एक अजनबी हसीना से यूँ मुलाकात हो गई

सोशल मीडिया भी क्या जादुई चीज है. जान पहचान वाले हों या अजनबी सब को एक जितना ही करीब रखता है. लेकिन मेरी ये कहानी एक अजनबी से कुछ ज्यादा ही करीब आने की है. इतने करीब कि हमारे बीच कोई पर्दा न रहा और हमारे कामातुर जिस्म एक दूसरे में समाते रहे……

सोशल मीडिया के जरिये मेरी प्रोफाइल और फोटो देखकर एक हाउसवाइफ ने मुझे मेल किया और मुझसे मिलना चाहा. उसने मुझे संपर्क करने के लिए अपना नम्बर दिया. मैंने एक दिन शाम को 5 बजे उसे फोन किया. उसने मुझे पहचान लिया. उसका नाम सुमन ( बदला हुआ नाम) था. उसने मुझे शाम को 7:30 बजे पिज्जा हट में बुलाया.

मैं वहाँ 7 बजे ही पहुँच गया और कोक पीते-पीते उसका इन्तजार करने लगा. वो ठीक 7:30 बजे आ गयी. हम दोनो ने एक दूसरे को देख कर पहचान भी लिया. लेकिन दोस्तों ! सच बताऊँ तो वो एकदम पटाखा लग रही थी. क्या गदराई हुयी मदमस्त जवानी थी. पूर्ण विकसित बूब्स थे उसके. गुलाबी सलवार-सूट में वो क़यामत लग रही थी. गेट से लेकर टेबल तक आने तक घूर-घूर कर उसके हुस्न का रसपान कर रहा था. वो 28 वर्ष की थी लेकिन दिखने में 24 से ज्यादा की नहीं लग रही थी.

टेबल पे बैठने के बाद सुमन से काफी बातें हुयीं, जिसमे उसने बताया कि उसके पति बिजनेस के सिलसिले में देश से बाहर रहते हैं. फिर हम लोग वहाँ से बाहर आ गए. सुमन ने अपने घर चलने को कहा तो मैं भी उसकी कार में बैठकर उसके साथ चल दिया. उसका बंगला काफी आलीशान था. लेकिन घर में हम दोनों के अलावा कोई और दिखाई नहीं दे रहा था. मेरे पूछने पे सुमन ने बताया कि उसने सारे नौकरों को आज शाम के लिए छुट्टी दे दी है.

उसके बाथरूम की ओर इशारा करते हुए कहा की तुम फ्रेश होकर आ जाओ तब तक मैं भी थोड़ा फ्रेश हो लेती हूँ. सुमन ने अपना बेडरूम मुझे बता दिया और कहा कि वहाँ जाकर नाइट ड्रेस पहन लेना.

मैने कहा – ठीक है.

मैं फ्रेश होने चला गया और रूम में आकर ड्रेस चेंज कर लिया. वो भी फ्रेश होकर आ गयी और मुझे कहा – तुम प्लीज़ 10-15 मिनिट के लिए हाल मे बैठ जाओ.

मैने हाँ कह दिया. वो बेडरूम में चली गयी. थोड़ी देर बाद सुमन ने मुझे आवाज़ दी की समीर अंदर आ जाओ. मैं अंदर आ गया और देखा तो मेरे होश उड़ गये. काले काले रंग की नाइटी मे सुमन बहुत सेक्सी लग रही थी. उसकी ट्रांसपैरेंट नाइटी के अन्दर से उसकी लाल रंग की ब्रा और पैंटी साफ़ दिख रही थी. जिसे देखकर मैं उत्तेजित हो रहा था और मेरा लंड भी खड़ा हो गया था. सुमन ने ये सब महसूस कर लिया था.

सुमन इस वक़्त बेड पर थी. सुमन ने शरारती निगाहों से मुझे अपने पास बुलाया. पास जाने पर उसने मुझे अपने गले से लगा लिया और मेरे लंड पर हाथ फेर कर कहा – लंड महाराज! थोड़ा इंतजार करो. चूत रानी भी अभी तैयार हो रही है. फिर चूत रानी की सेवा करके मेवा खाना.

हम दोनो एक दूसरे को जबरदस्त किस कर रहे थे. मैं सुमन के होठों की लाली को चूसे जा रहा था. मुझे फ्रेंच किस करने मे बहुत मज़ा आता है. हम दोनों एक दूसरे के होठों को चूम-चूम कर एक दूसरे का रस पिए जा रहे थे. क्या मज़ा आ रहा था दोस्तो? मैं बता नहीं सकता.

उसकी गर्दन पे, कानो पे, हर जगह उसे किस किए जा रहा था और वो मस्ती मे झूमे जा रही थी. उसका शरीर और खुद सुमन बहुत नशीली हो गयी थी. फिर मैने उसकी नाइटी निकाल दी और मैने भी अपना नाइट ड्रेस निलाल दिया. अब मैं केवल चड्ढी मे था और सुमन ब्रा- पैंटी मे. मैं उसके बूब्स को उसके ब्रा के उपर से ही दबाए जा रहा था. और वो अंगड़ाई ले-लेकर मज़े ले रही थी. उसके मुँह से उह्ह्ह….आआअहह..उहह की आवाज़े निकल रही थीं.

मैं समझ गया की उसे बहुत मजा आ रहा है. मैंने उसकी ब्रा-पैंटी को तुरंत उतार दिया. अब तक मेरा लंड और भी बड़ा और स्ट्रॉंग बन गया था. मेरे लंड को देख कर सुमन के मूह मे पानी आ गया. उसने मेरे लंड को अपने मुँह मे लेकर ज़ोर- ज़ोर से चूसना शुरू कर दिया. मैं भी उसकी चूत को चूसे जा रहा था. क्या अमृत था वो. इस दमदार चुसाई से वो झड़ गई और मैं उसका सारा पानी पि गया. लेकिन वो अब भी मेरे लंड को चूसे जा रही थी.

10-15 मिनट बाद मैने कहा – सुमन मेरा झड़ने वाला है.

उसने कहा- इसे मेरे मुँह मे ही गिरा दो. तुमने मेरे अमृत को पिया है तो मै क्या मैं तुम्हारे अमृत को नही पी सकती?

वो मेरे पूरे वीर्य को अपने मूह मे लेकर पी गयी. सुमन ने एक बूँद भी बर्बाद नही किया. हम दोनों बिस्तर पे निढाल होकर एक दूसरे से लिपट कर लेटे गए. मेरा लंड अभी भी सुमन की चूत से सटा हुआ था. थोड़ी देर तक बार-2 उसकी चूत से रगड़ खाने की वजह से मेरे लंड फिर खड़ा हो गया.

मैने सुमन को अपने नीचे लिटाकर उसके पैर फैलाये और अपने लंड महाराज को उसकी चूत महारानी के दरवाजे पर रख कर एक धक्का मारा तो आधा लंड उसकी चूत मे घुस गया और फॅक से आवाज़ आई. सुमन को दर्द हो उठा. वो चींख पड़ी और उसकी आँखों से आँसू गिरने लगे. मैं रुक गया और वैसे ही लंड को उसकी चूत में प्रविष्ट कराये पड़ा रहा.

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