मामा की लड़की और मेरा प्रेम प्रसंग

लेकिन मैंने उनको चूमना शुरू कर दिया| कुछ देर में जब उनके चेहरे से दर्द के भाव चले गए तो मैंने अपनी कमर हिलानी शुरू कर दी और हलके धक्कों से उनको आनंदित करने लगा| कुछ ही देर में हम आनंद के शिखर पे थे| लंड और चूत की चुदाई से निकलती फच-फच की आवाज पूरे कमरे को गुंजायमान कर रही थी| फिर हम दोनों साथ में ही झड़ गए|

ये हम दोनों के लिए ही चुदाई का पहला अवसर था| जब तूफ़ान शान्त हुआ तो हम दोनों एक दूसरे की बाहों में थे| तब ख़ुशी ने कहा – क्रीशु मैं तुमसे प्यार करने लगी हूँ| मैं तुम्हें कबसे कहना चाहती थी, पर रिश्ते की वजह से डरती थी| मैने कभी नहीं सोचा था कि हम दोनों हमबिस्तर होंगे|

ऐसा बोल के ख़ुशी ने एक किस होठों पे किया| तो दोस्तों! ये थी मेरी और ख़ुशी की कहानी जो अन्तर्वासना पर मेरी पहली कहानी है| पसंद आये तो मुझे मेल जरुर करना|