किराएदार से अपनी चूत मरवाई तो मजा आ गया

मैंने एक दिन रमेश जी से इस बारे में पूछा और कहा कि यदि आपको इस बारे में कुछ पता है तो आप मुझे बता दीजिए, वह कहने लगे कि मुझे इस बारे में कुछ भी नहीं पता, सूरज मेरे पास आता जरूर है लेकिन मुझे इस बारे में कोई भी जानकारी नहीं है क्योंकि जब भी सूरज घर आते तो वह रमेश जी के साथ ही बैठा करते थे और उन्हीं के साथ वह काफी बात करते थे इसलिए मुझे लगा कि मुझे उनसे इस बारे में बात करनी चाहिए। जब उन्होंने मुझे मना किया तो उसके बाद मैंने एक दिन सूरज का फोन चेक किया और उस दिन भी उसके फोन में उसी लड़की के साथ उसकी फोटो थी। सूरज मुझसे बिल्कुल भी बात नहीं करता था और वह मुझे कहता कि तुम मुझ पर शक करती हो, मैंने उन्हें कहा कि मैं तुम पर बिल्कुल भी शक नहीं करती। मुझे भी यह आभास हो चुका था कि सूरज का किसी अन्य महिला के साथ चक्कर चल रहा है इसलिए मैंने उसे अब बिल्कुल भी बोलना छोड़ दिया था। एक दिन रमेश जी घर पर ही थे और उस दिन मैं उनसे सूरज के बारे में पूछने लगी, वह मुझे कहने लगे कि मुझे इस बारे में वाकई में नहीं पता लेकिन उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या तुम दोनों के रिलेशन में कुछ परेशानियां चल रही है, मैंने उन्हें सब कुछ बता दिया और वह कहने लगे कि तुम्हें इस बारे में सूरज से ही बात करनी चाहिए। मैंने उन्हें कहा कि मैं सूरज से इस बारे में कई बार बात कर चुकी हूं लेकिन वह हमेशा ही बात को घुमा देते हैं और मुझसे बिल्कुल भी इस बारे में बात नहीं करते। वह कहने लगे कि मैं इस बारे मे सूरज से बात करूंगा और उसे समझा लूंगा। मैंने उन्हें कहा कि आपकी बात यदि वह मान जाए तो मेरा रिश्ता टूटने से बच जाएगा क्योंकि अब हम दोनों के बीच में बिल्कुल भी प्यार नहीं बचा है। मेरी शादी को ज्यादा समय नहीं हुआ है। रमेश जी कहने लगे कि तुम बिल्कुल भी चिंता मत करो, मैं इस बारे में सूरत से जरूर बात करूंगा।रमेश जी मुझे कहने लगे कि आप बाहर की खड़ी है आप अंदर आकर बैठ जाइए। मै उनके साथ उनके कमरे में चली गई और जब मैं कमरे में गई तो मै उनके बिस्तर पर बैठी हुई थी और वह मेरे सामने वाली चेयर पर बैठे हुए थे। हम दोनों ही आपस में बात कर रहे थे कुछ देर बाद मुझे ऐसा प्रतीत हुआ कि उनका लंड खड़ा है।

मैंने जब उनके लंड पर अपना हाथ रखा तो मुझे भी बड़ा अच्छा महसूस होने लगा। उसके बाद उन्होंने अपने लंड को बाहर निकाल लिया और मैंने जैसे ही उनके लंड को देखा तो मुझे बहुत अच्छा लगा। मैंने उनके लंड को अपने मुंह के अंदर समा लिया और उनके लंड को अपने गले के अंदर तक ले लिया। मुझे बहुत मजा आ रहा था जब मैं उनके लंड को अपने मुंह के अंदर ले रही थी। काफी देर तक मैंने उनके लंड को ऐसे ही चूसा उसके बाद उन्होंने मेरे सारे कपड़े खोल दिए मुझे नंगा कर दिया। जब उन्होंने मेरे स्तनों को चूसा तो मुझे बड़ा अच्छा लगा उन्होंने मेरे स्तनों पर अपने दांत के निशान भी मार दिए। मेरी योनि से कुछ ज्यादा ही पानी बाहर की तरफ आने लगा था और जैसे ही मेरी योनि मै उन्होंने अपने लंड को डाला तो मैं चिल्ला उठी और मैं अपने पैरो को चौड़ा करने लगी। मैंने अपने दोनों पैरो को चौडा कर लिया वह बड़ी तेज गति से मुझे झटके दे रहे थे मुझे बहुत आनंद आ रहा था वह जिस प्रकार से मुझे धक्के दे रहे थे। मैं अपने मुंह से मादक आवाज निकाल रही थी और उन्हें बहुत अच्छा लग रहा था। उन्होंने भी मेरे दोनों हाथों को कसकर पकड़ लिया और मैंने अपने दोनों पैरो को चौडे किए हुए थे उनका लंड मेरी चूत के पूरे अंदर तक जा रहा था मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था। काफी देर उन्होंने ऐसा किया उसके बाद उन्होंने मुझे उल्टा लेटा दिया और मेरे ऊपर से उन्होंने जैसे ही अपने लंड को मेरी योनि के अंदर डाला तो मुझे बड़ा दर्द महसूस हुआ लेकिन कुछ देर बाद मुझे अच्छा महसूस होने लगा। मैं भी अपनी चूतडो को उनकी तरफ उठा रही थी और वह मुझे बड़ी तेजी से धक्के दे रहे थे। वह कह रहे थे मुझे तुम्हें चोदने में बहुत मजा आ रहा है मुझे भी उनका लंड अपनी योनि में लेकर बड़ा अच्छा लग रहा था लेकिन हम दोनों ही एक दूसरे की रगडन को झेल नहीं पाए और उनका वीर्य मेरी योनि में गिर गया।