मैडम की चूत का स्वाद नमकीन था चाट कर मजा आया

madam ki chudai kahani मेरा नाम अजय हे और मैं साउथ मुंबई में रहता हु. अभी मेरी उम्र 19 साल हे और मेरी हाईट करीब 6 फिट की हे. मैं इस साईट पर नियमित कहानियाँ पढता हूँ. मैं अभी अपनी पढ़ाई कर रहा हूँ, और लास्ट इयर की हमारी पढ़ाई में 6 महीने की इण्डस्ट्रियल ट्रेनिंग मेंडेटरी हे सब के लिए. मैं पूना रोड की एक कम्पनी में जाता था अपनी इस इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग के लिए. वैसे मुझे इंडस्ट्री का काम देखना था. पर कम्पनी का जो बॉस था वो मेरे चाचा जी का दोस्त था. उसने कहा की तुम मर्जी में आये तब निचे वर्कर लोगो का काम देखो और बाकी एडमिन ऑफिस में बैठ के वहां पर हेल्प कर सकते हो बाकियों की.

मैं एडमिन की ऑफिस में ही मोस्ट ऑफ़ रहता था. वहां पर 80% स्टाफ फिमेल था. और मेरी आज की जो हॉट कहानी हे वो वही की एक सेक्सी मेडम की हे जिसका नाम नेहा था. वो एडमिन के अन्दर पे-रोल का काम देखती थी और सभी उस से डरते थे. वो कुछ ही दिन में मेरे साथ खुल सी गई थी. वो बहुत बिन्दासत थी पता नहीं बाकी सब उस से क्यूँ डरते थे. वो मुझे अक्सर अपने कुछ एक्सेल के शिट वगेरह काम के लिए देती थी. जैसे की सम चेकिंग के लिए और ऐसे ही छोटे छोटे काम के लिए.

एक दिन मैं उसके पास खड़ा हुआ था और वो अपने पीसी के ऊपर लगी हुई थी. उसने काम करते हुए पूछा, अजय तुम्हारी उम्र कितनी हे?

मैंने कहा मैं 19 साल का हूँ मेडम.

वो बोली, गुड, अच्छा तो कोई गर्लफ्रेंड वगेरह हे की नहीं?

मैंने कहा नहीं मेडम कोई भी नहीं हे.

वो बोली, अच्छा!

फिर मेडम ने उस दिन मुझे कुछ एक्सेल शीट्स चेकिंग के लिए दी. वो मेरे तरफ देख रही थी शिट पेन ड्राइव में देने के बाद. मैं बहुत ही सीधा सादा लड़का था तब और मुझे मेडम की चुदास समझ में नहीं आई. मैं पेन ड्राइव ले के अपनी सिट पर चला गया. अगले दिन हम लोग मोर्निंग में मिले. मैंने मेडम ने जो शीट्स कल दी थी वो ठीक हे की नहीं वो देख लिया था. मैं निचे प्रोडक्शन लाइन में एक लटार लगा के आया और फिर एडमिन ऑफिस में आ गया. नेहा मेडम ने मुझे कुछ और फाइल्स दे दी. और फिर वो अपने काम में लग गई. मैं भी अपनी सिट के ऊपर बैठ के उन्के काम को कर रहा था. आज वो बार बार मुझे देख रही थी. जब हम दोनों की नजरें मिलती थी तो वो स्माइल देती थी. मैं सब लोगों के लंच करने के बाद ही लंच के ली जाता हूँ. और आज नेहा मेडम भी लंच के लिए नहीं गई थी. वो अपने चश्मे लगा के काम में ही लगी हुई थी. एडमिन ऑफिस में हम दोनों ही थे तब.

तभी नेहा मेडम ने मुझे आवाज दी तो मैं उनके टेबल के पास चला गया.

मैं कहा, बोलिये मेडम.

उसने ऊपर देख के कहा, काम हो गया सब?

मैंने कहा, हां मेडम बस एक लास्ट रो हे उसे देखनी हे, अभी देता हु आप को.

नेहा मेडम: अच्छा तुम मुंबई में कहा रहते हो?

मैंने कहा: पनवेल में.

नेहा मेडम: अकेले हो या फेमली हे साथ में?

मैंने कहा नहीं मेडम मैं अकेला ही हूँ अभी तो. दो दोस्तों ने मिल के एक 1 बीएचके लिया हे लेकिन वो फ्रेंड की सेमेस्टर खराब हुई हे इसलिए अकेला हूँ मैं.

वो बोली: अजय तुम मेरा एक काम कर सकते हो क्या?

मैंने कहा: हां बोलिए ना मेडम.

उसने कहा, अगले हफ्ते कंपनी में आईएसओ वालों का इंस्पेक्शन हे और मुझे बहुत सब फाइल्स रेडी करनी हे. तुम क्या आज रात को मेरे प्लेस पर रुक के मेरी हेल्प कर सकते हो. वैसे भी कम संडे हे इसलिए आज रात को जितना खिंच जाए उतना कर लेंगे हम.

मैंने कहा लेकिन मेडम आप तो मेरे घर से काफी दूर रहती हे ना!

उसने कहा, तुम एक काम करो मैं पनवेल से ही तुम्हे पिक कर लुंगी. तुम पनवेल स्टेशन के सामने आ जाना. और अपने साथ में नाईट में पहनने के कपडे भी ले लेना.

मैंने कहा ठीक हे मेडम.

शाम को ठीक 6 बजे के करीब मेडम का कॉल आया मेरे मोबाइल पर. उसने पूछा कहा हो. मैंने कहा मैं पनवेल स्टेशन पर ही हूँ मेडम. तो उसने कहा, सामने मिठाई वाले की दूकान के पास इंडिका दिख रही हे?

मैना कहा, हां देखी मेडम.

वो बोली, उसके अन्दर आ जाओ.

मैंने कार के अन्दर जा के दरवाजा खोला तो वो अन्दर ड्राइविंग सिट पर बैठी थी. मैं उसे इवनिंग विश कर के अन्दर बैठ गया. मुझे लगा की मेडम मुझे ले के सीधे अपने घर पर जायेगी वर्क लोड के लिए. लेकिन वो तो सीधे मुझे यहाँ के एक बड़े मॉल में ले गई. और बोली तुम को जो शोपिंग करना हे वो कर लो. मैंने अपने लिए एक घड़ी और शर्ट लिया. मेडम ने बोला, मूवी देखोगे?

मैंने कहा हां मेडम.

उसने दो टिकेट ली और फिर हम मूवी में घुस गये. मूवी के बाद मॉल के सामने ही एक बड़े रेस्टोरेंट में मेडम ने खाना खिलाया और फिर हम नेहा मेडम के घर की तरफ निकल गए. घर पहुंचे तब रात के 11 बज गए थे. मेडम एक बड़े फ्लेट में रहती थी वो एक बड़ी बिल्डिंग के 10वे फ्लोर के ऊपर था. मेडम ने अपने कमरे में घुसते ही एसी को ओन कर दिया. फिर वो बोली, अजय तुम बैठो मैं फ्रेश हो के आती हूँ. वो नहाने के लिए गई और मेरे दिमाग के अंदर बड़े अजीब अजीब से ख्याल चलने लगे थे. तभी बाथरूम से नेहा मेडम की आवाज आई, अजय प्लीज़ मुझे तौलिया देना मैं बहार ही भूल गई हूँ.

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