दोस्त की पत्नी को चोदकर प्रेग्नेन्ट किया

हैल्लो दोस्तों, antarvasna मैं अंकित एक बार फिर से हाजिर हूँ अपनी नई कहानी सेक्स कहानी के साथ जिसमे मैं आपको बताऊंगा की मैंने कैसे अपने दोस्त के सामने ही उसकी पत्नी की चुदाई की और उसको प्रेग्नेन्ट किया तो दोस्तों मैं पहले अपने दोस्त की पत्नी के बारे में बता दूँ मेरे दोस्त की पत्नी का नाम कंचन है और वो एकदम सेक्सी है उसके बूब्स का साइज़ 36 उसकी, कमर 30 इंच और उसकी गांड 36 इंच की है जब वो अपनी गांड हिला हिलाकर चलती है तो वो मेरे दिल को घायल कर जाती है तो मैं अब आपको और ज्यादा बोर ना करते हुए सीधा कहानी और आता हूँ।

मेरा एक दोस्त है जिसका नाम विनीत है और वो मेरे साथ मेरे ऑफीस में ही काम करता है उसकी शादी लगभग 2 साल पहले उसके घर वालो ने कंचन से करवाई थी और वो यहाँ पर अपनी पत्नी के साथ ही रहता है वैसे तो विनीत काफ़ी अच्छा है पर उसमें शराब पीने की बुरी आदत है और रोज शाम को उसको शराब पीनी होती है मेरा विनीत के घर पर काफ़ी आना जाना है और मैं कंचन को भाभी बोलकर बुलाता हूँ मेरे दिल में कंचन के लिए कोई गलत सोच नहीं थी। पर मैंने एक बात नोटीस जरुर की थी की मैं जब भी विनीत के घर जाता था तभी उसकी पत्नी कंचन मुझको दूसरी निगाहों से देखती है यू कहो तो चोर निगाहों से मुझको देखती है और थोड़ी गुमसुम रहती है। एक दिन सुबह को जब मैं विनीत के घर गया तो कंचन भाभी ने गेट खोला उस समय मैं कंचन भाभी को देखता ही रह गया उसने पिंक कलर का गाउन पहना था गाउन का गला बड़ा होने की वजह से उसकी रेड कलर की ब्रा एकदम साफ और उसके अंदर के मोटे मोटे बूब्स एकदम साफ दिख रहे थे और उसके बूब्स पर जो तिल था वो उसके बूब्स को और ज्यादा सेक्सी बना रहा था और नीचे से उसका गाउन एक साइड से खुला हुआ था तो उसकी जाँघ भी एकदम गोरी गोरी साफ दिख रही थी कुछ देर के लिए तो मैं जैसे उसको देखता ही रह गया। फिर खुद पर कंट्रोल करते हुए मैंने पूछा की विनीत कहाँ है तो कंचन बोली की आप बैठो वो नहा रहे है तब तक मैं आपके लिए चाय बनाकर लाती हूँ जब वो चाय बनाकर वापस आई तो उसके गाउन का गला और ज्यादा बड़ा था जिसमें से उसके आधे से ज्यादा बूब्स दिख रहे थे। जब वो मुझको चाय देने के लिए नीचे झुकी तो मुझको उसके बूब्स बिल्कुल साफ दिख रहे थे एक बार तो मुझको ऐसा लगा की वो मुझको अपने बूब्स ही दिखा रही हो इतने में विनीत आ गया तभी वो झट से सीधी खड़ी होकर अपने बूब्स को ठीक करने लगी। फिर थोड़ी देर के बाद विनीत और मैं अपने ऑफीस के लिए निकल गये लेकिन उस दिन मैं सिर्फ़ कंचन के बारे में ही सोचता रहा, और बार बार वो सीन याद कर करके मेरा लंड बार बार खड़ा हो रहा था। उस दिन शाम को घर आकर मैंने अपने लंड को मूठ मारकर शांत किया और उस दिन सोचा की क्यों ना कंचन की चूत के मज़े लिए जाए, ऐसा कई बार हुआ की मैं विनीत के घर गया और उसने अपना सेक्सी बदन मुझको दिखाना चाहा। मुझको ऐसा लगता की वो मुझसे कुछ कहना चाहती है पर बोल नहीं पा रही है एक दिन मैं विनीत के घर गया तो उसका गेट खुला हुआ था मैं बिना आवाज़ किए हुए अंदर चला गया विनीत उस समय सो रहा था फिर मुझको बाथरूम में से पानी की आवाज़ आई।

तो मैं बाथरूम के होल से देखने लगा तो अंदर का सीन देखकर मैं चौक गया बाथरूम में कंचन नहा रही थी, उस समय उसके बदन पर एक भी कपड़ा नही था, उसके बूब्स एकदम सख़्त और उसके बूब्स के निप्पल पिंक कलर के थे और उसके पेट पर जो नाभि थी वो भी एकदम सेक्सी थी जब मैंने उसकी चूत को देखा तो मैं देखता ही रह गया उसकी बिना झांट वाली पिंक कलर की चूत बहुत ज्यादा सेक्सी लग रही थी मेरा लंड ये देखकर खड़ा हो गया और मैं वही पर मूठ मारने लगा और अपने लंड का पानी बाथरूम के गेट पर ही छोड़ दिया। जब वो अपने बदन पर साबुन लगा रही थी तो उसके चिकने बदन से साबुन बार बार फिसले जा रहा था कभी वो अपने बूब्स पर साबुन लगाती और अपने बूब्स को सहलाती, कभी अपनी चूत पर साबुन के झाग लगाती तो कभी अपनी गांड के बीच साबुन लगाती मैं लगातार उसको देखता रहा। तभी इतने में मेरे कंधे पर किसी ने हाथ रखा मैं एकदम से डर गया और मैंने देखा की मेरे पीछे विनीत खड़ा था, मैं तो पसीना पसीना हो गया लेकिन उसने कहा की अंकित यार डरो मत मुझको तुमसे कुछ बात करनी है उसने मुझको बताया की उसका लंड बहुत ही छोटा है और वो कंचन को संतुष्ट नहीं कर पाता है क्या तुम कंचन को संतुष्ट कर सकते हो? मैंने कहा की विनीत क्या पागलो वाली बात कर रहा है तो उसने बोला की तू अभी तो मेरी पत्नी को नहाते हुए देख रहा था, तो मेरे अंदर थोड़ी हिम्मत आई मैंने विनीत से पूछा की क्या कंचन मेरे साथ सेक्स करने को तैयार होगी, तो विनीत ने कहा की तू तोड़ा समय अगर उसको दे तो वो शायद तैयार हो जायेगी लेकिन विनीत ने कहा की मैं चाहता हूँ की तू मेरी पत्नी को मेरे सामने चोदे और उसको प्रेग्नेन्ट कर दे क्योंकी मैं उसको प्रेग्नेन्ट नहीं कर सकता हूँ यार।

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