घर पर रहने आयी गर्लफ्रेंड की बहन को पटा कर उसकी चूत का रस चूस लिया

संचिता हसते हुए बोल रही थी आपने तो मुझे पूरा नंगा कर दिया है, अब तो छोड़ दो. मैंने दिल ही दिल में कहा कि छोड़ तो दूंगा पर जब चोद दूंगा.. मालिश के साथ हम दोनों टीवी पर आ रही मूवी की भी बातें कर रहे थे, बात करते करते मैंने साइड हिप की मालिश शुरू कर दी और मैं जांघ पर बैठा हुआ था, मेरा लंड उसकी जांघ पर ऐसे दब रहा था जैसे उसके मुंह में घुसा हुआ हो.. मूवी की बात करते करते मैंने उसको टांग उठाने को कहा ताकि मैं इनर जांघ पर भी मालिश ठीक से कर दूं.अब मैं ऐसे बैठा था कि उसकी काली काली चूत के बाल और उसकी चूत साफ नजर आ रही थी, मालिश और बात करते करते मैंने अपनी दो उंगली उसकी चूत में डाल दी, उसकी चूत जलते हुए तवे की तरह गर्म थी, मैंने तो मन बना रखा था कि अब पहले अपनी जीभ से चाट लूंगा और उसके बाद अपना लंड डाल दूंगा, पर ऐसा हुआ नहीं, क्योंकि जैसे ही मैंने अपनी उंगली उसकी चूत में डाली, वह घबरा कर उठ गई. और बाथरूम में नहाने के लिए भाग गई. आग मेरे अंदर भी इतनी भडक चुकी थी कि मैं या तो संचिता को चोदता या वह मेरे लंड को चूस कर मेरा गिरा देती, मैं उसके पीछे गया तो देखा कि उसने बाथरूम लॉक कर लिया, और ५ मिनट तक कुछ आवाज नहीं आ रहा था.मैंने अभी अपने कपड़े उतार दिए थे कि आज तो चोद की दूंगा. मैंने बाहर से पूछा कि क्या हुआ? तो संचिता ने कुछ नहीं बोला और कहा कि मैं आती हूं नहा कर. मैंने भी कहा कि ठीक है २ मिनट के लिए खोल दो मुझे हाथ धोना है. पहले उसने ना कहा फिर कहा की आप मेरे तरफ मत देखना. मैंने तो सोच रखा था कि गेट खोल कर क्या करना है.. जैसे ही उसने गेट खोला मैं उसके सामने खड़ा हो गया, मुझे पूरा नंगा देखकर वह कहने लगी कि यह सब क्या कर रहे हो आप?हम दोनों बिना कपड़े के थे और मैंने जैसे संचिता को पीछे से पकड़ा वह छटपटाने लगी. पर मैंने उसे छोड़ा नहीं और उसके ना ना कहने के बाद भी बाहर उठा कर ले आया. मैंने उसे बड़े ही उदास आवाज में पूछा कि तुम्हें बिल्कुल अच्छा नहीं लगा मेरा छूना? तो संचिता ने कहा नहीं वह बात नहीं है, पर दीदी क्या सोचेगी? मैंने उसे समझाया कि यह सब बात बताने वाली थोड़ी है जो दीदी को पता चलेगा…

और मैंने अपने एक हाथ से उसकी चूची को मसलना शुरू किया और दूसरा हाथ जैसे ही उसकी चूत के ऊपर रखा उसका तो मानो होश भी नहीं था, उसकी टांगे धीरे धीरे खुलती गई और मेरे हाथ उसकी चूत के अंदर जाने लगे. थोड़ी देर बाद मैंने उसे अपना लंड पकड़ा दिया जिसका साइज ८ इंच होगा, भाइयों में सच बोल रहा हूं उसने मेरे लंड को मुंह में डालने के बाद ऐसा चूसा जैसे भूखी शेरनी को मांस का टुकड़ा मिल गया हो.. लाइफ में पहली बार किसी लड़की ने मेरे लंड के साथ मेरे बोल्स को चूसा और चूसते चूसते जो सप सप सप की आवाज उसके मुंह से आ रही थी वह मुझे और भूखा बना रही थी. अब बारी थी मेरे लंड से उसकी चूत की चुदाई की, मैं समझ गया कि संचिता अब मूड में है. मैंने उसे कहा कि वह मेरे ऊपर आ कर बैठे और उसने मेरे लंड को हाथ से पकड़ कर अपनी चूत में डाल दिया और मेरे कंधों को पकड़ के ऊपर नीचे होने लगी.३-४ मिनट के बाद मैंने उसको नीचे आने को कहा और मैंने उसे बैड पर लिटा दिया और अपना पूरा लंड उसके अंदर डाल दिया जैसे जैसे मैं अपना लंड अंदर डालता वह भी अपनी कमर उठा देती ताकि उसके अंदर पूरा लंड घुस जाए. कुछ देर बाद मैंने संचिता को डौगी स्टाइल के लिए कहा पहले तो उसने मना किया, लेकिन फिर मान गई और मैंने उसकी गांड की तरफ से अपना लंड पेलना शुरू किया.उसकी मोटी मोटी गांड पर हाथ फेरते हुए उस में जब मैं अपना लंड डालता था और जब उसकी गांड मेरे लंड के आखिर से लगता था तो बस मजा ही आ जाता था.. इस तरह से चोदते हुए उसके लटके हुई चूचियों को पकड़ने का मजा भी अजीब था. मैंने संचिता को करीब २५ मिनट तक चोदा और अपना स्पर्म उसकी चूत में ही गिरा दिया. उसकी खुशी का तो ठिकाना नहीं था और मेरी भी तमन्ना उसे चोदने की पूरी हो गई थी.उसके बाद शाम होने तक मैंने उसे चार बार और चोदा और जब तक वह मेरे फ्लैट पर थी हम हर दिन चुदाई करते थे और संचिता को मेरा उसके चूत के बालों को अपने हाथों से खींचना बहुत अच्छा लगता था, किसी दिन सुबह जल्दी जागने के बाद बिना मुह धोए तो कभी नहाते हुए सेक्स करना हमारा फेवरेट टाइमपास बन गया था. जाने वाले दिन मैंने उसे कहा कि आई लव यू संचिता, तुम को चोदने का एहसास जिंदगी भर मेरे साथ रहेगा. तुम्हारे जैसी चुदक्कड साली किसी किसी को ही मिलती है. मेरी चुदक्कड रंडी साली संचिता, मेरा लंड हमेशा तुम्हारे मुंह में घुसने को बेताब रहेगा. इतना कहना था कि संचिता ने सबसे नजर बचाते हुए मेरे लंड पर जोर से मारा और कहा कि जब तक मैं नहीं आती दोबारा इसकी मालिश करते रहना..