दोस्त की माँ ने मेरा लंड पकड़ लिया, चुत प्यासी थी उनकी

dost ki maa ne meri chudai ki मैं हूं विक्की पहले मैं आपको मेरा परिचय देता हूं. मैं दिल्ली सिटी में रहता हूं, मैं २२ साल का हूं, मेरी हाइट ५ फुट ७ इंच है आज मैं आपको एक कहानी सुनाने जा रहा हूं यह सच्ची कहानी है, करीब १ साल पहले की बात है, एक मेरा एक दोस्त है जिसका नाम विशाल है. मैं और विशाल पक्के दोस्त है. हम सभी बातें एक दूसरे को शेयर करते हैं. पहले मैं कभी विशाल के घर नहीं गया था, क्योंकि उसका घर मेरे घर से बहुत दूर है. एक दिन विशाल का बर्थडे था और उसने बहुत आग्रह किया था. इसलिए मैं रात के करीब ९ बजे उसे घर पहुंचा, पहुंचते ही उसने मुझे सोफे पर बैठाया और उसकी मम्मी पानी लेकर आई, उसकी उम्र करीब ४२ साल की होगी. लेकिन वह ३० साल की लग रही थी, बहुत ही खूबसूरत थी. उसने अपनी साड़ी डूट्टी के नीचे पहनी हुई थी. उसकी डूट्टी काफी गहरी और बहुत चौड़ी थी, उसकी चूचियां भी बहुत बड़ी और गोल थी. उसकी आंखें कामूक थी और होंठ गुलाबी और मुलायम थे, अब तो मैं सोच रहा था कैसे विशाल के घर जाया जाए? तभी मेरे दिमाग में एक आइडिया आया.

में और विशाल जब कंप्यूटर क्लासेस में मिले मैंने उसे कहा मेरे घर पर तो कंप्यूटर नहीं है, क्या मैं तुम्हारे कंप्यूटर यूज कर सकता हूं? विशाल खुश हुआ और कहा हम दोनों दोस्त है तुम मेरी सभी चीजे युज कर सकते हो, दूसरे दिन में विशाल के घर पंहुचा तो वह ब्लू फिल्म देख रहा था, उसमें एक बहुत खूबसूरत लड़की आई मैंने कहा यह तो तुम्हारी मम्मी जैसी दिखती है, तो विशाल बोला लेकिन इसके बूब्स छोटे हैं मेरी मम्मी के तो बहुत बड़े हैं. मैं समझ गया विशाल भी उसकी मम्मी को चुदाई की नजर से देखता है. थोड़ी देर बाद विशाल की मम्मी जिसका नाम रीना है वह आ गई वह बाहर गई थी. हमने इंटरनेट बंद कर दिया, रीना आज तो कमाल की लग रही थी. विशाल रोज उसकी मम्मी को कपड़े बदलते देखता था. जब रीना कपड़े चेंज करने गई तो विशाल वेंटिलेशन में से उसे देखने चला गया, मैं उसे ढूंढने लगा तो वह एक टेबल रखकर वेंटीलेशन में से देख रहा था. मैंने कहा क्या देख रहे हो? तो उसने मुझे चुप करके ऊपर आने को कहा. मैं टेबल के ऊपर चढ़ गया. मैं भी वेंटीलेशन में से देखने लगा. पहले रीना ने अपनी साड़ी उतारी उसके बूब्स उसके ब्लाउज में समा नहीं पा रहे थे, और ब्लाउज के ऊपर से बाहर निकल रहे थे. इतने में उसने ब्लाउज भी निकाल दिया. क्या गोरा बदन था? मेरा लंड तो एकदम टाइट हो गया उसने ब्लैक कलर की ब्रा पहन रखी थी, फिर उसने पेटीकोट भी उतार दिया, क्या सीन था. क्या जांघे थी? गोरी गोरी और भरी भरी, बाद में वह आईने में देख कर अपने बूब्स देखने लगी, फिर भी रीना ने गाउन पहन लिया, तब हम नीचे उतर गए और फिर से कंप्यूटर पर बैठ गए.

विशाल प्री मेडिकल टेस्ट की तैयारी कर रहा था इसलिए वह कंप्यूटर पर कम बैठता था मैं ही ज्यादातर बैठता था, एक दिन में कंप्यूटर पर बैठा था इतने में विशाल की मम्मी हमारे लिए चाय लेकर आई, और मुझे कहा मुझे भी कंप्यूटर सीखना है. मैंने बोला इसमें क्या है? मैं सिखा दूंगा. रीना ने कहा कल हम अपना क्लास शुरु करेंगे. आज मुझे थोड़ा काम है. मैंने कहा ठीक है मुझे पूरी रात नींद नहीं, आई कल रीना को कंप्यूटर जो सिखाना था.

वह मेरे पास बैठी यह सोचकर ही मेरा लंड खड़ा हो जाता था, मुझे सारी रात उसके साथ चुदाई के विचार आते रहे, अगले दिन मैंने स्किन टाइट टी-शर्ट पहनी और सेंट भी लगाया, हम हर रोज से पहले ही विशाल के घर पहुंच गए. रीना ने स्लीवलेस गाउन पहन रखा था, वह मेरे पास खुरसी रखकर बैठ गई, मैंने कंप्यूटर का माउस उसकी और रखा ताकि माउस को छूते वक्त उसके बूब्स को भी छू जाए, मैं कंप्यूटर से सभी पार्ट दिखा रहा था. उसे कीबोर्ड कहते हैं, बाद में माऊस को छूते वक्त मैंने जानबूझकर उसके बूब्स के साथ मेरा हाथ टकराया. वह पीछे हट गई, मैंने कहा सॉरी आंटी.. तो वह बोली कोई बात नहीं. मैंने पहले माउस की प्रैक्टिस करने को कहा, अब तो कई बार मेरा हाथ उसके बूब्स से टकरा रहा था, अब वह पीछे नहीं हट रही थी. दूसरे दिन विशाल बाहर गया था, मैं और विशाल की मम्मी अकेले ही थे. अब मैंने कीबोर्ड की प्रैक्टिस शुरू की. लेकिन उसकी उंगलियां उस पर बैठ ही नहीं रही थी. कई बार प्रैक्टिस की मगर कामयाब नहीं हुई, अब वह थक गई, उसने कहा कि अब मुझे नहीं आएगा. मैंने कहा एक काम करो तुम मेरी गोद में बैठ जाओ, मैं पीछे से जीस की पर उंगली रखुंगा उस पर तुम रखना, वह बोली ठीक है, वह मेरी गोदी में आकर बैठ गई, मेरा लंड तो पूरा टाइट हो गया था, लेकिन उसकी गांड में फिट नहीं हो रहा था, इसलिए मैंने कहा थोड़ा ऊपर आ जाओ, वह जैसे ही ऊपर आई मेरा लंड उसकी गांड के बीच में फिट हो गया. अब तो मुझे बहुत मजा आ रहा था, शायद उसे भी मजा आ रहा था.

मैंने पूरे एक घंटे तक उसके बूब्स और गांड का मजा लिया, दूसरे दिन उसने टी शर्ट और स्कर्ट पहनी हुई थी, और नीचे ब्रा भी नहीं पहनी थी. मैं समझ गया कि आंटी को भी अब मजा आ रहा है आते ही वह मेरी गोदी में बैठ गई, विशाल यह सब देख रहा था. जैसे ही वह मेरी गोदी में बैठी मेरा लंड तन गया और उसकी गांड में फिट हो गया. अभी तो मैं बारी बारी उसके बूब्स और निप्पल को हाथ लगा रहा था, रीना की निप्पल अब टाइट हो गई थी, और टीशर्ट में से साफ दिख रही थी. तो मैंने एक हाथ उसके जांघ पर रख दिया और हाथ फेरने लगा, वह कुछ नहीं बोल रही थी. लेकिन मैंने जींस की पैंट पहनने से तकलीफ हो रही थी, वह यह बात समझ गई वह बोली अगर तुम्हें गर्मी हो रही हो तो विशाल का ट्राउजर पहन लो, मैंने कहा यह ठीक है. मैं फट से खड़ा हो गया वह मेरे पीछे आई और मुझे विशाल का ट्राउजर दिया और टीशर्ट दिया. मैंने उस के सामने ही टीशर्ट उतार दिया, वह ईसी पल की राह देख रही थी, मैं रोज एक्सरसाइज करता हूं इसलिए मेरी बॉडी और मेरे मसल बहुत अच्छी थे.

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