मामा की लड़की और मेरा प्रेम प्रसंग

मैं फ्रेश होकर आया तो खाना लगा हुआ था| हमने साथ में खाना खाया| खाना वाकई बढ़िया बना था| और उनसे बातें करते हुए खाने से खाने का स्वाद दुगुना हो गया| खाना खाते और बातें करते रात के 10 बज गए| मैंने देखा कमरे में एक ही बेड है तो मैंने दीदी से कहा- मैं हॉस्टल चलता हूँ|

उन्होंने कहा- इतनी रात में कहाँ जाओगे? आज यहीं सो जाओ| कल सुबह चले जाना|

मैं आंतरिक प्रसन्नता से बात मान गया| और वहीँ बैठ गया| दीदी कपड़े बदलने चली गयीं| वापिस आयीं तो एक कैप्री और ढीली टी शर्ट पहनी हुयी थी| बाल खुले हुए थे और वो काफी सेक्सी लग रहीं थीं| शायद वो मेरा घूरना भाँप गयीं और टोका- क्या देख रहे हो?

मैं हडबडाया ललेकिन चूँकि अब तक हम दोस्त की तरह हो चुके थे इसलिए बोल दिया- दीदी! आप बहुत सेक्सी लग रहीं है|

उन्होंने भी इतराते हुए कहा- थैंक्स!!!

और हँस पड़ी| मैं सोच रहा था की ख़ुशी दीदी को कह दूं की “आप मुझे पसंद हो!” पर हिम्मत नहीं हुई| फिर हम दोनों में बहस होने लगी की बेड पे कौन सोयेगा? मैं उन्हें सुलाना चाहता था और खुद नीचे सोने के लिए कह रहा था जबकि वो इसका उल्टा| अंततः हम दोनों ने एक साथ एक ही बेड पे सोने का निर्णय लिया| इस बहस से मुझे उस शर्त वाली बहस की याद आ गयी| मैंने उन्हें कहा- दीदी! याद है वो शर्त जो हमारे बीच लगी थी| और आप हार गयीं थी|

ख़ुशी- हाँ याद है! बोलो क्या चाहिए तुम्हें?

मैं इस प्रश्न के लिए तैयार नहीं था| हलके से बुदबुदाया “मन तो कर रहा है की 100 किस मांग लूँ|”

लेकिन उन्होंने सुन लिया और कहा- क्या कहा? किस करने को बोल रहे हो न?

मैंने सोचा नहीं था की वो सुन लेंगी| मैं डर गया| मैं मुँह दूसरी तरफ करके सो गया| मन मे यही चल रहा था की दीदी क्या सोच रही होंगी|

थोड़ी देर बाद दीदी ने मुझे आवाज दी- क्रिशु!

दी प्यार से मुझे क्रिशु कहती है| मैं कुछ नहीं बोला तो उन्होंने मुझे अपनी तरफ खींचा और मेरा चेहरा उनकी तरफ किया| अँधेरे मे कुछ नजर नही आ रहा था|

दीदी ने मेरे कान के पास आकर धीरे से कहा- क्रिशु! अब शर्त तो पूरी करनी पड़ेगी न| लेकिन मैं सिर्फ गाल पे किस दूँगी|

मुझे तो सुन कर यकीन ही नहीं हुआ कि दीदी किस के लिए तैयार है| मेने अभी भी कोई हरकत नही की| ख़ुशी दीदी मेरे बिलकुल करीब आ गयीं| वो मुझसे बिलकुल चिपकी हुयी थीं| उनकी साँसे मैं महसूस कर रहा था| मेरे दिल की धड़कने भी तेज हो रही थी| ख़ुशी मेरे गाल की तरफ बढ़ी और धीईईरे…. से मेरे गालों को अपने कोमल होठों से छुआ| मेरे शरीर मे करंट दोडने लगा|

अब दीदी ने मेरे चेहरे को उनके हाथों मे लिया और धीरे- धीरे किस करने लगी गाल पे| मैं भूल गया था की वो मेरी मामा की लड़की है| बस याद था तो ख़ुशी के होठ| अभी भी मैं वो स्पर्श महसूस कर सकता हूँ| मैं धीरे- धीरे गर्म होने लगा था| दीदी अब किस मेरे होठों के बहुत करीब कर रही थी| जो मुझे और उत्तेजित कर रहा था| दीदी की साँसे मुझसे टकरा रही थी| अचानक दीदी ने मुझे मेरे होठो पे किस किया| आह्ह्हह्ह ……हाआय्य्य्य मेने भी अपने होठ चलाना शुरू किया| ख़ुशी का कोई विरोध नहीं था|

मैंने अपना हाथ ख़ुशी की कमर पे रखा और अपनी और खींचने लगा| ख़ुशी भी उत्तेजित हो गयी थी| हम दोनों अपना होश खो चुके थे, बस याद था तो सिर्फ वो स्पर्श| गर्मी बढ़ने लगी थी| मैंने हाथ के इशारे से ख़ुशी को रोका, तो वो रुक गयी| फिर मैंने जल्दी से अपने सारे कपड़े निकाल दिए| ख़ुशी से कहा तो ख़ुशी ने कहा- तुम ही निकाल दो न क्रिशु!!

मैंने ख़ुशी के सारे कपड़े उतार दिए| फिर वापस मैंने ख़ुशी के होठों को चूमना चालू कर दिया| दो नंगे जिस्म अब एकाकार होने को थे| सिर्फ एक कमी थी जिसका संकेत मेरा लंड दे रहा था| अब तक बिलकुल कठोर हो चुका था| मैं उठकर बैठ गया और ख़ुशी को अपनी जांघों पे बिठा लिया| अब मैं ख़ुशी के मांसल बूब्स को पीने लगा| नीचे उसकी चूत से रस टपकना शुरू हो चुका था| ख़ुशी के मुँह से सिसकारियाँ तेज हो रहीं थी|

लेकिन अचानक वो मेरे पैरों से नीचे उतर गयीं और बोलीं- नहीं क्रिशु! आज नहीं|

मैंने कहा –क्यों?

उन्होंने कहा- बस कोई सवाल मत करो| लेकिन आज नहीं|

मैं- ठीक है! मैं फ़ोर्स नहीं करूंगा| मैं आपसे प्रेम करता हूँ| आपकी इच्छा का सम्मान करूंगा|

इतना सुनना था कि वो मुझसे फिर से लिपट गयीं, और मुझे बेतहाशा चूमने लगीं| मैं मदहोश हुआ जा रहा था| फिर उन्होंने मेरा लंड पकड़ के अपपनी चूत में घुसाने लगीं| लेकिनसफल नहीं हुयीं| मैं समझ गया की बिना चुदाई के आज तो आग बुझने से रही| बिना कुछ कहे मैंने उन्हें बेड पे ही लिटा दिया| उनकी टांगों को खोल कर उनकी चूत चुसाई करने लगा|

अब दोनों इस अवस्था में पहुँच चुके थे कि मेरे लिंग का प्रवेश उनकी चूत में जरूरी हो गया था| मैंने लंड को उनकी चूत पे सेट किया जो अपने कामरज के प्रभाव से काफी चिकनी हो चुकी थी| मैंने एक ही धक्के में अपने लंड को उनकी चूत में प्रविष्ट करा दिया| वो दहल उठीं| बड़ी मुश्किल से उन्होंने अपनी चीख को काबू में किया, और मुझे दोनों हाथों से पीछे धक्का देने का प्रयास करने लगीं|