अतृप्त कामवाली को चोदकर यौन इक्षा की पूर्ति की

“कविता!! क्या तेरा पति तेरी चूत नही चूसता है??” मैंने पूछा

“नही वो कभी चूसता है। वो नही जानता की औरत को कैसे खुश करते है” कामवाली बोली

उसके बाद मैंने 15 मिनट उसकी बुर चटाई अच्छे से कर डाली। वो “अई…अई..अई. अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा.” करने लगी। दोस्तों चुदाई का असली मजा तो लंड चुसाने में आता है। इसलिए मेरा उससे लंड चुसाने का बड़ा मन कर रहा था। हम दोनों 69 वाली पोजीशन में आ गये। मैंने अपना 7″ लम्बा और मोटा लंड उसके मुंह में भर लिया। वो चूसने लगी। मैं उसकी चूत पीने लगा।

“कविता!! मैं तुमको खुश करूंगा। तुम मुझे करो!!” मैं बोला

वो अब अच्छे से चूसने लगी। मैंने उसको अच्छी तरह से गर्म कर दिया था तभी वो चूसने को राजी हो गयी। वरना वो ऐसे तैयार नही थी। मेरी सुंदर कामवाली हाथ में लेकर लंड फेट रही थी और मुंह में लेकर चूस रही थी। मैं उसकी चूत में ऊँगली करके चलाने लगा। वो पागल होने लगी। इस तरह से हम लोगो ने 69 वाले पोज में खूब मस्ती की। मैंने उसकी चूत में इतनी ऊँगली कि वो झड़ गयी। अब हम दोनों अलग हो गये।

“कुछ देर मेरा लंड और चूसो!!” मैं बोला और कुर्सी पर जाकर बैठ गया

कामवाली मेरे पास आकर झुक गयी और लंड को पकड़ कर फेटने लगी। दोस्तों उसका हाथ का स्पर्श और टच करना मुझे बहुत अधिक जोश दिला रहा था। जैसे जैसे वो मेरे 7″ लंड को फेटने लगी मुझे सेक्स का नशा मिलने लगा। पहले कामवाली खूब फेटी। फिर मुंह में लेकर चूस डाली। मुझे लगा की साक्षात स्वर्ग में पंहुच गया हूँ। वो ऐसे चूसने लगी जैसे कोई देसी रंडी चुस्ती है। मैं तो मन्त्रमुगध हो गया। वो सर हिला हिलाकर मेरा लंड चूस डाली। मेरी गोलियों को खूब चूसी। मुझे मजा मिल गया। जब वो लंड बहार निकाली तो उसके मुंह पर मेरा लंड का रस लगा हुआ था। मैंने उसे पास बुलाकर ओंठो पर फिर से किस कर डाला।

“मेरा लंड चूसकर तूने मुझे बहुत मजा दिया है कविता रानी!!” मैंने कहा

वो अपनी तारीफ सुनकर हंसने लगी।

“भुवन!! अगर तुम मुझे बिना कंडोम के चोदोगे तो मैं गर्भवती हो सकती हूँ” कामवाली कहने लगी

“तू परेशान न हो। मैं तुझे कंडोम लगाकर चोदूंगा” मैंने कहा

मैंने अलमारी से एक ड्यूरेक्स वाला कंडोम निकाला। दोस्तों मेरी अलमारी में हमेशा कंडोम रहता था क्यूंकि अक्सर ही काम पड़ जाता था। मैंने पैकेट फाड़ा और कंडोम को लंड पर चढ़ा लिया। उसे बिस्तर पर मैंने लिटा दिया और चूत में लौड़ा डालकर जल्दी जल्दी चोदने लगा। वो दोनों टांग फैलाकर चुदाने लगी। “आऊ…आऊ..हमममम अहह्ह्ह्हह.सी सी सी सी..हा हा हा…” करने लगी। मैं आज उसे कंडोम लगाकर पेल रहा था। मैं नही चाहता था की वो किसी तरह की मुसीबत में पड़े। मैं फटाफट सटासट धक्के मारने लगा। उसे जल्दी जल्दी चोदकर मजा देने लगा।

“भुवन जान!! और तेज अपने लंड को दौडाओ मेरी चूत की गली में!! आऊ…आऊ..हमममम.कितना आनन्द आ रहा है मुझे!!” कामवाली कहने लगी

उसकी चूत की गली अब काफी मक्खन छोड़ चुकी थी जिससे मेरे लंड को अच्छी चिकनाई मिल रही थी। मैंने अपने कुल्हे उठा उठाकर उसे पेला और उसकी चूत का हलुआ बना डाला। मुझे भी काफी आनन्द मिलने लगा। मैं कामवाली के बालो को खोलकर सेक्स कर रहा था। ऐसे अवतार में वो और भी अधिक सेक्सी दिख रही थी। मैंने फिर से उसके दोनों 34″ के दूध को मुंह में लेकर चूसना चालू किया और धक्के देते देते मैं झड़ गया। सारा माल उसकी बुर में छोड़ दिया।

“.सी सी सी सी..भुवन!! तुमसे तो मेरी चूत का भरता बना दिया है जान” वो कहने लगी

अपनी चूत को पेंटी से उसने पोछा।

“कविता डार्लिंग!! मुझे तेरी गांड अब चोदनी है!! पेट के बल लेट जाओ” मैंने कहा

वो लेट गयी। अब मैं उसकी पीठ से खेलने लगा। दोस्तों उसकी पीठ बहुत ही सेक्सी थी। लम्बी, चिकनी और मांसल त्वचा वाली। पहले मैंने हाथ लगाकर पूरी पीठ पर सहलाया, फिर किस किया। उसे काफी प्यार किया। फिर मेरा ध्यान उसके दो मस्त मस्त 36″ के चूतड़ पर चला गया। मेरी खूबसूरत कामवाली के चुतड बड़े बड़े गोरे गोरे थे की किसी भी मर्द का लौड़ा खड़ा कर दे। ऐसा लग रहा था की बेकरी से निकला हुआ ताज़ा बन मसलने को मिल गया हो। मैंने खूब हाथ से उसके चूतड़ को मसला और उसे गर्म कर दिया। मेरी सुंदर छवि वाली कामवाली अब “..उंह उंह उंह हूँ.. हूँ. हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई.अई.अई…” करने लगी। मैं उसके दोनों सफ़ेद मखमली चूतड़ पर कई बार किस किया और पप्पी ले ली। वो कराहने लगी। उसकी हालत बता रही थी की उसे भी कितना मजा मिल रहा था।

“भुवन!! गांड मराने में तो बहुत कस्ट होता है!! प्लीस ऐसा मत करो!!” कामवाली विनती करने लगी

“जान!! तुम बेकार ही डर रही हो। शुरू में हल्का दर्द जरुर होता है पर बाद में इतना मजा मिलता है की क्या बताऊं। एक बार तुमको आदत हो गयी तो रोज ही अपनी गांड मराया करोगी” मैंने कहा

वो मेरी बात का विश्वास कर ली। पेट के बल बेड पर लेटी रही। मैंने लेट कर उसके दोनों बन जैसे चूतड़ को खोलकर उसकी गांड चाटना शुरू किया। वो “उ उ उ उ उ..अअअअअ आआआआ. सी सी सी सी… ऊँ.ऊँ.ऊँ..” करने लगी। मैं उसकी गांड के ब्राउन छेद को खूब चूसा चाटा। कसके गर्म किया उसे। फिर तेल लगाकर ऊँगली घुसा डाली। वो ची ची करने लगे। दर्द से उसका पसीना छूटने लगा। मैं उसकी गांड में ऊँगली करके चारो तरफ घुमाया। कुछ देर ऊँगली अंदर बाहर की। अब मेरी कामुक चुदासी कामवाली की गांड ढीली पड़ गयी। मैंने अपने लंड में तेल मल लिया। अब मेरा लंड काफी चिकनाई युक्त हो गया था। मैं धीरे धीरे उसकी गांड के बेहद कसे छेद में लंड का सुपाड़ा घुसाना शुरू किया।