खराब कंप्यूटर ने दिलाई आंटी की चूत

पहले तो उन्होंने छूटने की बहुत कोशिश की, लेकिन फिर वो भी मेरा साथ देने लगी और मेरे सिर में अपनी उंगलियां घुमाने लगी. अब मैं भी अपने एक हाथ से उसकी चूत और दूसरे हाथ से बूब्स को दबाने लगा. अब वो धीरे – धीरे सिसकियाँ भी भरने लगी थी…

हैलो दोस्तों, मेरा नाम सैम है और मैं हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला में रहता हूँ. मेरी उम्र 22 साल है और मेरी हाईट 5 फिट 6 इंच है. भरपूर टाईप की बॉडी और मेरे लंड का साईज़ 7 इंच और मोटाई 6 इंच की है.

अब मैं आपको अपनी रियल स्टोरी बताने जा रहा हूँ. यह बात उस टाइम की है, जब मैं डिप्लोमा कर रहा था. यानी कि आज से करीब 8 महीने पहले की. तब मैं एक्स्ट्रा पॉकेट मनी के जुगाड़ में पार्ट टाइम कंप्यूटर रिपेरिंग का काम भी करता था.

एक दिन मुझे एक अंकल का कॉल आया. वो बोले, “मेरा कंप्यूटर खराब हो गया है, आप आकर इसे प्लीज़ ठीक कर दीजिये.” मैंने उनसे उनका एड्रेस लिया और उनको अपने आने का टाईम दे दिया. अगले दिन मैं सुबह 11 बजे उनके घर पहुंचा और डोर बेल बजाई तो 28-30 साल की एक आंटी ने दरवाजा खोला. क्या आंटी थी वो! मैं तो उन्हें देखता ही रह गया.

अब मैं आपको उनके बारे मैं बताता हूँ. उनकी हाइट 5 फिट 8 इंच रही होगी और उनका साईज़ करीब – करीब 38-28-40 का रहा होगा. वह एक दम दूध की तरह गोरी और खूबसूरत दिखती थीं. उन्हें देख कर मैंने मन ही मन उन्हें चोदने का सोचने लगा.

फिर मैं घर में गया तो उसके पति वहीं थे। उन्होंने मुझे अपना कंप्यूटर दिखाया. फिर मैंने उसे चेक किया तो पाया कि उसका विंडो खराब था. फिर मैंने सोचा कि अगर आज ही कंप्यूटर ठीक कर दूँगा तो उस आंटी से बातचीत नहीं कर पाऊंगा क्योंकि उस दिन रविवार था और उसके पति की ऑफिस की छुट्टी थी.

इसलिए मैंने कहा कि मैं आपका कंप्यूटर कल आकर ठीक करता हूँ. उसके पति ने कहा कि कल आप प्लीज़ 11 बजे से पहले आ जाना क्योंकि उसके बाद मुझे ऑफिस जाना होता है.

मैंने कहा ठीक है और फिर मैं वहां से आ गया. फिर मैं कल का इंतज़ार करने लगा. कल के काम के लिए मैंने अपने बैग में एक विंडो की सी.डी और एक ब्लू फिल्म की सी.डी रख ली और फिर जान – बूझकर में 10:50 पर उनके घर पहुंचा.

आज फिर दरवाजा उसी आंटी ने खोला और उन्होंने मुझे अंदर आने को कहा. मैंने देखा कि उसके पति ऑफिस जाने की तैयारी कर रहे हैं.

मुझे देख कर उन्होंने मुझसे कहा कि मैंने आपको 11 बजे से पहले आने को कहा था और आप इतना लेट आ रहे हो? तो मैंने कहा कि मैं किसी काम मे अटक गया था.

फिर उन्होंने कहा कि मैं तो जा रहा हूँ. आप कंप्यूटर ठीक करके पैसे मेरी पत्नी से ले लेना. मैंने कहा, “ठीक है” और फिर वो वहां से चले गये. उसके बाद में कंप्यूटर को ठीक करने लगा.

करीब 10-15 मिनट के बाद आंटी मेरे पास आईं और मुझसे पूछा कि आप को कुछ चाहिये. उनकी बात सुनकर मैंने मन में सोचा कि आपकी चूत चाहिये पर मैंने कहा कि सिर्फ़ पानी पिला दीजिये.

फिर वो मेरे लिए पानी ले कर आई और मेरे पास आ कर बैठ गयी. उसके बदन से बहुत अच्छे परफ्यूम की खुशबू आ रही थी. उसे सूंघकर ही मेरा लंड तन गया. कुछ देर बाद जब विंडो इन्स्टोलेशन पूरी हो गयी तो मैंने उनसे उनके मदरबोर्ड की सीडी माँगी. इसपर उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता. फिर भी मैं आपको वो सारी सीडी ला देती हूँ जो हमारे पास पड़ी है.

अब उन्होंने मुझे सीडी ला कर दी. फिर मैंने उनसे कहा कि प्लीज़, मुझे एक ग्लास पानी पिला दीजिये. अब जब वो मेरे लिए पानी लेने गयी तो मैंने अपने बैग से ब्लू फिल्म की सीडी निकालकर उनके बैग में डाल दी.

जब वो पानी ले कर आई तो में सीडी ढूंढने का बहाना करने लगा और फिर ब्लू फिल्म की सीडी कंप्यूटर में डाल कर एक दम से बीच का सीन लगा दिया. जिसमें कि एक आदमी एक औरत की चूत चोद रहा होता है.

यह देखते ही मैं नाटक करने लगा. जैसे कि यह सीडी ग़लती से लग गयी हो. तभी मैंने आंटी की तरफ देखा तो उन्होंने अपनी आंखें बंद कर रखी थी और ज़ोर – ज़ोर से साँसें ले रही थी.

अब मैंने आंटी से कहा कि मैं अभी बाथरूम से आता हूँ. यह कह कर मैं बाथरूम में घुस गया और हल्का सा दरवाजा खुला छोड़ दिया ताकि मैं उसको देख सकूँ. थोड़ी देर बाद आंटी उठी और उस ब्लू फिल्म को कंप्यूटर में लगाकर देखने लगी और साथ ही साथ वह अपने सलवार के अंदर हाथ डालकर अपनी चूत मसलने लगी थीं.

मैंने सोचा कि यही सही टाइम है सैम घुस जा कमरे में. फिर मैं एक झटके के साथ कमरे में घुस गया. मैं इतनी जल्दी से कमरे में घुसा कि उसे अपना हाथ अपनी चूत से हटाने का टाइम भी नहीं मिला.

मुझे देख कर वो एक दम से घबरा गयी और अपना हाथ अपनी सलवार से निकाल कर वहां से जाने लगी. यह देख मैंने उसे पीछे से पकड़ लिया और पलट कर उनके होंठों पर ज़बरदस्ती किस करने लगा.

पहले तो उन्होंने छूटने की बहुत कोशिश की, लेकिन फिर वो भी मेरा साथ देने लगी और मेरे सिर में अपनी उंगलियां घुमाने लगी. अब मैं भी अपने एक हाथ से उसकी चूत और दूसरे हाथ से बूब्स को दबाने लगा. अब वो धीरे – धीरे सिसकियाँ भी भरने लगी थी.

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