आंटी XXX मूवी देखती थी मोबाइल में, मैंने पटा लिया और खूब चोदा

आंटी मेरे पास ही बैठ गई, सोफे की कुर्सी पर. और फिर बोली, एक बात पुछू?

मैंने कहा: क्या?

आंटी: तुमने वो सब देखा मेरे मोबाइल में?

मैंने कहा: हां आंटी, आप को संभाल कर रखना चाहिए ना उसे!

आंटी: कैसे संभालते हे उसे?

मैंने कहा: फोल्डर के ऊपर पासवर्ड लगाते हे ताकि कोई खोल ना सके उसे.

आंटी ने कहा, आगे से ध्यान रखूंगी.

मैंने कहा: मैं एक बात पुछू?

आंटी: हां.

मैं: आप को क्सक्सक्स (xxx) देखना पसंद हे?

आंटी ने एक लम्बी सांस ली. और फिर वो रोने सी आवाज में बोली: अंकल जी अब ध्यान नहीं रखते हे मेरा. और मैं अभी बूढी थोड़ी हूँ जो मेरे शरीर को जरूरत ना हो. अंकल रात को आते हे, बियर लगाते हे और सो जाते हे. अपनी तो जिन्दगी ही खराब हे. दिनभर अस्पताल में काम करो, शाम को आ के खाना पकाओ, फिर नोकरानी की तरह खिदमत करो और सो जाओ. बच्चा भी नहीं हे मेरा पर अंकल को कुछ पड़ी ही नहीं हे!

मैंने कहा: आंटी मैं कुछ मदद कर दूँ आप की?

वो मेरे करीब खिसक के बोली: कैसे?

मैं: मैं आप की सब जरूरतों को पूरा कर सकता हूँ वैसे!

आंटी: बदले में मुझे क्या करना हे?

मैं: कुछ भी नहीं, बस प्यार के बदले मुझे प्यार देना हे.

वो बोली: नहीं नहीं सालिक ये गलत हे.

मैंने कहा: गलत तो पोर्न देख के अपने आप को उत्तेजना के बहावों में अकेला छोड़ देना भी हे. कुदरत ने आप के सेक्सी अंगो को उँगलियों से और गाजर मुली से खेलने के लिए नहीं बनाया हे. आंटी कुछ नहीं बोली और मैंने आगे कहा: आप के मन में ये डाउट हे ना की आप की बदनामी होगी तो आप उसकी कोई फ़िक्र ना करे, आप की इज्जत मेरी इज्जत हे आंटी. और मेरी भी अभी मंगनी तक नहीं हुई हे वो आप को पता हे.

आंटी कुछ नहीं बोली और निचे देख रही थी वो. अगर उसे गुस्सा होना होता तो कब से हो गई होती वो. इसलिए मुझे लगा की मुझे बातें नहीं काम करना पड़ेगा! मैंने फटाक से आंटी के बूब्स पर अपने हाथ को रख के हिलाने लगा. उसने अन्दर ब्रा नहीं पहनी थी. वो कुछ नहीं बोली मतलब की वो भी रेडी ही थी लंड लेने के लिए. मैंने उसके एक हाथ को पकड़ के अपने लंड पर रख दिया. वो उसे दबाने लगी.

मैंने अपने लोडे को जल्दी से पेंट के बहार निकाल दिया. आंटी ने उसे अपनी मुठ्ठी में बंद कर के दबाया. और फिर वो बोली, सालिक ये तो बहुत बडा हे.

मैंने कहा, फिर इसे प्यार दे दो ना!

आंटी ने निचे झुक के मेरे लंड को अपने पुरे चहरे के ऊपर घिसा. पहले आँखों के ऊपर, फिर अपने कान के ऊपर, फिर गालों के ऊपर और फिर होंठो के ऊपर. मेरे बदन में अजीब सी खलबली मची थी. मैं आह कर बैठा जब आंटी ने अपने मुहं को खोल के लंड को अन्दर लिया! वो मुहं में लोडे को भर के ऐसे चुस्से लगा रही थी की मैं मदहोश सा हो गया. मैंने आंटी के बालो में लगी हुई क्लिप को खोल के उसके बालों को खोल दिया. वो अपने मुहं को ऊपर निचे कर के लंड को मस्त सक कर रही थी. मैं आह आह कर रहा था, आंटी के हाथ मेरी जांघ पर थे जिसे वो हिला के मुझे और भी उत्तेजित कर रही थी. फिर आंटी ने कहा, अब तुम मेरी चाटो ना!

मैंने कहा, जैसे आप क्सक्सक्स में देखती हे!

वो हंस पड़ी और उसने अपनी नाइटी को ऊपर उठा दिया. उसने निचे भी कुछ नहीं पहना था. मैंने उसकी मोटी जांघो को पूरा फैला दिया और उसके बुर को चाटने लगा. आंटी की बुर में एक ऊँगली डाल के मैं उसका फकिंग कर रहा था और साथ में उसके उपर की फांको को अपनी जबान से चूस रहा था. आंटी के मुहं से एकदम सेक्सी आवाज निकल रही थी और वो अपनी टांगो को और भी खोल के चटवाने लगी थी. आंटी एकदम गरम हो गई थी और वो मुझे अब गालियाँ देने लगी थी.

“सालिक मादरचोद तूने मेरी चूत को क्या चाटा हे अब थोडा गांड को भी चाट ले हरामी!”

आंटी के गाली देने से मुझे गुस्सा आ गया और मैंने अपनी तिन ऊँगली एक साथ उसके बुर में डाल दी. लेकिन आंटी को उस से दर्द नहीं हुआ बल्कि और भी मजा आया. मेरी तीनो ऊँगली आंटी के बुर में आराम से घुस गई. फिर मैंने चौथी और फिर अंगूठे को भी अंदर घुसा दिया. आंटी की चूत के मसल बड़े ही फ्लेक्सिबल थे और हाथ घुस गया पूरा उसके अन्दर. आंटी को बड़ा मजा आ रहा था हाथ चूत में डलवा के.

साली सच में बड़ी सेक्सी चीज थी ये. जरीना आंटी को पुरे हाथ से मजे देने के बाद मैंने कहा, चलो कुतिया बन जाओ सीधे पीछे से ही चोदुंगा मैं तुम्हे. आंटी अपने कुल्हें दिखाते हुए कुतिया बन गई.

मैंने अपने लंड को एक हाथ से पकड़ के उसकी भोस में डाला. आंटी की चूत में लंड आराम से घुस गया. मैंने उसके दोनों कुल्हे पकड़ लिए और पच पच की आवाज से मैं उसको चोदने लगा. आंटी भी अपनी गांड को पीछे कर के हिला रही थी और मजे से चुदवा रही थी. आंटी की गांड हिल रही थी और मेरा लंड उसकी ढीली चूत में मस्त अन्दर बहार हो रहा था. किसी क्सक्सक्स मूवी के जैसा ही सिन था वो, जैसे की इंडियन पोर्नस्टार प्रिया राय घोड़ी बन के लंड ले रही थी. आंटी को कुछ देर ऐसे चोदने के बाद मैंने उसे कहा, चलो अब मेरा लंड चुसो थोडा. आंटी ने फिर से अपने गले तक ;लंड को लिया और ग्गग्ग्ग ग्गग्ग्ग करते हुए चूसने लगी. मैंने उसके बूब्स को हाथ में ले के मसल दिया. और फिर मैंने आंटी को कहा अब मैं निचे लेट जाता हूँ आप ऊपर आ जाओ मेरी.