट रुक नहीं सकते ! मेरी जान निकली जा रही है दर्द के मारे ..स्स्स्स ..स्सस्सस्सस .

मैंने देखा कि इस बार दीदी की आँखों में आँसू तक आ गए थे। मुझे ऐसा लगा कि जावेद उनका बलात्कार कर रहा है। जावेद ने एक बार “सॉरी” बोलकर दीदी के होठों को अपने होठों से चिपका लिया और जोर-जोर से उन्हें चूमने लगा और साथ ही दीदी के स्तनों को दबाने लगा। दीदी भी उतनी तेजी से उसे चूम रही थी। जावेद हल्के हल्के अपनी कमर चला रहा था। अब दीदी धीरे धीरे सामान्य होती लग रही थी। मुझे इतना समझ आया कि जब दीदी को दर्द होता था, जावेद उन्हें उत्तेजित करके दर्द को ख़त्म कर देता था।

दीदी ने अपने टांगो को जकड़ को जावेद की कमर के चारों ओर कस लिया।

जावेद ने दीदी के होठों को छोड़ दिया और पूछा- अब डालूँ क्या? दर्द तो नहीं है ना?

दीदी बोली- आराम आराम से डालो लेकिन ! जल्दी क्या है? मैं कोई भागे थोड़ी न जा रही हूँ?

जावेद बोला- मैं तो समझता हूँ, लेकिन यह नहीं समझता, यह पूरा अन्दर जाना चाहता है.. (उसका इशारा अपने लिंग की ओर था..)

दीदी बोली- इसको बोलो, अपनी रानी को दर्द न दे, प्यार से धीरे धीरे करे न, तो रानी भी पूरा आराम से करने देगी।

अभी भी मुझे यकीन ही नहीं हो रहा था कि क्या दीदी अपनी योनि में जावेद का नौ इंची लिंग पूरा ले पाएगी? मुझे लगा शायद उत्तेजना की वजह से वो जावेद से ऐसी सेक्सी बातें कर रही होगी .. खैर..

जावेद ने अपनी पोजीशन ली। अपनी ऊँगली को दीदी की योनि की तरफ ले गया और हल्के हल्के हाथ चलाते हुए कुछ सहलाने लगा। मैं ठीक से देख तो नहीं पा रहा था कि वो क्या सहला रहा है, मगर इतना देखा कि उसकी हरकत से दीदी पागल हुए जा रही थी। दीदी जोर-जोर से सिसिया रही थी और कह रही थी- जावेद रुक जाओ ! जावेद रुक जाओ ! प्रिंस (लिंग) को अन्दर डालो !

मैंने देखा कि जावेद का आधा लिंग तो अभी भी दीदी की योनि के बाहर था। दीदी ने जावेद के हाथ को पकड़ कर उसकी हरकत को रोकना चाहा मगर जावेद ने अपनी हरकत को बंद नहीं किया बल्कि उसने एक जोरदार झटका मारकर अपना लिंग दीदी की योनि में काफी अन्दर तक ठूंस दिया। इस बार दीदी के मुँह से उफ़ भी नहीं निकली बल्कि वो आह.. सी.. स्स्स्स.सस. की आवाज़ें निकाल रही थी।

जावेद ने एक और झटका मारा तो दीदी बोली- पूरा अन्दर गया न ! अगर बचा है तो वो भी डाल दो ! मुझे बहुत अच्छा लग रहा है !

जावेद ने हरी झंडी देखकर तीन चार जोरदार शॉट मारे और अपना लिंग जड़ तक दीदी की योनि में घुसा दिया और अपने होठों को दीदी के होठों से चिपका कर उनके ऊपर चित्त लेटा रहा। दीदी की आँखों में इस बार फिर से आंसू आ गए थे। मैं समझ गया अगर जावेद दीदी के होठों को अपने होठों से सील नहीं करता तो दीदी फिर से दहाड़ मार के चीखती।