मेरी कामवासना और मेरी मॉम की चुदाई

इस बात का शक़ थोड़ा मेरी मॉम को भी होने लगा था कि मैं उसको चोद सकता हूँ. मेरी मॉम जानती थीं कि मेरे लंड में कितनी आग है. दो बार वो मुझे रंगे हाथ पकड़ भी चुकी थीं. मॉम अक्सर रात में मुझे बोलती थीं कि उस किराएदार आंटी के साथ कुछ मत करना, उसके पति को पता लगेगा, तो वो तुझे मारेगा.

पर मैं मॉम की गांड पर हाथ रख के बोलता- तेरा पति तो नहीं मारेगा, तू मान जा ना..
वो हमेशा की तरह गुस्सा हो जाती.

सब ठीक चल रहा था, मैं रोज ही किराएदारन को चोद लेता था.

कुछ दिन बाद उसका अपने भतीजे के साथ घर जाने का प्रोग्राम बन गया और वो एक महीने के लिए अपने घर चली गई.

अब घर में हम तीन लोग ही थे, मॉम मैं और बहन, सभी के स्कूल बंद हो गए थे तो मॉम बहन दोनों ही घर रहती थीं. उधर वो किराएदारन भी एक महीने के लिए घर चली गई थी. उसके जाने के बाद एक हफ्ते तो जैसे तैसे निकाल लिया. लेकिन उसके बाद फिर से लंड में चुत चुदाई के लिए सुरसुरी होने लगी.

कभी कभी मॉम सोफे पे बैठी होती थीं, मैं उनकी जांघ पे हाथ रख कर बैठ जाता था तो वो मेरा हाथ हटा देती थीं. नाइट में भी ज्यादा कुछ नहीं करने देती थीं.

एक दिन वो गहरी नींद में थीं, मैंने उनकी मैक्सी को ऊपर किया और उनकी चुत पर जीभ लगा दी. वो तभी जाग गई और उन्होंने मुझे लात दे मारी.

दिन में मैं बहन के साथ ज़्यादा वक़्त बिताता था. मैं सोचने लगा कि मॉम नहीं मान रही हैं तो थोड़ा बहुत बहन से प्यास बुझा लूँ. ये सोच कर अब मैं दिन में अक्सर उसके साथ रूम में लेटा रहता.
मॉम ने मुझे एक दिन टोका कि जो उस लड़के के साथ किया, यदि वो बहन के साथ किया तो तुझे मार डालूँगी.
मैंने कुछ नहीं कहा.

एक दिन दोपहर का टाइम था, मॉम सोई हुई थीं. मैं और बहन दूसरे रूम में गेम खेल रहे थे. तभी मैंने अपने बहन को पटाने की कोशिश की और उसको सहलाने लगा.
मुझे लगा कि जब वो लड़का मेरा मोटा लंड ले सकता है तो ये भी ले लेगी.

मैंने उसको पटा कर भी टेबल पे लिटा दिया और उसकी निक्कर नीचे कर दी. मैंने लंड को उसके बुर पर रख कर थोड़ा सा ज़ोर लगाया, तो वो दर्द से कराहते हुए बोली- आह नहीं भैया.. दर्द हो रहा है.. मत करो.
मैंने लंड निकाल लिया, उसको नहीं चोदा.

तभी मॉम अचानक से उठ कर रूम में हमको देखने आईं.

तब तक सब नॉर्मल हो गया था, लेकिन मॉम को बहन की चीख सुनाई दी होगी तभी वो देखने आई थीं. थोड़ी देर तक उन्होंने देखा और चली गईं.
अब मुझे लगा मॉम तो चली गईं, सब नॉर्मल है.

मैंने उससे बोला- मेरे लंड को मुँह में ले ले.

वो मान गई. मैंने अपना सुपारा उसके मुँह में घुसा दिया और उसके गालों को पकड़ कर धीरे धीरे धक्के मारने लगा. धीरे धीरे मुझे मज़ा आता गया और मैं उसको पीछे को झुकाता गया. मैंने लंड थोड़ा और उसके मुँह में घुसा दिया, जिससे उसको उल्टी आने को हुई, वो लंड मुँह से निकालने को ज़ोर लगा रही थी.

उसी वक़्त मेरा पानी निकलने वाला था. मैंने उसके दोनों गाल पर हाथ रखे हुए थे और धीरे धीरे उसके मुँह में धक्के मार रहा था.
अभी बस मेरा पानी बहन के मुँह में छूटा ही था कि पीछे से मॉम आ गईं और दोनों को इस हाल में देख कर चिल्लाने लगीं.

इस वक्त मेरा लंड बहन के मुँह में था और उसके मुँह में मेरा पानी निकल गया था. उसने मेरे लंड का माल मॉम के सामने थूका और मॉम को बोला- भैया ने ऐसा किया, मेरे मुँह में लंड डाला और अन्दर ये वाइट पानी निकाल दिया.

अब तक मॉम मुझे एक दो थप्पड़ तो लगा चुकी थीं. मॉम मुझे गाली देती रहीं. मैं चला गया.

उस नाइट मॉम ने मुझे अपने रूम में भी एंट्री नहीं दी, मैं दूसरे रूम में सोया. मॉम बहन हमेशा की तरह एक साथ सोईं.

उसके अगले दिन वो किराएदारन आंटी वापिस आ गई. इस वक्त उसका बेटा और वो दोनों ही थे, उसका पति उस दिन बाहर गया हुआ था. उसको देख कर मुझे बड़ी खुशी हुई. मेरी चुत वापिस आ गई थी.

उसके आने के बाद मॉम भी थोड़ा मुझसे ठीक से बोलीं, तो मुझे लगा शायद मॉम आज अपनी चूत देना चाहती हैं. इस वजह से मैं आज आंटी को भूल गया और मॉम के पास चिपका रहा.

मैं मॉम को कभी यहां टच करता, कभी मम्मों को मसल देता. वो गुस्से में देखती रहतीं. उस रात में हम तीनों लोग पहले जैसे अपने रूम में सोने चले गए.

उस समय किराएदार आंटी अपने रूम में थी. मैं मॉम के पास लेटा हुआ था और मॉम के सोने का इन्तजार कर रहा था ताकि वो सो जाएं तभी मैं कुछ करूँ.

थोड़ी देर ही हुई होगी कि मॉम सो गईं. उस समय रात के 12 बजे होंगे. मॉम गहरी नींद में थीं और साइड से करवट लेकर लेटी हुई थीं. मेरी तरफ उनकी कमर और मोटी गांड थी, जो मैक्सी में बड़ी सुंदर लग रही थी. मुझे पता था कि मॉम नीचे कुछ नहीं पहनती हैं, तो मैंने मॉम की मैक्सी धीरे धीरे ऊपर करना शुरू की और उनकी गांड से ऊपर तक उठा दी.

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