किराएदार को गर्लफ्रेंड बनाकर पेला

फिर मैंने उससे पूछा कि सीमा कहाँ गई है तो वो बोली कि सीमा आपको देख कर मुझसे अलग चली गई है. वो जानती थी कि आप मुझसे बात करने के लिए यहाँ तक आये हैं. उसकी बात सुन कर मैं बहुत खुश हो रहा था. दिल में एक अजीब सी खुशी हो रही थी. शिल्पा से बात करते – करते कब घर के पास आ गये पता ही नहीं चला. अब मैं शिल्पा को चोदने के सपने देखने लगा. मैं सोचने लगा कि अब मुझे जल्दी ही उसकी चुदाई करने का मौका मिलेगा. यह सोच कर मैं बेसब्री से रात का इंतजार करने लगा.

शाम को जब मैं छत पर गया तो शिल्पा बाहर ही बैठी हुई थी और सीमा अंदर रूम में सो रही थी. जब शिल्पा ने मुझे देखा तो मुझसे बैठने के लिए कहा तो मैं उसके बगल में ही एक कुर्सी पर बैठ गया. थोड़ी देर बाद शिल्पा मेरे लिये चाय बनाकर ले आई और बोली, “चाय पी लीजिये.”

मैं चाय का कप एक हाथ में लेकर पीने लगा और एक हाथ शिल्पा के हाथों के ऊपर रख दिया. जिसे देखकर शिल्पा थोड़ा सा मुस्कुराई लेकिन बोली कुछ नहीं. मैं समझ गया कि शिल्पा भी चाहती है कि मैं उसके साथ कुछ करूं.

चूंकि शाम का टाइम था तो ज्यादातर लोग अपनी अपनी छतों पर ही थे. ऐसे में मैं कुछ कर नहीं पा रहा था. फिर मैंने शिल्पा के चहेरे की तरफ हाथ बढ़ाकर उसके गालों को छूते हुए अपने हाथ उसके लिप्स पर ले गया तो शिल्पा बोली, “क्या कर रहे हो साहिल! सीमा देख लेगी तो क्या सोचगी!” तो मैंने अपना हाथ हटा लिया.

उसके बाद मैं थोडी देर वहाँ बैठा रहा और फिर नीचे आकर रात होने का इंतज़ार करने लगा. रात में करीब 11 बजे मैं छत पर गया तो देखा कि शिल्पा के रूम की लाइट जल रही है. यह देख कर मैं वहीं छत पर खड़े होकर उसके बाहर
आने का इन्तजार करने लगा.

रात को 11.30 बजे वो रूम से बाहर आई तो मुझे वहां देखकर हैरान रह गई और बोली, “आप यहाँ क्या कर रहे हैं?” तो मैने कहा, “आपके बिना रहा नहीं जा रहा था. आपकी याद आ रही थी तो छत पर चला आया.” ये कहते हुए मैंने उसे अपनी बाहों में खींच लिया. इस पर वह बोली, “अरे ये क्या कर रहे हैं! कोई देख लेगा तो!”

अब मैंने कहा, “ऐसे टाइम कौन देखता है किसी को, सब अपने – अपने काम में लगे रहते हैं.” फिर इतना कहते हुए मैंने उसके होंठों को किस करना चाहा तो उसने मना कर दिया, लेकिन फिर खुद ही वो मेरे होंठों पर किस करते हुए बोली, “अब आप नीचे जाइए.”

तो मैं बिना कुछ बोले दोबारा उसके होंठों पर किस करने लगा. इस बार वो कुछ नहीं बोली. इस टाइम भी उसने स्कर्ट और शर्ट पहन रखी थी. जब मैं उसके होंठों पर किस कर रहा था तो उसके बूब्स मेरी छाती से टच हो रहे थे. यह मुझे
बहुत अच्छा लग रहा था.

फिर मैंने पीछे से पकड़ते हुए उसके गले पर किस करने लगा और उसकी चूचियों को अपने हाथों में लेकर दबाने लगा. पहले तो उसने थोड़ा सा विरोध किया लेकिन फिर जब मैं उसकी चूचियों को ज़ोर – ज़ोर से दबाने लगा तो वह सिसकते हुए ‘आआहह धीरे – धीरे कीजिये उूउऊहह’ करने लगी.

अब मेरा भी लंड टाईट होने लगा था. फिर मैंने शिल्पा से कहा कि चलो सबसे ऊपर वाली छत पर चलते हैं. ओर वो कुछ बोलती इसके पहले ही मैंने उसे गोदी में उठा लिया. उसने अपनी आँखें बंद कर ली और फिर मैं उसे उठा कर सबसे उपर वाली छत पर चला गया.

वहाँ जाते ही शिल्पा मेरे सीने से लिपट गई और मेरे होंठों पर किस करने लगी और बोलने लगी, “साहिल मैं तुमसे
बहुत प्यार करती हूँ.” इस दौरान वो मेरे होंठों को बेतहाशा
चूमे जा रही थी और मैं अपने हाथों से उसकी चूचियों को दबाता जा रहा था.

उसकी चूचियाँ बहुत टाइट थीं. उन्हें दबाने से थोड़ी देर में ही मेरे हाथों में दर्द होने लगा तो मैंने शिल्पा को पकड़कर हल्का सा ज़मीन के ऊपर लेटाते हुए उसके शर्ट के सारे बटन खोल दिए. उसने शर्ट के नीचे कुछ नहीं पहना था. उसकी चूचियों को देख कर तो मानो मेरे लंड मे 440 वोल्ट का करंट दौड़ गया हो.

फिर मैं उसकी चूचियों को अपने हाथों में लेकर दबाने लगा और अपने मुंह को उसकी चूचियों के पास ले जाकर उसके निप्पल को अपने दोनों होंठों के बीच में दबाकर अपनी जीभ से हल्का – हल्का चूसने लगा. अब शिल्पा को और भी अच्छा लगने लगा था.

अब मैं उसकी चूचियों को पूरा मुंह में लेकर चूसने लगा. जिससे शिल्पा उत्तेजित हो गई थी और जोश में बोल रही थी, “साहिल, मेरे साहिल मेरी चूचियों का सारा दूध पी लो, और आआअहह उम्म हां, चूसते रहो. मेरे साहिल ओर ज़ोर से चूसो इन्हें आह आह.”

उसकी ये बातें मेरे अंदर और भी जोश पैदा कर रही थीं. इससे मेरे चूसने की स्पीड भी तेज हो गई थी. उसकी चूचियों को चूसते हुए मैं अपना एक हाथ उसके पेट के ऊपर से उसकी जांघों के पास ले गया और उसे हल्के हाथ से सहलाने लगा. अब शिल्पा जोश में आकर मेरे मुंह को अपनी चूचियों पर ज़ोर से दबाने लगी.

मैं उसकी चूचियों को चूसते – चूसते अपने हाथों से उसके
स्कर्ट को खोलने लगा तो पहले तो उसने मेरा हाथ पकड़ लिया लेकिन फिर खुद ही उसने अपनी स्कर्ट खोल दी. उसने काले कलर की पैंटी पहन रखी थी.