पी ले बेटा मेरी जवानी की दूध को !! ललित बेटा तू मस्त पेलता है रे

उसने हसते हुए बातो को टालने कोशिश की! लेकिन मैं भी आज सबकुछ करने को तैयार थी। आज मैं अपनी चूत में इसका लंड खाने को तैयार थी। उसके लंड को देखने के लिए। मैंने उसे चोदने के लिए खुश किया।
“चल अब तू मेरे जिस्म को देख ही ले। इसके बाद तू अपना सामान दिखा। आज तू अपनी हवस को शांत कर ले” मैंने कहा
“सच भाभी आज मेरे सपने आप सच कर दोगी!” नागेंद्र ने कहा

उस दिन मैंने साडी और ब्लाउज पहना हुआ था। साडी ब्लाउज को निकाल कर मै ब्रा और पैंटी में हो गयी। उसने भी अपना सारा कपड़ा निकाल कर सिर्फ एक अंडरवियर में हो गया।

“चल अब शुरू हो जा” मैंने कहा

इतना कह कर मै पास में पड़े बेड पर लेट गयी। नागेंद्र मेरे ऊपर लेट कर मेरे को किस करने लगा। मेरे होंठ को चूस चूस कर मजा ले रहा था। वो मेरे चूमते हुए किस कर रहा था. नीचे के होंठ को चूस चूस कर खूब फुला दिया। इतनी जोरदार की होंठ चुसाई तो आज तक नहीं हुई थी। मेरे को उसने पहले ही बहोत गर्म कर दिया था। मेरे गले को भी चूस चूस कर मुझे उत्तेजित कर रहा था। मैंने उसे जकड़ते हुए किस करना शुरू कर दिया। हवस की प्यास मै भी किस करके शांत करने की कोशिश कर रही थी। उसका लंड मेरी चूत में ऊपर से ही चुभ रहा था। मेरी चूत उसके लंड को अंदर लेने को तड़प रही थी। धीरे धीरे अपना हाथ नीचे करके वो मेरे दूध को दबाने लगा। मेरे बूब्स बहुत ही जोर जोर से दबा रहा था।

“भाभी जी आपके चूचे तो बहुत ही लाजबाब है। इतने सॉफ्ट चूचे ति आज तक मैंने नहीं दबाया था। जी करता है कि इन्हें काट कर खा जाऊं!” नागेंद्र ने कहा
“पी ले बेटा मेरी जवानी की दूध को! काट डाल मेरे मम्मो को!!” मैंने कह कर उसे पीने की अनुमति दे दी, हिंदीपोर्न स्टोरीज डॉटकॉम
मै ब्रा में उसके सामने लेटी थी। पहली बार ससुराल में पति के अलावा भी किसी और के साथ मैं इस तरह लेटी थी। मेरे दोनों बूब्स की हाथ में लेकर दबाने लगा। उसने मेरे एक दूध को ब्रा से बाहर निकाल कर पीने लगा।

निप्पल पर अपना जीभ रगड़ने लगा। कुछ देर बाद उसे निचोड़ कर पीने लगा। मै “उ उ उ उ उ..अ अ अ अ अ आ आ आ आ. सी सी सी सी.. ऊँ- ऊँ. ऊँ..” की आवाज निकाल रही थी। मेरे दोनों निप्पल को काट काट कर मेरे को बहुत ही गर्म कर दिया। उसका अंडरवियर फूला हुआ था। उसे निकालते ही उसका काला लंड दिखने लगा। पहली बार मेरे को लगभग 7 इंच लंड का दर्शन करने को मिला था। मैंने उसके लंड को पकड़ कर चूसने लगी। उसका लंड बड़ा ही होता जा रहा था। मेरे गले तक वो अपना लंड घुसा कर चुसा रहा था। उसने मेरे को लगभग 15 मिनट तक अपना लंड चुसाया। मै खड़ी थी। उसने मेरी चूत देखने के लिए मेरी पैंटी को निकाल दी। वो नीचे बैठकर मेरी चूत पर अपना मुह लगाकर पीने लगा। मै .अई. अई.. अई.. अई..इ सस्स्स्स्स्… उहह्ह्ह्ह… ओह्ह्ह्हह्ह..” की आवाज निकाल रही थी। मेरे उसकी चूत चटाई ने बहुत ही बेकरार कर दिया। वो अपना दांत मेरी चूत के दाने में गड़ा दिया।

इतना कहकर मेरे को उसने बिस्तर पर लिटा दिया। मेरे टांगो को खोलकर उसने अपना लंड चूत पर रख दिया। मेरी चूत पर उसने अपने लंड को रगड़ना शुरू कर दिया। जोर जोर से रगड़कर उसने मेरी चूत लाल लाल कर दी। 5 मिनट बाद उसने अपना गरमा गरम लंड मेरी चूत के छेद पर रखकर धक्का मारने लगा। उसका लंड एक ही झटके में आधा घुस गया। मै जोर से “ओह्ह माँ..ओह्ह माँ.उ उ उ उ उ..अ अ अ अ अ आ आ आ आ.. मर गई” की चीख निकालने लगी। झटके पर झटका मार कर अपना पूरा लंड मेरी चूत में घुसा दिया। मेरी पूरी चूत उसके लंड से भर गयी। अंदर बाहर अपना लंड करके मेरी चुदाई शुरू कर दी। मेरी चूत में उसका लंड अच्छे सेट हो चुका था। नागेंद्र अपनी कमर उछाल उछाल कर मेरी चुदाई शुरू कर दी।

मेरी दोनो टांगो को पकडे हुए वो मेरे ऊपर लेट कर चुदाई कर रहा था। कुछ देर तक ऐसा करते करते उसने मेरे होंठ को चूमते चूमते चुसाई कर रहा था। मेरे पति जी ने कभी मेरी इस तरह चुदाई नहीं कर पाते थे। नागेंद्र जोर जोर से कमर उठा उठा कर चोदने लगा। मै “आऊ…आऊ ..हमममम अहह्ह्ह्हह.सी सी सी सी..हा हा हा..” की आवाज के साथ चुदवा रही थी।

“ललित बेटा!! तू मस्त पेलता है रे!! और जोर से धक्के लगाओ बेटा जी!!” मै कहकर चुदा रही थी।

पूरा कमरा इस आवाज से भर गया। मेरी तो कमर ही टूटी जा रही थी। इतनी जोर की कमर तोड़ चुदाई पहली बार करवा रही थी। मै चिल्ला रही थी।
“धीरे करो मेरी जान! मेरी चूत को फाड़ ही डालोगे क्या! आराम से कर!!” मै कह रही थी, हिंदीपोर्न स्टोरीज डॉटकॉम वो बहुत ही गर्म हो चुका था। बहुत ही जोशीला लग रहा था। इसीलिए वो रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था। कुछ देर में वो शांत हो गया। उसने अपना लंड मेरी चूत में घुसाये ही आराम करने लगा। मैंने उसे अलग करके उसके लंड को खड़ा करके उस पर बैठ कर चुदाई करने लगी। उसका लंड खंभे की तरह टाइट था। मै उछल उछल कर चुदवा रही थी। मेरे को इस तरह से चुदने में और भी ज्यादा मजा आ रहा था। मेरी चूत में उसका लंड जड़ तक घुस रहा था। मै झड़ने वाली थी इसलिए जोर जोर से “..उंह उंह उंह हूँ.. हूँ. हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई.अई.अई…” की आवाज निकल कर उछलने लगी। मेरी चूत ने अपना माल निकाल दिया