मेरी चूत की चुदाई कार में

दीपक ने थोड़ा जंगल के पास सुनसान में गाड़ी साइड में खड़ी कर दी और मैं पेशाब करके वापस आयी तो दीपक कहीं दिखा नहीं।
ध्यान से देखा तो पता चला दीपक कार के पीछे बैठा है।

मैं दीपक के पास जाकर बोली- क्या हुआ? अब चलो भी।
दीपक मेरी आंखों में देखते हुए बोला- मैं तुम्हें पाना चाहता हूँ. और जब तक तुम हाँ नहीं बोलोगी, मैं कहीं नहीं जाऊंगा।
मैं बोली- दीपक, मुझे डर लग रहा है. यहाँ जंगल और अंधेरा है।

दीपक ने मेरा हाथ पकड़ के अपनी बांहों में कस लिया और बोला- कार के अंदर हम सुरक्षित हैं.
और वह मेरे होठों को चूमने लगा।

Meri Chut Ki Chudai Car Me
Meri Chut Ki Chudai Car Me
मेरे शर्ट का बटन टूटा था तो वो ऊपर से सीधे मेरे उभारों को छूने लगा। थोड़ी देर ही किस करने और उभारों को मसलने से मैं वासना के नशे में आ गयी क्योंकि आशु से रिलेशन बने महीनों बीत गये थे।
मैं भी अब दीपक को किश करने लगी और हम दोनों गर्म हो गये।

फिर दीपक मेरे सारे कपड़े एक एक करके हटाता गया। दीपक भूखे शेर की तरह मेरे पूरे जिस्म को चूमने लगा।
मैं बस सिसकारियाँ लेती रह गयी।

फिर दीपक ने खुद के सारे कपड़े जैसे हटाये तो मैंने देखा कि दीपक का लण्ड थोड़ा छोटा है।
मैंने सोचा कि इसे मुंह में लेकर बड़ा कर दूं।
और मैं दीपक का लण्ड पकड़ के चूसने लगी।

मैं बहुत दिन बाद लंड चूस रही थी तो मुझे बहुत मजा आ रहा था और मैं पूरे दिल से भाई का लंड चूस रही थी.

दीपक कराह उठा और मुझे उठा के अपने ऊपर 69 पॉजीशन में ले आया. फिर मैं उसके लण्ड को चूस रही थी और दीपक मेरी चूत चाटने लगा। हम दोनों के मुंह से सिसकारियां निकलने लगी।

जब हम दोनों गर्म हो गये तो दीपक ने मुझे डॉगी स्टाईल में आने बोला।
मेरे डॉगी स्टाईल में आते साथ दीपक मुझे पीछे से जकड़ लिया और अपने लण्ड में थूक लगा के मेरी चुत से सटा दिया और एक जोर के झटके से अपने लण्ड को पूरा मेरी चुत में डाल दिया।

मैं जोर से कराह उठी उम्म्ह… अहह… हय… याह… क्योंकि बहुत दिनों से किसी ने मेरी चूत की चुदाई नहीं हुई थी।

दीपक मेरा पीठ और उभारों को सहलाते हुए जोर जोर से झटके मारने लगा। दीपक का लण्ड छोटा जरूर था लेकिन मुझे देर तक चोदता रहा।

मैं जल्द झड़ गयी लेकिन दीपक झड़ नहीं रहा था तो दीपक गाड़ी से मुझे बाहर लाकर अपनी गोद में उठा के चोदने लगा। अब मेरा पूरा वजन दीपक के लण्ड पे पड़ने लगा और दीपक मुझे उछाल उछाल के चोदने लगा।

दीपक ने झड़ने से पहले मुझे कार में वापस लाके लेटा दिया और चिपक के बांहों में कस के चोदने लगा।
मुझे भी जन्नत का अहसास होने लगा और मैं दुबारा झड़ गयी.

थोड़ी देर में दीपक भी झड़ गया और हम दोनों चिपक के लेटे रहे।

कुछ देर बाद दीपक ने मुझे दुबारा चोदा और पूरा आनंद दिया जो मैं चाहती थी।

इसके बाद हम दोनों वापस गये। दीपक मुझे गुड नाईट किस देकर शादी में चला गया और अगले दिन वापस चला गया।

इसके बाद दीपक जब भी शहडोल आता है तो अच्छे से मेरी चूत की चुदाई करके ही जाता है।
दीपक से मुझे सेक्स का मजा मिलता है और मुझे उससे लगाव भी हो गया है.
ऐसा नहीं कि डॉ आशु के साथ चुदाई में मुझे मजा नहीं आता था. पर सच यही है कि दीपक ज्यादा मजा देकर चोदता है.

लेकिन अब आशु से मेरी फिर से बात चालू हो चुकी है। आशु मेरा भविष्य है और दीपक शादीशुदा इंसान जो दूर का भाई भी है।

मैं दोनों को एक दूसरे की बात बता नहीं सकती.
कई बार मुझे लगता है कि रिश्तों में चुदाई करके मैं गलत कर रही हूँ. मैं अपने ही भाई की बीवी का हक़ छीन रही हूँ.
यही वजह है कि मुझे आप लोगों की राय चाहिये कि अब मैं क्या करूं?

मेरी चूत की चुदाई की सच्ची कहानी आपको कैसी लगी? अपने विचार मुझे जरूर बताएं नीचे कमेन्ट करके और मुझे इमेल करके!