मेरी कुवारी चूत की पहली चुदाई 5 इंच के लंड से

मेरा नाम अलिसा हे और मैं दिल्ली की रहनेवाली हूँ. आज मैं आप को मेरे पहले नशीले सेक्स की स्टोरी के बारे में बताने के लिए आई हूँ. मेरी माँ की उम्र 42 साल हे लेकिन वो अभी भी किसी जवान औरत की तरह सुंदर और सेक्सी दिखती हे. मेरी माँ का अपना एक बॉयफ्रेंड भी हे. मेरे पापा मेंटली फिट नहीं हे. मैं जब बहुत छोटी थी तब से पराये मर्दों के साथ माँ को सेक्सुअल एक्ट करते देखती थी. मुझे भी माँ की चुदाई को देख के चुदने का मन होता था. पर मैं एक घरेलु लड़की थी इसलिए कभी हिम्मत नहीं जुटा पाई थी. जब मैं कॉलेज में थी तो हमारे पड़ोस के मिश्रा जी का घर खाली हुआ. और वहां पर नए किरायेदार आ गए. वो एक पूरा फेमली ही था जिसमे पेरेंट्स, एक बड़ी लड़की और छोटा लड़का कुल चार लोग थे. जो लड़का था वो उन्के घर में सब से छोटा और लाडला था. वो मेरे साथ कुछ दिनों में ही दीदी दीदी कह के घुल मिल सा गया.

वो अक्सर मेरे घर में ही खा लेता था. और मेरे बिस्तर में सो भी जाता था. माँ उसे बड़ा प्यार करती थी और मैं भी उसे पसंद करने लगी थी. वो कभी कभी मुझे गालों के ऊपर किस कर लेता था और मुझे इधर उधर टच भी करता था पर मैं उसे कुछ नहीं कहती थी लेकिन मुझे पता नहीं था की वो लड़का पहले से ही गलत संगत में रह के बिगड़ा हुआ था. वो साला मुझे लाइन मारता था और मेरे बूब्स को टच करता था! एक दिन मेरी माँ मामा जी के घर पर गई दो दिन के लिए. पापा घर में हो या ना हो कोई फर्क ही नहीं पड़ता हे. मेरे बूब्स बड़े ही सेक्सी हे और सॉफ्ट हे. और जब मैं ड्रेस पहनती हूँ तो मेरे बूब्स एकदम गजब ही दीखते हे. जब वो पड़ोस का लड़का सतीश मेरे साथ बेड में सोता था तो मेरे बूब्स को ही देखता रहता था.

उस दिन मैं गहरी नींद में सोयी हुई थी और सतीश मेरे पास में ही था. उसने कब मेरे बूब्स के ऊपर हाथ रख दिए वो मुझे पता ही नहीं चला. वो मेरे बूब्स से दो घंटे तक खेला. उसने जब अपने लंड को बहार निकाल के मेरे बदन के ऊपर टच किया तब मेरी नींद उड़ गई. लेकिन उसके ५ इंच के छोटे लेकिन गरम लंड का स्पर्श मुझे मादक कर रहा था इसलिए मैंने आँखे नहीं खोली. उसने मेरे निपल्स के ऊपर लंड टच किया तो मैं अन्दर से पिगल रही थी, वाऊ क्या गर्म गर्म सुपाड़ा था साले का! फिर उसने फट से अपनी पेंट में लंड डाल दिया. और पेंट के ऊपर से ही लंड हिलाने लगा. उसका हो गया तो वो लेट गया. मैं भी प्यासी चूत को पुचकार के सो गई. शाम को जब हम उठे तो वो बोला, अलिसा दीदी आज तो शाम को हम चिकन राईस और कोक की पार्टी करते हे.

मैंने कहा ठीक हे.

वो बोला, सब कुछ मेरी तरफ से मैं ठेले से ले के आऊंगा.

मैंने कहा अरे मैं पका दूंगी ना.

वो बोला नहीं हम आराम से बैठ के खायेंगे.

मैंने कहा ठीक हे.

वो चिकन राईस के दो पार्सल ले के आया था. और साथ में विंग्स और कोक भी थी.

सतीश बोला चलो डांस करते हे दीदी. मैंने कहा चलो.

फिर उसने अन्दर के कमरे में म्यूजिक चला दिया और मुझे लिपट के नाचने लगा. उसने अपने हाथ मेरी कमर के ऊपर रखे हुए थे. मैं अपनी गांड हिला के डांस कर रही थी. और वो भी. डांस करते हुए वो अपने हाथ को मेरी कमर के ऊपर धीरे धीरे से मसल सा रहा था जिसका फिल मुझे होने लगा था. फिर वो नाचते हुए बोला, दीदी आप बहुत ही सेक्सी हो!

मैंने कहा, धत.

वो बोला, सच में आप बहुत ही हॉट हो दीदी मैं आप को बहुत पसंद करता हु.

मैंने कहा, मैं भी तुम्हे पसंद करती हु.

वो बोला, ऐसे वाला पसंद नहीं.

तो मैंने कहा कैसे वाला?

वो बोला, वैसे वाला, ये कह के उसने आँख मारी.

वो बोला, दीदी मैंने बड़े बड़े काम किये हुए हे.

ये कह के उसने कमर से हाथ उठा के मेरे बूब्स की साइड में रख दिया. मैं कुछ नहीं बोली तो उसने मुझे अपनी बाहों में भर लिया. उसके लंड की गर्मी पेंट के ऊपर से भी महसूस हुई मुझे. दोपहर को उसने जो किया था वो मुझे याद आ गया और मेरे अन्दर की सेक्स की आग भी सुलग सी गई. मैंने उसे गले लगा लिया तो वो बोला, दीदी चलो बिस्तर में चलते हे!

मैंने कुछ जवाब नहीं दिया. वो मेरे हाथ को खिंच के मुझे बेड में ले गया. मैं उसकी तरफ पीठ कर के बैठी हुई थी. वो धीरे से आया और उसने मुझे कंधे के ऊपर किस किया और दोनों हाथ से मेरे बूब्स पकड लिए. कंधे के ऊपर गरम गरम होंठो का स्पर्श एकदम मादक ;लगा मुझे. और वो मेरी बूब्स को एकदम कस के दबा रहा था. मैं उत्तेजना की आग में जल सी गई. उसका लंड मेरी पीठ के ऊपर टच होने लगा था. मेरे सपोर्ट करने की वजह से वो भी फुल हिम्मत में था. उसने अब धीरे से अपने लंड को बहार निकाला. मैंने पीछे मुड के देखा तो वो एकदम टाईट था और तन के ५ इंच जितना हो चूका था. उसने अपने हाथ से मेरा हाथ पकड़ा और लंड पकडवा दिया मुझे. मैंने अपनी लाइफ में पहली बार किसी का लंड पकडा था.

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