पड़ोस वाली भाभी की जमकर चुदाई के बाद बाथरूम में एक साथ पेशाब किये

मेरा नाम राहुल हे और में वडोदरा गुजरात से हु. मेरी हाईट ५ फुट १० इंच हे, मेरे लंड का साइज़ ६ इंच हे और अब में स्टोरी पर आता हु. यह कहानी ६ महीने पहले की हे जब में १२ क्लास के बाद ड्राप लेकर iit की तयारी कर रहा था. सवेरे घर से निकलते समय पर पडोस वाली आंटी जाडू लगा रही होती थी और वह अपनी चुन्नी उतार कर रखती थी जाडू लगते समय. तो में हर रोज जाते समय उनके बूब्स देखता था. पहले में उनके बारे में कुछ गलत नही सोचता था लेकिन अब मेरा लंड उनको देखते ही खड़ा हो जाता था. अब में उनके बारे में थोडा बता दू.

वह कुछ ज्यादा गोरी नही थी थोड़ी सावली थी. उसका फेस बहोत क्यूट था. वह कोलकाता से दिल्ली आई थी शादी करने के लिए और उनके दो बच्चे भी थे लेकिन उनका फिगर अभी भी बहोत अच्छा था. में तो उनको हर रोज घूरते रहता था. वह टेरेस पर आती तो में भी चला जाता और उन्ही को देखता रहता था. वह भी मेरी तरफ थोड़ी देर देखती फिर दूसरी और देखने लगती थी. तो ऐसे ही कुछ १ महिना चलता रहा फिर मैने उनको इशारा कर के उनसे फोन नंबर माँगा तो पहले तो वह हसने लगी और फिर चली गयी और मुझे समज आ गया की लड़की सेट हे.

फिर मैने दुसरे दिन भी उनसे नम्बर माँगा तो उसने कहा की कैसे दू तो मैने कहा की एक कागज पर लिख कर दे दो पर उसने नही दिया. फिर अगले दिन क्लास को जाते समय एक पेपर में नम्बर लिख कर रखा और वह जब जाडू लगा रही थी तब मैने उसे वहा फेंक दिया. उन्होंने धीरे से जाडू से वो अपने साइड कर लिया और उसने मुझे थोड़ी देर में मिस कोल कर दी और में समज गया की यह उनकी कोल हे. फिर हमारी रोज बाते होने लगी और फिर धीरे धीरे सेक्स चेट होने लगी. तब उन्होंने मुझे अपना असली नाम बताया की उसका नाम हे सिम्मी.

उनके घर में उनके पति के दो भाई और उनकी फेमिली रहती थी तो उनका घर कभी खली नहीं हो सकता था. तो एक दिन मेरे घर वाले शिमला जा रहे थे घुमने. मैने कहा मेरी क्लास चल रही हे में नही छोड़ सकता क्लास, आप सब चले जाओ. तो सब लोग मुझे छोड़ कर चले गये. अब मैने सिम्मी को कोल किया घर आ जाओ कोई भी नही हे. पहले तो वह मना करने लगी कोई देख लेगा वगेरा वगेरा. फिर थोड़ी देर बाद मान गयी और मैने कहा आप पीछे वाले गेट से आ जाना गेट खुला ही होगा. तो ठीक एक घंटे बाद पीछे के गेट से अंदर आई और गेट बंद कर दिया और मुझे देख कर मुस्कुराने लगी.

हम पहली बार एक दूसरे को इतनी करीब से देख रहे थे.

में उनके लिए अंदर जाकर कोल्ड ड्रिंक लेकर आया और एक चोकलेट ले आया. तो उसने एक टुकड़ा खाया और मुझे भी खाने के लिए कहा. मैने भी उसमे से ही थोडा खाने लगा तो उसने कहा वहा से नहीं मेरे मुह से खाओ. में समज गया की यही से स्टार्ट करना होगा. में उनके लिप्स के पास अपने लिप्स ले गया और उनके लिप्स पर जो चोकलेट लगी थी उसे चूसने लगा.

फिर मैने उसे दीवार के सहारे टिका दिया और स्मूच करने लगा. वह भी पूरा साथ दे रही थी. फिर मैने धीरे धीरे उनके सूट से चुन्नी हटा दी और दोनों हाथो से उनके बूब्स को धीरे धीरे सहलाने लगा और साथ में हमारी किस भी चल रही थी. फिर सिम्मी ने मुझे पीछे धक्का दिया और अपना सूट उतार दिया और बोली की ब्रा आप उतार दो. में तो सिम्मी को ब्रा में देख कर ही पागल हुए जा रहा था. सिम्मी बोली क्या देख रहे हो ब्रा खोलो पीछे से. फिर मैने उसकी ब्रा उतार दी और सामने आकर उसके बूब्स को देखने लगा और अपने हाथो को उस पर सहलाने लगा. उसके निपल थोड़े बड़े बड़े थे लेकिन मस्त थे. फिर में उनको दबाने लगा और दुसरे बूब्स को चूसने लगा. वह भी थोड़ी देर बाद आह अह्ह्ह अह्ह्ह की आवाज निकालने लगी.

अब मेरा एक हाथ उनकी सलवार में जा चूका था और उनकी पेंटी के ऊपर से ही उनकी चूत में उंगली करी तो अचानक से हिल गयी. वह सेक्स में इतनी मदहोश थी की उसको पता ही नही चला की मेरा हाथ कब उसकी चूत तक पहुच गया, मैने उनकी सलवार खोल दी और पेंटी भी उतार दी. सिम्मी की चूत एकदम क्लीन शेव थी अभी भी हम दीवार के सहारे खड़े थे तो वह कहने लगी में अब ज्यादा देर खड़ी नही रह सकती. मुझे बेड पर ले चलो मैने उसे अपनी गोद में उठा कर बेड पर ले आया. फिर एक ५ मिनिट स्मूच की और फिर चूत को देखने लगा. मैने सिम्मी के पैर फेलाने को कहा और उसकी चूत को चाटने लगा अब उसके मुह से आवाज आ रही थी आह्ह अह्ह्ह अह्ह्ह अम्म्म अहह मम्म. सिम्मी बोली बस अभी करो अब रहा नही जाता. डाल दो अपना लंड मेरी चूत में. में समज गया था की अब इसे नही रहा जायेगा.

में : पहले मेरा लंड चुसो.

वह : नही में नही चुसुंगी.

में : फिर में जा रहा हु और में खड़े होकर जाने लगा.

वह : रुक जाओ न प्लीज़.

में : मैने तुम्हारी चूत चाटी तुम मेरा लंड नही चूस सकती हो?

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