फेसबुक वाली शादीशुदा गर्लफ्रेंड की चुदाई

वो मेरा हाथ पकड़ कर बेडरूम में ले गयी. रूम में जाते ही मैंने उसे पीछे से उठा लिया और प्यार से बिस्तर पे लिटा कर उसकी साड़ी निकालने लगा. अगले ही पल वो सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में रह गई थी. उसने अपनी आंखें बंद कर ली थीं. मैं उसके ऊपर लेट गया और एक बार फिर हमारे होंठ चिपक गए. होंठ चूसते चूसते कब हम लोग नंगे हो गए, पता ही नहीं चला.

वो अपने हाथों से मेरा लंड सहला रही थी और मैं उसके मम्मों को चूस रहा था. धीरे धीरे मैं नीचे बढ़ने लगा और चूत को किस किया. उसकी चूत बिल्कुल साफ़ थी.. उसने बताया कि आज उसने मेरे लिए ही अपनी चूत साफ़ की थी.
जैसे ही मैंने अपनी जीभ उसकी चूत में लगायी, वो सीईई सीईई करके मेरा सर दबाने लगी, वो चुदास से बोली- आह.. खा जाओ आज इसको.. कितने दिन से तड़प रही थी तुम्हारे लिए..

मैंने उसकी टांगें और फैला दीं और पूरी जीभ चूत के अन्दर अन्दर डाल दी. वो बिन पानी मछली की तरह तड़पने लगी. वो जैसे जन्नत की सैर कर रही हो. पांच मिनट में ही उसकी चूत से पानी बहने लगा. इतना पानी निकला कि मेरा पूरा मुँह गीला हो गया. फिर भी मैं चूत को चूसता रहा.

वो लगभग बेहोश हो गयी थी और बेहोशी में ही गालियां बोलने लगी- साले तुमने मेरी चूत की माँ चोद दी.. अब मुझे कुछ नहीं चाहिए, जो सुख तुमने दिया है आज.. उसके लिए आज तक तड़पती रही.. आज पहली बार औरत होने का सुख दिया है तुमने.. आज से मैं तुम्हारी गुलाम हो गयी, मेरी जिंदगी तुम्हारी हो गयी मेरे राजा.. बहुत मजा आया.
मैंने बोला- जानेमन अभी चुदाई तो की ही नहीं.. तुम अभी से थक गयी?
तो बोली- अब बस मेरे अन्दर जान नहीं बची अब.

मैंने उसे उठा कर अपने सीने से लगा कर लिटा सा लिया और धीरे धीरे उसके सर को सहलाने लगा. करीब पन्द्रह मिनट बाद वो थोड़ा सा नार्मल हुई तो मुझे ऊपर से नीचे तक किस करने लगी.

जैसे ही उसने मेरे लंड को किस किया, लंड फिर से खड़ा होने लगा. वो धीरे धीरे अपनी जीभ से मेरे लंड के सुपाड़े को चाटने लगी. अब मेरी आंखें बंद होने लगीं, वो मस्त खिलाड़िन थी.. क्या मस्त लंड चुसाई की उसने कि मेरी जान ही निकाल दी.

दस मिनट की जबरदस्त लंड चुसाई के बाद मैंने उसे रोक दिया कि बस करो.. नहीं तो मेरा निकल जायेगा.

अब हम दोनों से बर्दाश्त नहीं हो रहा था. वो फिर से चुदाई के लिए तैयार थी, वो बोली- चलो अब असली खेल शुरू करो.
मैंने कहा- मैं कंडोम नहीं लाया यार.
तो वो बोली- कोई बात नहीं.. मेरा ऑपरेशन हो चुका है, तुम बिंदास हो कर चोदो.

फिर शुरू हुआ चुदाई का खेल. कभी वो ऊपर कभी मैं ऊपर.. कभी घोड़ी बना के.. कभी खड़ी करके.. धकापेल चुदाई चलती रही. करीब बीस मिनट तक हम एक दूसरे में पूरी तरह समा गए थे. आधे घंटे की जबरदस्त चुदाई ने हम दोनों को पस्त कर दिया. चुदाई भी ऐसी मजेदार होगी, हम दोनों ने सोचा ही नहीं था.

उस दिन रात को दस बजे तक मैं उसके घर पर रुका और चार बार मैंने अपने पानी से उसकी चूत को भर दिया.
वो बहुत खुश थी, बोली- आज तुमने मुझे जिन्दा होने का अहसास कराया.. उसके लिए बहुत बहुत धन्यवाद लव यू शिव राज.

यहथी फेसबुक वाली शादीशुदा गर्लफ्रेंड की सेक्स कहानी.. कैसी लगी.. बताना जरूर, मैं आपके मेल का इंतजार कर रहा हूँ.

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