घर पर पढ़ने आई सहपाठी की जबरदस्त चुदाई

अब मुझसे रहा नहीं गया तो मैं प्रियंका को पकड़ कर चूमने लगा. शुरू में तो उसने इसका विरोध किया लेकिन फिर भी जब मैंने उसको नहीं छोड़ा तो कुछ देर बाद वो मेरा साथ देने लगी. अब हम एक – दूसरे को लगभग दस मिनट तक चूमते रहे. फिर मैंने उसका टॉप उतार दिया और ब्रा के ऊपर से ही उसके बूब्स को चूसने लगा…

अन्तर्वसना के प्रिय पाठकों को मेरा नमस्कार! दोस्तों, आज मैं आपको मेरे पहले सेक्स अनुभव के बारे में बताने जा रहा हूँ. मेरी इस कहानी को पढ़कर पाठकों के लण्ड खड़े हो जाएंगे और पाठिकाओं की चूत से पानी निकलने लगेगा.

दोस्तों, मेरा नाम राहुल हैं और मैं हरियाणा का रहने वाला हूँ. बात उस वक्त की है, जब मैं बाहरवीं क्लास में पढता था. मैं शुरू से ही पढ़ाई में काफी अच्छा था और अपनी क्लास का मॉनिटर था. टीचर अक्सर मुझसे ही क्वेश्चन सुनने के लिए कह देते थे.

हमारी क्लास में लगभग तीस लड़के और दस लडकियां थीं. उनमें से एक लड़की जिसका नाम प्रियंका था, वो दिखने में बहुत ही सुन्दर थी. मैं क्लास में हमेशा उसकी तरफ ही देखता रहता था. या यूं कहिए कि मैं उसको बहुत पसंद करता था.

उसके बूब्स बहुत ही मोटे थे और गांड बहुत ही उभरी हुई थी. मन करता था कि साली को अभी चोद डालूं. मै उसको चोदने के बारे में सोचकर अक्सर मुठ मारता था, लेकिन कभी उससे कुछ कहने की हिम्मत नहीं हुई.

कुछ दिन ऐसे ही चलता रहा और हमारे बोर्ड के एग्जाम शुरू हो गए. बोर्ड एग्जाम के कुछ दिन पहले तैयारी के लिए स्कूल की छुट्टियां हो गयी. मैं एग्जाम की तैयारी मैं लग गया. हमारे फिजिक्स के एग्जाम के बीच चार दिन की छुट्टियां थी. प्रियंका को फिज़िक्स में कुछ प्रॉब्लम थी. इसलिये वो उसे समझने के लिए मेरे घर पर आ गयी.

उस दिन उसने टी-शर्ट और लोवर पहन रखा था. जिसमें वो एक दम मस्त लग रही थी. उसके बड़े – बड़े बूब्स टी-शर्ट में से निकलने को बेताब हो रहे थे. इन्हें देख कर मैंने सोचा कि अभी पकड़ कर चूसने लग जाऊं लेकिन सभी लोग घर पर ही थे.

फिर उसने मुझे प्रॉब्लम प्रॉब्लम बताई और मैंने प्रॉब्लम सॉल्व करके उसे समझा दिया. फिर हम दोनों साथ मिलकर पढ़ने लगे. हम कुछ देर पढ़ते रहे. फिर वो घर चली गयी. उस रात मैं उसके बारे में ही सोचता रहा. फिर अगले दो दिन वो पढ़ने के लिए मेरे घर पर आती रही लेकिन घर पर सबके होने की वजह से मैं कुछ नहीं कर सकता था.

अगले दिन मेरे घर वालों को एक शादी में जाना था. मेरा एग्जाम था इसलिए मैं शादी में नहीं जा सकता था तो मैं घर पर मेरे दादाजी के साथ रुक गया. दोपहर को दादा जी नीचे वाले कमरे में जाकर सो गए.

कुछ देर बाद प्रियंका मेरे घर पर पढ़ने के लिए आ गयी. आज उसने लाल रंग का टॉप पहना हुआ था और नीले रंग की जीन्स जिसमें वो बहुत ही सेक्सी लग रही थी. उस समय मैं उसके बूब्स देखने लगा. जिन पर मेरी नजर जम गयी थी. तभी उसने पूछा कि क्या हुआ तो मैंने कहा कुछ नहीं.

फिर उसने पूछा कि घर के सभी लोग कहां गए? तो मैंने उसको बताया कि सब शादी में गए हुए हैं. फिर हम ऊपर के कमरे में जाकर पढ़ने लगे. वो मेरे सामने बैठी थी ऐसे में मेरा मन पढ़ाई में नहीं लग रहा था.

मैं उसके बूब्स की तरफ देख रहा था. मेरे मन में उसको चोदने के ख्याल आने लगे थे. बीच – बीच में मैं बहाने से उसके बूब्स को छू देता था. इस पर वो कुछ नहीं कह रही थी. मेरी हिम्मत बढ़ गयी और मैंने एक – दो बार उसके बूब्स को और छू दिया. इस बार भी उसने कुछ नहीं कहा.

फिर कुछ देर बाद हम टीवी देखने लगे. टीवी में मैंने एक इंग्लिश मूवी लगा दी. उसमें एक सीन चल रहा था, जिसमें एक जोड़ा एक – दूसरे को किस कर रहा था. उसको देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया. प्रियंका ये सब देख रही थी. वो भी मूवी को देख कर गरम हो रही थी.

अब मुझसे रहा नहीं गया तो मैं प्रियंका को पकड़ कर चूमने लगा. शुरू में तो उसने इसका विरोध किया लेकिन फिर भी जब मैंने उसको नहीं छोड़ा तो कुछ देर बाद वो मेरा साथ देने लगी. अब हम एक – दूसरे को लगभग दस मिनट तक चूमते रहे. फिर मैंने उसका टॉप उतार दिया और ब्रा के ऊपर से ही उसके बूब्स को चूसने लगा.

अब उसको भी मजा आ रहा था और उसके मुंह से सिसकारियां निकल रही थी. फिर मैंने उसकी जीन्स भी उतार दी. अब वो सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी. जिनमें वो बहुत ही सेक्सी लग रही थी. अब उसने मुझे भी मेरे कपड़े उतारने को कहा.

अब मैंने भी कपड़े उतार दिए और उसकी ब्रा और पेंटी को भी उतार दिया. अब हम दोनों अब बिलकुल नंगे थे. उस दिन मैंने नंगी लड़की पहली बार देखी थी. उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था. शायद उसने एक – दो दिन पहले ही साफ़ किये थे. उसकी चूत बहुत ही गजब लग रही थी.

फिर मैंने उसको मेरा लंड चूसने को कहा तो वो मेरा लंड मुंह में लेकर चूसने लगी. जिसमें मुझे बहुत मजा आ रहा था. उसकी चुसाई से कुछ देर में मेरा वीर्य निकल गया और वो सारा का सारा माल पी गयी.