जूस वाले ने अपने लन्ड का जूस पिलाया

मैंने उसका लण्ड चूसना शुरू कर दिया. अब वो खड़े – खड़े आहें भर रहा था. थोड़ी देर बाद मेरा मुंह थक गया तो मैंने मुंह से लण्ड निकाल दिया. फिर नफीस ने मुझे उठाया और मुझे पूरा नंगा कर दिया. इसके बाद उसने मुझे काउंटर पर पीठ के बल लिटा दिया…

दोस्तों, मैं फिर से अपनी कहानी ले के आपकी सेवा में हाजिर हूँ. ये कहानी मेरे बॉयफ्रेंड की है जो अक्सर मेरी प्यास बुझाता रहता है.

मैं जब भी घर में अकेला होता हूँ तो मुझे लड़की बनने का फितूर सवार हो जाता है. अगर मैं घर पर ज्यादा देर के लिए अकेला हुआ तो अक्सर लड़कियों जैसे ब्रा और पैंटी पहन के लिपस्टिक वगैरह लगा के तैयार हो जाता हूँ. इस तरह तैयार होकर सेल्फ़ी लेना मुझे बहुत पसंद है.

मैंने अपने लिए अपनी साइज के ब्रा, पैंटी, स्कर्ट और लेडीज टॉप भी खरीद के रखा हुआ है. मेरे गोरे चिकने चेहरे पर लाल लिपस्टिक खूब अच्छी लगती है.

एक बार मैं और मेरा दोस्त कॉलेज से लौट रहे थे. उस समय मुझे खूब तेज़ भूख लग रही थी तो हमने कॉलेज के पास वाले जूस कार्नर के पास बाइक रोकी. वहां हमने जूस पिया. जूस वाला काले रंग का हट्टा – कट्टा मर्द था और उसके हाफ पैंट से उसका मोटा – लंबा लण्ड बाहर आने को बेताब दिख था.

जूस पीने के बाद मैं गलती से मेरा मोबाइल वहीं छोड़ दिया और हम वहाँ से निकल आए. आधे रास्ते में मुझे फ़ोन की याद आई तो हम वापस उसकी दुकान की तरफ लौटे. दुकान वाले ने भी बिना किसी आनाकानी के मेरा फ़ोन मुझे वापस दे दिया.

मैं बस घर पहुंचा ही था कि मेरे व्हाट्सएप्प पर एक मेसेज आया. मैसेज में लिखा था, ‘लण्ड चूसेगा क्या?’ दोस्तों, ये मेरा पर्सनल नंबर था और इस नम्बर को मैंने किसी को भी नहीं दिया था. मैंने उसी नम्बर पर रिप्लाई किया और पूछा कि कौन? तो उधर से मेरी लड़कियों वाले कपड़े पहने और फुल मेकअप वाली एक फोटो आई. इसके साथ ही एक मैसेज आया कि जूस की दुकान में रात 9 बजे मिल नहीं तो ये फ़ोटो तेरे कॉलेज में चिपका दूंगा.

मैंने उससे कई बार पूछा मगर उसने कोई जवाब नहीं दिया. उसके मैसेज आने बंद हो गए थे. उससे बात करने के बाद अब मेरी फट रही थी कि पता नहीं कौन है. मैं सोच रहा था कि कोई जान पहचान वाला ही न हो. ऐसी स्थिति में मैं बुरा फंसता.

खैर, रात के 9 बजे से पहले ही मैं जूस की दुकान जा पहुंचा. जूस की दुकान में केवल 1-2 कस्टमर ही बचे थे. वो भी 10 मिनट बाद चले गए. मैं दुकान के बाहर ही खड़ा था और चारों तरफ देख रहा था कि तभी जूस वाले की आवाज आई. वो बोला, “दुकान के अंदर आ जा.”

अब मैं सारी कहानी समझ गया था. इसने ही मेरा नंबर और फ़ोटो चुराई थी. मैं चुपचाप अंदर चला गया. दुकान वाले का नाम नफीस था. अब नफीस कहने लगा कि दोपहर में तो मेरा लण्ड बड़ी ललचाई नज़रों से देख रहा था. अब देख तेरी किस्मत कितनी अच्छी है कि वही लन्ड तुझे चूसने को भी मिलेगा.

इस पर मैंने कुछ नहीं कहा. फिर नफीस ने जल्दी से दुकान अंदर से ही बंद कर दी और अपना लोअर नीचे खिसका दिया. उसका लण्ड उससे भी ज्यादा काला और मेरे हाथ की कलाई जितना मोटा था.

अब नफीस ने मेरे बाल पकड़ के मुझे जमीन पर ही बिठा दिया और अपना एकदम काला लण्ड मेरे चेहरे पर रगड़ने लगा. इससे पहले मैं न जाने कितने ही लण्ड को मुंह में ले चुका था, मैं नाटक कर रहा था. नाटक जरूरी भी था.

मैंने मुंह बना के कहा, “नहीं, प्लीज मुझसे ये सब नहीं होगा.” इतने में ही नफीस ने एक झन्नाटेदार झापड़ मेरे गाल पे मारा और बोला, “मादरचोद, जब लड़की बन के सेल्फ़ी ले रहा था तो क्या सोच रहा था. चुपचाप मुंह में ले वरना तेरी फ़ोटो ऐसे बाटूंगा कि पूरा शहर तेरी गांड मारेगा.”

यह सुन कर मेरी आँखों में पानी आ गया. अब मैंने चुपचाप मुंह खोल दिया और नफीस ने अपना लण्ड मेरे मुंह में दे दिया. उसका आधा खड़ा लण्ड भी मेरे मुंह में मुश्किल से गया.

मैंने उसका लण्ड चूसना शुरू कर दिया. अब वो खड़े – खड़े आहें भर रहा था. थोड़ी देर बाद मेरा मुंह थक गया तो मैंने मुंह से लण्ड निकाल दिया. फिर नफीस ने मुझे उठाया और मुझे पूरा नंगा कर दिया. इसके बाद उसने मुझे काउंटर पर पीठ के बल लिटा दिया.

अब नफीस मुझे उल्टा दिखाई दे रहा था. मेरा सर काउंटर से हल्का सा बाहर लटका हुआ था. नफीस मेरे सर की तरफ खड़ा था और उसका लण्ड मेरे चेहरे के पास था। उसने मेरा सर हल्का सा उठाया और अपना लण्ड मेरे मुंह में डाल के पूरा घुसाता चला गया.

इस ज़्यादती से मैं तड़प उठा. लेकिन तब तक उसका लण्ड मेरे गले में जगह बनाते हुए घुस गया था. उसके बड़े – बड़े अंडे मेरी नाक और आँखों पर आकर चिपक गए थे. मैंने हाथों से नफीस को पीछे धकेलना चाहा तो उसने मेरे दोनों हाथ पकड़ लिए.

अब मैं सांस भी नहीं ले पा रहा था. तभी उसने अपना लण्ड बाहर खींच कर फिर से झटका मारा. इस झटके के साथ ही उसने अपना लण्ड मेरे गले तक डाल दिया. ऐसे ही चार – पांच झटके मारने के बाद उसने पूरा लण्ड बाहर खींचा लिया. तब जाकर मुझे सांस आई.

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