दोस्त की गर्लफ्रेंड को जम कर चोदा

वो लड़की मुझे मना करने लगी, तब मैं उसे मनाने लगा, लेकिन वो मानने को तैयार ही नहीं थी.
तब मैंने उसे कस कर पकड़ कर किस करने लगा, कम से कम उसे 5 मिनट तक किस किया.

अब वो भी धीरे धीरे मेरा साथ देने लगी. अब तक उसकी कामुकता फिर से जाग गई थी, उसकी कामवासना अब उसके काबू में नहीं थी.

तब मैंने उसके कपड़े उतार कर उसे पूरी नंगी कर दिया. उसके बाद मैं उसके 36″ के मम्मों को खूब मसलने लगा. वो पूरी तरह से पागल होने लगी. उसी समय उसने जल्दी से नीचे बैठ कर मेरा पैंट खोला और देखा कि 7″ का लंड एकदम कड़क और झटके मार रहा है.

वो खुश हो गई, उसने फटाक से मेरा लंड अपने हाथ में लिया और मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी. उस जालिम ने मेरा लंड इतना ज्यादा चूसा कि मेरा उसी वक्त एक बार झड़ गया. वो मेरा सारा माल पी गई.

फिर हम दोनों कुछ देर के लिए बैठ गए. इसके बाद उसने मेरे लंड को सहलाया और फिर से चूसना शुरू कर दिया.

अब वो किसी रंडी की तरह मेरा लंड चूस रही थी. मेरा लंड पूरा लोहा हो गया. तब मैंने अपने लंड को उसकी चुत के पास ले गया. मैंने देखा कि वो भी एकदम से चुदासी सी है और उसकी कसी हुई चुत पूरी तरह से गीली है.

मैं अपने लंड से उसके चुत को सहलाने लगा, वो पूरी तड़प रही थी और बोल रही थी- जल्दी डालो.. नहीं तो मैं मर जाउंगी. तुम्हारे दोस्त ने मुझे पूरा मजा नहीं दिया था.

अब मैं बिना देर किए उसकी चुत पर पिल पड़ा और एक ज़ोर का झटका दे मारा. मेरा सुपारा ही घुसा था कि वह बहुत ज़ोर से चिल्ला उठी. मेरा दोस्त उसकी चीख को सुन कर भागता हुआ हम लोगों के पास चला आया.
वो पूछने लगा- क्या हुआ?
तब मैंने कहा- कुछ नहीं.

वो मुझे उस लड़की के ऊपर चढ़ा हुआ देख कर देख कर वापस चला गया.

अब मैं थोड़ी देर तक उसे किस करता रहा और जब वो सामान्य हुई तो उसके बाद मैं अपने लंड को उसकी चुत में धीरे धीरे अन्दर डालने लगा. अभी मेरा लंड सुपारे से एक दो इंच ही ही अन्दर गया था कि वो फिर से मचली, मैं उसे ज़ोर से किस करने लगा. कुछ देर दर्द का आलम चला फिर वो भी पागलों की तरह किस करने लगी.

अब मैंने मौका पाते ही एक ज़ोर का झटका मारा और इस बार मेरा पूरा लंड उसकी चुत में घुसता चला गया और वो तड़फ उठी. लेकिन इस बार मेरा मुँह उसके मुँह पर जमा हुआ था जिससे वो चीख नहीं पाई. एक दो मिनट बाद सब ठीक हो गया और मैं धीरे धीरे उसे चोदने लगा. अब उसे भी मज़ा आने लगा, वो पूरी सिसकारियां मार रही थी. धीरे धीरे मैंने अपनी स्पीड को बढ़ा दिया.

अब वो पागलों की तरह गांड उठा कर लंड लेने लगी.

कुछ ही देर में वो कहने लगी- और ज़ोर और ज़ोर से.. आह.. मैं गई..

इतने में वो झड़ गई. दो मिनट रुकने के बाद मैंने उसे अपने ऊपर आने को कहा. वो मेरे ऊपर बैठ कर अपनी गांड उछाल उछाल कर मुझसे चुदवाने लगी. कुछ देर चोदने के बाद मैं भी झड़ने वाला था.
मैंने कहा- मैं झड़ने वाला हूँ, कहां झड़ा दूं?
वो मुझे कहने लगी- मेरी चुत में ही डाल दो.

मैंने अपनी स्पीड बढ़ाई और बीस दमदार शॉट मार कर झड़ गया.

उसके बाद कुछ देर तक हम लोग चूमा चाटी करके अपने अपने कपड़े पहनने लगे. वो लड़की मुझसे कहने लगी कि उसका वाला तो बहुत छोटा था, आज तुमने मेरी चुत चोद कर मुझे बहुत मज़ा दिया. क्या तुम एक काम कर सकते हो?
मैंने पूछा- क्या?
“क्या तुम मुझे रोज चोद सकते हो?”
मैं समझ गया कि ये साली बहुत बड़ी वाली चुदक्कड़ चालू माल है.मैंने कहा- और मेरा दोस्त?

उसने कहा कि उससे मुझे थोड़ा भी मज़ा नहीं आया.. वो साला 5 मिनट में गिर गया.. तुम मेरे साथ काफी तक टिके रहे. मुझे तो आज ऐसा लग रहा था कि मैं आज जन्नत में हूँ.
मैंने उससे कहा कि एक काम करना तुम मेरे लिए एक मस्त माल खोजो ताक़ि उसके साथ तुझे भी चोद सकूँगा.
उसने ओके कहा.

उसने मेरा नम्बर माँगा, मैंने दे दिया. उसके बाद हम दोनों वहां से निकल कर मेरे दोस्त के पास आए. अब हम दोनों मोटर साइकिल उठा कर वापस उसे हॉस्पिटल छोड़ने चले गए.

वहां उसकी भाभी बहुत गुस्से में थी क्योंकि हम लोगों ने सिर्फ़ आधा घंटा कहा था और एक घंटे से भी ज्यादा हो गया था.

जैसे भाभी के पास पहुँचे, भाभी के तेवर अलग थे. शायद वो अपनी ननद को देख कर मन ही मन सोच रही थी कि आज तो उसकी ननद की चुत चुद ही गई होगी. उसने ननद की तरफ देखा तो ननद बहुत खुश थी.

हम दोनों दोस्त वहां से निकल कर घर चले आए.

दो दिन बाद मेरे मोबाइल में उसका फोन आया कि उसने मेरे लिए एक मस्त माल ढूंढ लिया है.

मैं ये सुन कर बहुत खुश हो गया और मैंने उससे पूछा कि कब मिलना है?

उसने कहा कि कल मेरे एरिया में नाइट का प्रोग्राम है, तुम कल रात 8 बजे पहुँच जाना.
मैंने ओके कहा.

दोस्तो मैं इस किस्से को फिर कभी बताऊंगा कि उसने जो मेरे लिए ढूँढा था उसे मैंने कैसे चोदा और इस बार गांड मारने का भी मजा लिया, वो नया वाला कांटा भी एकदम कुंवारी सील पैक माल थी.