गर्लफ्रेंड की चुदाई उसकी सहेली के सामने

आप सब जानते हैं कि पूजा के साथ मेरी चुदाई की तमन्ना पूरी हो रही थी. जब भी हम दोनों में से किसी को मन होता, हम चुदाई कर लेते थे. हम अलग अलग तरीके और जगहों पर करते थे, इसलिए हमारी चुदाई में एक नयापन आ गया था. जिसे हम बहुत एन्जॉय कर रहे थे.

हुआ यूँ कि एक दिन पूजा ने मुझे कुछ काम के लिए अपने घर बुलाया था. मैं उसके घर जाने के लिए निकल ही रहा था, तभी पापा आ गए. वे मुझे अपने साथ ले गए ये बोल कर कि कुछ जरूरी काम है, तुम भी चलो.
क्या करता … मन मार के मुझे जाना पड़ा और फिर अगले कुछ दिन मैं पूजा से कुछ ना कुछ काम लगे रहने की वजह से नहीं मिल पाया.

एक दिन टाइम मिला, तो मैं सीधा उसके घर पहुंच गया. मुझे ये भी नहीं पता था कि वो घर पर है भी कि नहीं … या अभी उसके घर पर कौन कौन है. मैं उसके घर पहुंचा, तो आंटी घर पर थीं. मुझे देख कर वो बोलीं- पूजा अपने कमरे में है.

मैं भी चुपचाप उसके रूम में गया. मैंने देखा कि वो बेड पर बैठी है और कुछ कर रही है. उसकी पीठ मेरी तरफ थी, तो मैं उसका चेहरा नहीं देख पा रहा था, मगर पीठ दिख रही थी.

मैं धीरे से गया और उसके कान को चूसने लगा और हाथ आगे करके उसकी चूचियों को जोर से दबाने लगा. उसको चुचियां जोर से दबवाना पसंद है.
उसकी चूची दबाते हुए मैंने उसको बोला- कैसी हैं मेरी रंडी … आज बहुत दिनों बाद मिली है … खुल कर चोदूंगा तुझे.

जबकि मुझे पता था कि ये मुमकिन नहीं था. क्योंकि आंटी नीचे है थीं, मगर हम जब भी मिलते थे, ऐसे ही गन्दी बातें करते थे.

अचानक से वो चीखी और उसने मेरे हाथ में दांत जोर से काट लिया. मैं दर्द से बिलबिला उठा और वो मेरी पकड़ से निकल गई. वो उठ कर सामने चली गई. मुझे बहुत कस कर गुस्सा आया और मैंने उसको बोलने के लिए उसकी तरफ अपना सर उठाया, तो मेरा सारा गुस्सा गायब हो गया और मेरी गांड फट के हाथ में आ गई … क्योंकि ये पूजा नहीं थी कोई और थी … जो सिर्फ उसके कपड़ों को पहने हुए थी. उसका चेहरा गुस्से से तमतमाया हुआ था और वो गुस्से से मेरी तरफ देख रही थी.

मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि ये क्या हो रहा है … और ये कौन है.

अभी मैं यही सोच रहा था कि अचानक से बाथरूम का दरवाजा खुला और पूजा उसमें से तौलिया लपेटे बाहर आई.
पूजा ने उस लड़की से पूछा कि वो क्यों चीखी?
फिर उसने मेरी तरफ देख कर पूछा कि वो क्यों चीखी, तुमने क्या किया और तुम अभी यहां क्या कर रहे हो?

मुझे कुछ समझ में नहीं आया कि मैं क्या बोलूं और फिर मैंने उसको बताया कि मैं तुमसे मिलने आया था.

हमारी ये बातें वो दूसरी लड़की सुन रही थी. फिर पूजा उस लड़की से पूछा कि तुम क्यों चीखी थीं?
उसने मेरी तरफ इशारा किया और बोली- इन जनाब से ही पूछ लो.

पूजा फिर मेरी तरफ मुड़ी और अपनी कमर पर हाथ रख कर पूछने लगी कि क्या किया तुमने, जो ये इतने जोर से चीखी?
मैंने बताया कि मुझे लगा कि तुम बैठी हो और मैंने इसके गाल को जोर से नोंच लिया, इसलिए ये चीखी.

फिर पूजा उस लड़की की तरफ देखा, तो वो भी अपना गाल पकड़ कर हां में अपना सर हिलाते हुए बोली कि तू ऐसे ही खड़ी रहेगी या कुछ कपड़े भी पहनेगी?
ये बोल कर उसने आंख मार दी.

फिर जैसे ही पूजा को ध्यान आया और वो हंसते हुए बाथरूम में वापस घुस गई और दरवाजा बंद कर लिया.

उसके बाथरूम के अन्दर जाते ही वो दूसरी वाली मुझे देख कर मुस्कुराई और मुक्के से मारने का इशारा किया.
ये देख कर मेरे जान में जान आई और मैंने भी कान पकड़कर उसको सॉरी बोला.

फिर हम दोनों हंस दिए. इतने में पूजा भी कपड़े पहन कर आ गई और उसने हमारा परिचय करवाया.

उसका नाम रश्मि था और वो उसकी बचपन की सहेली थी. वो कुछ दिन के लिए रहने के लिए आई थी.

कुछ देर उन दोनों से बात करके मैं वापस आ गया. खड़े लंड पर धोखा हो गया था … मुझे घर आकर मुठ मारना पड़ा, तब जाके शांति मिली.

अगले दिन मैं पूजा से मिला और बताया कि यार लंड का बुरा हाल है … कुछ करो.
वो बोली- हां मेरा वही हाल है और मैं भी चुदवाना चाह रही हूँ.
मैं उसकी तरफ देखने लगा कि ये ही कोई तरीका बताएगी.

फिर कुछ सोच कर पूजा बोली- दिन में आओ, कुछ इंतजाम करते हैं.
मैंने बोला- यार, खड़े लंड पर धोखा मत करना.
वो बोली- नहीं यार, मेरी भी यही हालत है, मुझे भी लंड की ज़रूरत है.

दिन में मैं उसके घर गया, तो देखा पूजा बाहर वाले रूम में ही बैठी हुई थी.
मैंने पूछा- रश्मि कहां है?
तो बोली- वो सो रही है.

यह सुनकर मैं ख़ुश हो गया. मैंने उसको उठा कर गले लगा लिया और उसकी गांड के गोलों को दबाने लगा. उसके मुलायम लबों को चूमने लगा. पूजा भी मचलने लगी क्योंकि उसको भी चुदे हुए बहुत दिन हो गए थे. उसकी चुदास भी भड़की हुई थी.

मुझसे अब रुका नहीं जा रहा था, उसको वहीं पर सोफ़े पर लेटा कर उसकी सलवार को खोल कर उसकी बुर को पैंटी के ऊपर से चूसने लगा. जिससे वो भी गर्म हो गई और अपनी दोनों टांगों को पूरा फैला कर अपनी बुर को चुसवाने लगी. वो अपने हाथों को मेरे सर पर घुमाने लगी और अपनी बुर को मेरे मुँह के तरफ़ धकेलने लगी. वो मेरे सर को पूरी ताक़त से अपनी बुर पर दबा रही थी.
मुझे समझ आ रहा था कि वो अब झड़ने के कगार पर है, इसलिए ऐसा अकड़ रही है. मैं अपने दांतों को उसके पैंटी के ऊपर से ही बुर पर रगड़ने लगा, जिसको वो बर्दाश्त ना कर सकी और तुरंत झड़ गई.

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