घर पर रहने आयी गर्लफ्रेंड की बहन को पटा कर उसकी चूत का रस चूस लिया

फिर मैंने धीरे धीरे अपना हाथ से उसकी निक्कर को ऊपर खींचने लगा था कि उसकी पूरी टांग नजर आ सके, और धीरे से अपना पूरा हाथ उसकी जांघ के अंदर वाले हिस्से में रखा, दिल तो कर रहा था की उसकी जांघ को दांतों से काट लू, मैंने धीरे धीरे अपनी २ उंगली उसके निक्कर के नीचे से उसकी पैंटी में डाल दिए लेकिन संचिता नींद में थोड़ी हिलने लगी और मैंने झट अपना हाथ बाहर निकाल कर सोने की एक्टिंग करने लगा. संचिता नींद में थी, थोड़ी देर बाद मैंने अपने हाफ पेंट को पूरा ऊपर खींच लिया और अपनी टांगे धीरे से उसकी टांग के ऊपर रख दिया, ताकि मेरा स्किन उसके स्किन से चिपके. और जब मैंने देखा कि कोई हरकत नहीं हो रही है और संचिता अभी भी नींद में है तो मैंने अपने लंड को उसके हिप से चिपका दिया, अब तो अपने आप को रोकना मुश्किल हो रहा था और मैं घबराहट से थोड़ा थोड़ा कांपने भी लगा था. फिर मैंने धीरे धीरे उसके टी शर्ट ऊपर उठाने लगा.और १० मिनट की मेहनत के बाद मैंने उसकी टीशर्ट को उसकी निप्पल के ऊपर कर दिया. पहले तो मैंने धीरे से अपने फेस को उसकी चूची से टच करने लगा, और मैं उसके निप्पल को उभार को अपने फेस पर फील कर रहा था, कुछ सेकंड के बाद मैंने धीरे से अपने होठ में उसके निप्पल को दबाया, मुश्किल से ३-४ सेकंड के बाद ही मुझे लगा कि संचिता की नींद टूट रही है और मैं जट चारु के ऊपर से कूद के दूसरी साइड जाकर सो गया. सुबह चारु इंटरव्यू के लिए जा चुकी थी और मैं और संचिता दोनों सो रहे थे, १० बजे मेरी नींद खुली तो मैंने देखा कि संचिता अभी भी सो रही है, मैंने उसे नींद से तो जगा दिया पर उसने अपनी आंखें अभी नहीं खोली थी, मौके का फायदा उठाने के लिए मैं उसके बगल में लेट कर उसे छेड़ने लगा और गाल पर किस करने लगा. परेशान होकर उसने साइड की करवट ली और अपनी पीठ मेरी तरफ कर दिया.

मैंने झट से अपना लंड उसकी गांड में चिपकाकर उसके ऊपर टांग चढ़ा लिया और परेशान करने लगा. मुझे पूरा विश्वास था कि उसको मेरे खड़े लंड का एहसास उसकी गांड पर हो रहा होगा, पर उसने कुछ नहीं किया. फिर मैं अपना हाथ धीरे से उसकी चूची पर ले कर पकड़ के दबाने लगा, संचिता को तो मानो जैसे करंट लग गया और वह झटके से उठ गई, और हंसते हुए मुझे कहने लगी कि आप सुधरोगे नहीं क्या? मेरी हिम्मत के साथ उसे चोदने का मन भी बढ़ता जा रहा था वोशरूम से फ्रेश होकर और ब्रा पहनकर संचिता वापस आ गई. फिर नाश्ता करके टीवी देखने लगे, इस बीच मेने संचिता को दो तीन बार किस कर लिया था, और मजाक कर रहा था कि उसके निपल हमेशा खड़े क्यों रहते हैं? और वह शरमा रही थी, अब नहाने जाने से पहले उसने मुझे उसके बाल में तेल लगाने को कहा, टीवी देख कर मैं तेल लगा रहा था लेकिन मेरा ध्यान तो ऊपर से नजर आ रही उसकी चूचियों के बीच की लाइन पर टिका हुआ था. मैंने बड़े प्यार से आश्चर्य से बोला कि संचिता तुम्हारी स्किन कितनी सुख गई है और थोडा सा ओइल उसके नेक के अगल बगल वाली स्कीन पर लगा दिया और थोड़ा गुस्से में बोला कि तुम अपना ख्याल नहीं रखती. और उसी गुस्से से मैंने उसके हाथों पर पर ओईल लगाना शुरु कर दिया.

संचिता ने भी कुछ नहीं बोला, दोनों हाथ की मालिश करते हुए मैंने टी शर्ट की बाजू पूरी ऊपर उठा दी और संचिता का वाइट ब्रा स्ट्रिप भी नजर आ रहा था, मैंने बड़े नॉर्मल अंदाज में उसके ब्रा स्ट्रिप थोड़ी नीचे करके वहां भी ओइल लगाया और फिर उसे ठीक कर दिया और आयल लगाते बोला कि हे भगवान पुरा हाथ और पीठ ड्राय हो गया है, और संचिता को लेटने के लिए बोला. और कहा कि अपनी टी शर्ट थोड़ा और ऊपर कर लो, ताकि मैं ओइल लगा दूं, पहले तो वह थोड़ा इंकार करने लगी. पर थोड़ा जोर देने पर मान गयी, वह उल्टा लेट कर टीवी देख रही थी और मैं धीरे धीरे उसकी पीठ पर मालिश शुरू कर दी, मालिश करते करते मैंने उसकी पूरी टीशर्ट ऊपर उठा दी, उसका व्हाईट ब्रा मुझे साफ नजर आ रहा था, मेरी हिम्मत इतनी बढ़ गई थी कि मैंने बहाना बनाकर मालिश अच्छे से करने के लिए उसकी गांड के ऊपर चढ़ गया और अपने हाथ से उसके ब्रा के हुक खोल दिए, संचिता घबराकर बोलने लगी कि तुम क्या कर रहे हो? मुझे शर्म आ रही है.मैंने गुस्से में कहा कि तुम अपना ख्याल नहीं रखती हो और मैं मालिश कर रहा हूं तो शरमा रही है, और मैं ने उठकर लाइट ऑफ कर दी. मैं वापस आकर उसकी गांड के बीच में अपने लंड को फंसा कर बैठ गया और अच्छे से बैठने के बहाने से दो तीन बार अपना लंड उसकी गांड में रगड़ भी दिया. संचिता टीवी में बिजी और में रगड़ रगड़ के उसकी पीठ की मालिश कर रहा था. दिल तो कर रहा था की उसकी पीठ को चूम लूं और चिपक जाऊं. धीरे धीरे मैं नीचे की तरफ जाते उसके टांगों की मालिश करने लगा दोस्तों में बता नहीं सकता हूं कि मुझे कैसा लग रहा था.

जब मेरे दोनों हाथ उसकी पूरी टांगों पर तेल रगड़ रहे थे और उसकी नीकर काफी लूज होने के कारण मेरे हाथ उसकी जांघों के बाद उसकी गांड जहां से शुरू होती है वहां तक टच कर रहे थे, अब मुझे समझ नहीं आ रहा था कि उसकी शोर्ट पैंट (निकर) कैसे उतरवाउ और फिर मैंने उसे थोड़ा साइड करवट पर लेटने को कहा, जैसे ही वह साइड करवट पर हुई उसका खुला ब्रा तो नीचे ही रह गया और उसकी चूचियां ऑफ लाइट में भी ऐसे चमक रही थी जैसे कोई हिरा वुईथ रेड चेरी, दिल तो किया पूरा का पूरा मुह में दबाकर सारा दूध निकाल दू, मन करने लगा की सारा ओइल उसकी चुचियों पर रगड़ दूं उसके ऊपर बैठकर.. लेकिन मैंने उसे बहुत सिंपल तरीके से लिया. जैसे कि मुझे उससे कुछ फर्क नहीं पड़ता, और मैंने उसके पेट पर ओइल लगाना शुरु कर दिया और थोड़ी देर बाद उसका ब्रा पूरा निकाल दिया और बहुत ज्यादा कंट्रोल के साथ मैंने अपने हाथ से उसकी चुचियों की मालिश शुरु कर दी.पहले तो संचिता थोड़ी टेंशन में थी, कि वह क्या कर रही है. और मुझे लगता है कि मेरे नॉर्मल मुड ने उसे ज्यादा सोचने नहीं दिया. कंट्रोल करते भी मैंने ५-७ बार उसकी चूचियों और निपल को थोड़ा जोर से दबा दिया, जो कि मुझे उसके आह्ह्ह सी आवाज से पता चला. थोड़ी देर बाद मुझे लगा कि अब उसे भी बहुत अच्छा लग रहा था. थोड़ी देर तक उसके दूध की मालिश करने के बाद मैंने कहा कि थोड़ा निकर नीचे ले ताकि मैं पूरी मालिश कर दूं, और उसके ना करते करते तो मैंने अपना हाथ से उसकी हाफ पैंट नीचे कर दिया, उसकी पिंक पेंटी में उसकी गांड क्या खूबसूरत और भरी हुई लग रही थी, कि मुझ से रहा नहीं गया और मैंने सीधे ही उसकी गांड से थोड़ा नीचे ऑयल डाल के मालिश शुरु कर दी और अपना हाथ पैंटी के अंदर डालकर पूरे गांड को जी भर के दबाया, और यह कहते हुए की पैंटी में और ना लग जाए उसे भी नीचे खिसका दिया. और जांघ पर बैठकर उसकी गांड की खूब मालिश की.